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फूड पार्क के लिए सरकार दे रही है 50 करोड़ तक की ग्रांट, इन राज्यों में हैं मौके

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत सरकार दे रही है बड़ा ऑफर

What is the Mega food park scheme

Mega Food Park Scheme : 

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत 17 राज्यों में मेगा फूड पार्क स्थापित करने की घोषणा की है। इस स्कीम के तहत इन राज्यों में फूड पार्क स्थापित करने वालों को 50 करोड़ तक की सब्सिडी दी जाएगी। इस संबंध में मिनिस्ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज ने एक विज्ञापन जारी कर उन राज्यों में एग्री प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से आवेदन मांगे हैं। आइए जानते हैं, क्या है यह स्कीम ... 


नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत 17 राज्यों में मेगा फूड पार्क स्थापित करने की घोषणा की है। इस स्कीम के तहत इन राज्यों में फूड पार्क स्थापित करने वालों को 50 करोड़ तक की सब्सिडी दी जाएगी। इस संबंध में मिनिस्ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज ने एक विज्ञापन जारी कर उन राज्यों में एग्री प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से आवेदन मांगे हैं। आइए जानते हैं, क्या है यह स्कीम ... 

 

क्या है मेगा फूड पार्क 
मेगा फूड पार्क स्कीम का उद्देश्य किसानों, प्रोसेसिंग इंडस्ट्री तथा खुदरा बिक्रेताओं को एक साथ लाना है और एग्री प्रोडक्ट्स को बाजार से जोड़ने के लिए एक सिस्टम उपलब्ध कराना है। इसका उद्देश्य एग्री प्रोडक्ट्स के कीमतें बढ़ाना, फूड प्रोडक्ट्स की बर्बादी को कम करना, किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। यह स्कीम कलस्टर अप्रोच पर आधारित है। इसमें एग्री या हॉर्टीकल्चरल जोन बनाए जाने हैं, जिसमें मॉडर्न फूड प्रोसेसिंग यूनिट और एक बेहतर सप्लाई चेन स्थापित होगी। जहां एग्री या हॉर्टीकल्चरल प्रोडक्टस के कलेक्शन सेंटर होंगे, प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर होंगे, सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर भी होंगे और साथ ही कोल्ड चेन होगी। इस मेगा फूड पार्क में एंटरप्रेन्योर्स के लिए पूरी तरह से विकसित 30 से 35 प्लॉट्स होंगे, जो अपनी फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगा सकेंगे। 

 

50 करोड़ तक की ग्रांट मिलेगी 
इस स्कीम की खास बात यह है कि इस स्कीम में केंद्र सरकार द्वारा बड़ी ग्रांट दी जाती है। जैसे कि सामान्य क्षेत्रों में कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट की 50 फीसदी ग्रांट दी जाती है, जो अधिकतम 50 करोड़ रुपए हो सकती है। मतलब, अगर आपका प्रोजेक्ट की लागत 100 करोड़ रुपए है तो आपको केवल 50 करोड़ ही लगाने होंगे, सरकार आपको 50 करोड़ रुपए ग्रांट के तौर पर देगी। इस ग्रांट में जमीन की कीमत शामिल नहीं होगी। दुर्गम और पहाड़ी राज्यों जैसे कि सिक्किम, जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और आईटीडीपी अधिसूचित क्षेत्रों सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्‍यों में प्रोजेक्ट कॉस्ट का 75% (भूमि लागत को छोड़कर) परंतु अधिकतम 50 करोड़ रुपये एक मुश्त ग्रांट के तौर पर दिए जाएंगे। 

 

इन राज्यों में हैं मौके 
मिनिस्ट्री द्वारा जारी विज्ञापन के मुताबिक, गोवा, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, तमिलनाडु सहित सभी केंद्र शासित राज्यों से आए प्रपोजल पर विचार किया जाएगा। यदि इन राज्यों से कोई प्रपोजल नहीं आता है तो बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर, छतीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मिजोरम, नागालैंड व त्रिपुरा में मेगा फूड पार्कों की स्थापना के लिए प्रपोजल भेजे जा सकते हैं। 

 

कब तक कर सकते हैं अप्लाई  
अगर आप मेगा फूड पार्क के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आप 9 फरवरी 2019 तक  मंत्रालय के एड्रेस पर अप्लाई कर सकते हैं। 

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