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छत और बालकनी में खेती कर कमाएं पैसा, यहां से लें ट्रेनिंग

दो दिन की ट्रेनिंग से सीख जाएंगे टेरस व बालकनी फार्मिंग

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नई दिल्ली. पिछले कुछ सालों में अर्बन फार्मिंग का कंसेप्ट बढ़ा है। अर्बन फार्मिंग से आशय शहरों में की जाने वाली खेती से है। यानी कि आप अपने घर में खेती करके न केवल ऑर्गेनिक फूड खा सकते हैं, बल्कि इसका बिजनेस भी कर सकते हैं। लेकिन अर्बन फार्मिंग करना आसान नहीं है। अगर आप अर्बन फार्मिंग सीखना चाहते हैं तो सरकारी संस्थान निसबड द्वारा दो दिन की ट्रेनिंग कराई जा रही है। आप हम आपको इस ट्रेनिंग के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। साथ ही, यह भी बताएंगे कि अगर आप यह ट्रेनिंग लेना चाहते हैं तो आपको क्या करना होगा?  

 

ये हैं अर्बन फार्मिंग 
अर्बन फार्मिंग चार तरह से होती हैं । 
- टेरस फार्मिंग (छत पर खेती)
- बालकनी फार्मिंग 
- वर्टिकल फार्मिंग 
- एक्वापोनिक्स 

 

क्या दी जाएगी ट्रेनिंग 
ट्रेनिंग के दौरान आपको चारों तरह की फार्मिंग की बारीकियां बताई जाएंगी। जैसे कि किस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पड़ेगी, इक्विपमेंट्स की कीमत क्या होगी, एक टैरस फार्म को कैसे बनाया जाएगा और छत पर खेती के फायदे और चुनौतियां क्या होंगी। 

 

कब है ट्रेनिंग 
यह ट्रेनिंग 15 व 16 दिसंबर को वीकेंड पर दी जाएगी। ट्रेनिंग नोएडा के सेक्टर 62 स्थित निसबड के सेंटर पर दी जाएगी। निसबड, मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरिशप के तहत काम करने वाली ऑटोनोमस इंस्टिट्यूट है। 

 

क्या है फीस 

इस दो दिन की ट्रेनिंग की फीस 3000 रुपए रखी गई है। इसके अलावा आपको 18 फीसदी जीएसटी भी देना होगा। 

 

कैसे करें अप्लाई 
अगर आप अर्बन फार्मिंग की इस ट्रेनिंग में हिस्सा लेना चाहते हैं तो आप इस लिंक https://www.niesbud.nic.in/docs/2018-19/Programmes/December/edp-on-urban-farming-green-business-for-entrepreneurs-15-dec-niesbud.pdf  पर क्लिक करके सारी जानकारी ले सकते हैं। 

 

आगे पढ़ें .... छत पर  उगाते हैं 700 किलो सब्जियां 

 

छत पर  उगाते हैं 700 किलो सब्जियां 
 

आईआईटी ग्रेजुएट कौस्तुभ खरे और साहिल पारिख बाकायदा 'खेतीफाई' नाम से अपनी बिजनेस कंपनी बनाकर मात्र उन्नीस हजार की लागत से दो सौ वर्ग मीटर की छत पर सात-आठ सौ किलो सब्जियां उगा रहे हैं। इनका मॉडल भी बिना मिट्टी-पानी वाला है। उन्होंने भी छत पर खेती करने के लिए वॉटर प्रूफ क्यारियां बनाई हैं। जैविक सामग्री से लैस इन क्यारियों में भिंडी, टमाटर, बैंगन, मेथी, पालक, चौलाई, पोई साग और मिर्च उगाई जा रही हैं।

 

आगे पढ़ें ... क्या है वर्टिकल खेती 


क्या है वर्टिकल खेती 
वर्टिकल खेती को सामान्य भाषा में खड़ी खेती भी कह सकते हैं। यह खुले में हो सकती है और इमारतों व अपार्टमेंट की दीवारों का उपयोग भी छोटी-मोटी फसल उगाने के लिए किया जा सकता है। वर्टिकल फार्मिंग एक मल्टी लेवल प्रणाली है। इसके तहत कमरों में एक बहु-सतही ढांचा खड़ा किया जाता है, जो कमरे की ऊंचाई के बराबर भी हो सकता है। वर्टिकल ढांचे के सबसे निचले खाने में पानी से भरा टैंक रख दिया जाता है। टैंक के ऊपरी खानों में पौधों के छोटे-छोटे गमले रखे जाते हैं। पंप के जरिए इन तक काफी कम मात्रा में पानी पहुंचाया जाता है। 

 

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