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25 रुपए में बन जाएगी एक किलो बायो सीएनजी, आपको भी मिल सकता है इस बिजनेस से जुड़ने का मौका

पराली एवं बेकार की बीजों से तैयार होगी सीएनजी, सभी गाड़ियों में हो सकेंगी इस्तेमाल

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मनी भास्कर नई दिल्ली

सरकार ने पराली एवं जंगली बीजों से बायो सीएनजी तैयार करने का फार्मूला तैयार कर लिया है। इसका सफल परीक्षण भी हो चुका है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक छोटे शहर एवं कस्बे तक में बायो सीजन प्लांट लगाने की योजना है ताकि पराली एवं बीज जैसे कच्चे माल की आपूर्ति आसानी से हो सके। जल्द ही इस मामले में स्कीम की घोषणा की जा सकती है। मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक छोटे शहर स्तर पर प्लांट लगने से प्लांट में रोजगार निकलने के साथ पराली व बीज सप्लाई जैसे रोजगार के कई मौके निकलेंगे। इस प्रकार के प्लांट लगाने के काम में निजी कंपनियों के भी  सहयोग लिए जा सकते हैं।

 

1 किलो बायो सीएनजी बनाने के लिए 7 किलो पराली

मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक एक किलोग्राम बायो सीएनजी बनाने में सात किलो पराली की जरूरत होगी और कुल लागत 25 रुपए आएगी। नागपुर में किसानों की एक सोसायटी यह प्रयोग कर रही है। परिवहन मंत्रालय के मुताबिक पराली एवं जंगली बीजों से बनने वाली सीएनजी की खपत छोटे शहर व गांव स्तर पर करने के लिए ट्रैक्टर एवं अन्य गाड़ियों के लिए सीएनजी किट का निर्माण करवाने का फैसला किया गया है। देश के सभी ट्रैक्टर में बायो सीएनजी किट लगाने की योजना है। इस किट की कीमत 30,000 रुपए होगी।

 

जंगली बीज की खेती से कमा सकेंगे लाखों

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक जंगली बीज (सीड) की खेती करके लाखों रुपये कमा सकते हैं। यह मौका प्रधानमंत्री मोदी की सरकार देने जा रही है। सरकार इन बीजों से बायो-फ्यूल तैयार करेगी जिससे हवाई जहाज तक उड़ेंगे। अभी हवाई जहाज उड़ाने के लिए भारत सालाना लगभग 30,000 करोड़ रुपये के फ्यूल का आयात करता है। सरकार आने वाले चार-पांच सालों में इस आयात की राशि को कम से कम 10,000 करोड़ कम करना चाहती है। इसकी भरपाई के लिए देश में बायो जेट फ्यूल बनाए जाएंगे।

 

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कैसे होगी जंगली बीज से लाखों की कमाई

 

गडकरी के मुताबिक गैर खाद्य तेल वाले जंगली बीज से बायो जेट फ्यूल का उत्पादन आसानी से किया जा सकता है। देश के वैज्ञानिकों ने इसे तकनीकी रूप से साबित कर दिया है। इन बीजों में मुख्य रूप से रतनजोत, मोह, साह, टोली नामक जंगली बीज है जो उड़ीसा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र व झारखंड जैसे इलाकों में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जट्रोफा का उत्पादन देश में कम है, इसलिए फिलहाल उससे इस्तेमाल के लायक बायो जेट फ्यूल बनाना मुमकिन नहीं है।

 

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क्या होगी कीमत

 

गडकरी के मुताबिक इन जंगली बीज को 10-12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से सरकार खरीदेगी। 3 किलोग्राम से एक लीटर फ्यूल का उत्पादन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि अभी एयलाइंस कंपनियां लगभग 70 रुपये प्रति लीटर की दर से फ्यूल की खरीदारी करती है। अगर हम इन कंपनियों को 52 रुपये प्रति लीटर देंगे तो कंपनियों को भी फायदा होगा और किसानों को भी।

गडकरी ने बताया कि सरकार आने वाले वर्षों में अपने आयात बिल को कम करना चाहती है। इसलिए सरकार चाहती है कि हवाई जहाज के फ्यूल के आयात बिल में 10,000 करोड़ तक कमी लाए जाए।

 
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