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नए जमाने के हैं ये 5 बिजनेस, बिना पैसा लगाए होने लगेगी कमाई

विदेश की तर्ज पर भारत में हो सकते हैं ये बिजनेस

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नई दिल्ली. ऐसे तमाम बिजनेस हैं, जो पहले विदेश में शुरू हुए और उसके बाद इंडिया में। खासकर ई-कॉमर्स बिजनेस का कॉन्सेप्ट भी इसी तरह का है। इसी तरह के कई और सर्विस आइडिया हैं, जो अभी विदेश में हिट हैं। ऐसी खास सर्विस देने के लिए वहां बाकायदा कंपनियां 'सर्विस प्रोवाइडर' के तौर पर लिस्टेड हैं। इंडिया में भी तेजी से ऐसी सर्विस की डिमांड बढ़ रही है। यदि आप इस तरह के आइडिया पर काम करते हैं, तो फ्यूचर में बड़ी कंपनी खड़ी कर सकते हैं। मनीभास्कर आपको बता रहा है ऐसे ही 5 सर्विस आइडियाज के बारे में।

 
पर्सनल शॉपर


पर्सनल शॉपर आपको शॉपिंग में मदद करते हैं। जब आप कीमती सामान की खरीदारी करने जाते हैं, तो ऐसे लोग एडवाइजर के तौर पर काम करते हैं। आप इस टैलेंट के साथ किसी शोरूम में काम कर सकते हैं या फिर अपनी कंपनी शुरू कर सकते हैं। ऐसी सर्विस देने वाले लोग दो तरह से कमाई करते हैं। पहला, वह जिस स्टोर में अपने ग्राहक को ले जाते हैं, वह उन्हें सामान की बिक्री में हिस्सा देते हैं। दूसरा, ग्राहक की पसंद की जगह जाने पर शॉपर सलाह की फीस लेते हैं। विदेशों में इस तरह का काम करने वाले लोग दुकानदार से कुल कमाई का 15% लेते हैं। इस काम में ऐसे लोग सफल होते हैं, जिन्हें न केवल ब्रांड्स की पहचान होती है बल्कि वह मोलभाव भी कर लेते हैं। जितनी बार आप अपने ग्राहक को बेहतर कीमत पर अच्छा सामान खरीदने में मदद करते हैं। आपके लिए नए ग्राहक की संभावनाएं उतनी ही बढ़ जाती हैं। इस काम का सबसे खास पहलू यह है कि अगर आप शॉपर एक्सपर्ट साबित होते हैं तो आप किसी भी बड़ी शख्सियत के साथ कॉन्ट्रैक्ट कर सकते हैं।
 
हाउस सिटिंग
 
विदेश में हाउस सिटिंग काफी सफल सर्विस है। दरअसल, ये ऐसी सर्विस होती है जिसमें कोई सर्विस प्रोवाइडर किसी व्यक्ति की गैरमौजूदगी में कुछ समय के लिए उसके घर की देखभाल करता है। इससे घर में चोरी का डर खत्म हो जाता है। पालतू जानवर या फिर बुजुर्गों की देखभाल हो जाती है। इस सर्विस को लेने के बाद लोगों को बाहर घूमने का समय मिल जाता है। बदले में कस्टमर प्रतिदिन के हिसाब से पैसे देते हैं। इसके लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं है, न ही आपको कोई बड़ा निवेश करना है। बस आपको बातचीत का सलीका और घर को संभालने की जिम्मेदारी आनी चाहिए। साथ ही आपके पास वो सभी सर्टिफिकेट होने चाहिए जिससे ग्राहक आप पर भरोसा कर सके। अमेरिका की कंपनी http://housesitter.com/ के मुताबिक दिन में सर्विस देने के लिए उसके एंप्लाई को 25-30 डॉलर और 24 घंटे देखभाल करने के लिए 50 डॉलर मिलते हैं। 

 

स्पेसलाइज्ड ब्लॉगर/ रिसर्चर
 
अगर आप किसी कंपनी के प्रोडक्ट या सर्विस को रिव्यू करते हैं और कंपनी को लगता है कि उससे टार्गेट कस्टमर बढ़ सकते हैं, तो आपके लिए कमाई का रास्ता खुल सकता है। गैजेट, मूवी, ट्रैवेल के ब्लॉग भारत में जम चुके हैं। लेकिन हेल्थ, सिस्टम टेस्टिंग, टेक्नोलॉजी जैसे प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों में इसके चांस काफी हैं। दरअसल, मार्केटिंग के लिए कंपनियां अपने ऐड कैंपेन पर ही भरोसा नहीं करतीं, ब्लॉगर से भी मदद मांगती हैं। अगर आप गंभीरता के साथ कंपनी के प्रोडक्ट और कस्टमर की डिमांड को समझा सकते हैं, तो कंपनी आपसे संपर्क करेगी।

 

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ऑफिस प्लांट सर्विस
 
अगर आपको बागवानी का थोड़ा बहुत भी शौक है, तो आप अपने इस शौक को सफल बिजनेस में बदल सकते हैं। दरअसल, आजकल आफिस, मॉल सभी जगह बागवानी का ख्याल रखा जाता है। इस तरह की सर्विस के लिए कंपनियां एक्सपर्ट लोगों को हायर करती हैं। आप भी इसके लिए किसी नर्सरी से कॉन्टेक्ट कर सकते हैं। साथ ही लैंडस्केप डिजाइन की जानकारी ले सकते हैं। प्लांट सर्विस पौधों का मैनेजमेंट है जिसमें सर्विस प्रोवाइडर नर्सरी और अपने प्रोजक्ट के बीच इस तरह तालमेल बनाता है, कि उसके प्रोजेक्ट में हमेशा हरे भरे और स्वस्थ पौधे दिखते रहें। प्लांट सर्विस के लिए कई पैसे वाले लोग भी कॉन्ट्रेक्ट करते हैं। भारत में ये जॉब नया नहीं है लेकिन फिलहाल मल्टीनेशनल कंपनियां या अमीर लोग ही लैंडस्केप आर्टिस्ट को हायर करते हैं। छोटे शहरों में बड़ी कंपनियों के ऑफिस खुलने और पर्यावरण के प्रति जागरुकता बढ़ने के साथ ही प्लांट सर्विस का काम बढ़ सकता है। प्लांट सर्विस कंपनियां प्रोजेक्ट के साइज के हिसाब से चार्ज करती हैं। आप छोटे स्तर से शुरुआत कर सकते हैं।  
 

 

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वर्चुअल असिस्टेंट
 
वर्चुअल अस्टिटेंट का मतलब इंटरनेट, मोबाइल, और आधुनिक तरीकों के जरिए क्लाइंट को मदद देना है। कई बार इसमें सर्विस प्रोवाइडर और क्लाइंट आपस में सिर्फ नेट या मोबाइल से ही जुड़े होते हैं। आप सिर्फ एक स्मार्टफोन की मदद से बतौर वर्चुअल अस्टिटेंट काम शुरू कर सकते हैं। इस काम का दायरा बहुत बड़ा है, आप क्लाइंट के फोन, मेल की जिम्मेदारी उठा सकते हैं। छोटे प्रोजेक्ट की बजट पर नजर रख सकते हैं। पर्सनल इन्वेस्टमेंट की जिम्मेदारी ले सकते हैं। वेब डिजाइन से लेकर ऐसा कुछ भी काम जिस में आपको महारत हो वर्चुअल असिस्टेंट के तौर पर ऑफर कर सकते हैं। आप इस काम को अपने स्तर से शुरू कर सकते हैं। या फिर कई वर्चुअल असिस्टेंट को एक साथ जोड़ कर अपनी कंपनी तैयार कर सकते हैं।

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