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पैसे की है जरूरत तो लोन की बजाय अपनाएं ये तरकीबें

बस आइडिया से ही मिल जाएगा बिजनेस के लिए पैसा

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नई दिल्ली. किसी भी प्रोजेक्ट या काम के लिए पैसा जुटाना उस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे मुश्किल और अहम हिस्सा होता है। फाइनेंस में कर्ज को फंडिंग को सबसे सस्ता सोर्स माना जाता है। हालांकि कई बार लोग कर्ज उठाना नहीं चाहते या फिर उठा नहीं सकते। ऐसे लोगों के पैसा जुटाने के लिए अल्टरनेटिव फंडिंग काफी मददगार साबित होती है।

 

क्या है अल्टरनेटिव फंडिंग 

-    आज कल बिजनेस आइडिया के लिए फंड जुटाना भी एक बिजनेस बनता जा रहा।

-    प्रोजेक्ट में जुड़े जोखिम के हिसाब से फंड जुटाने के लिए कई नए तरीके सामने आ चुके हैं।
-    इन अल्टरनेटिव फंड में पैसा कर्ज के रूप में नहीं दिया जाता, हालांकि पैसा लगाने वाले आपसे रिटर्न की उम्मीद रखते हैं।
-    जोखिम ज्यादा होने की वजह से निवेशक बिजनेस मॉडल और आइडिया के आधार पर ही फंड करते हैं।
 
क्राउड फंडिंग
-    ज्यादा जोखिम वाले प्रोजेक्ट के लिए क्राउड फंडिंग का रास्ता सबसे कारगर होता है।
-    मूवी, म्यूजिक जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए भारत में क्राउड फंडिंग का सहारा लिया जा रहा है।
-    क्राउड फंडिंग में ज्यादा से ज्यादा लोगों से थोड़ी थोड़ी रकम ली जाती है। इससे पैसा लगाने वाले किसी एक निवेशक पर जोखिम न के बराबर रहता है।
-    पैसा जुटाने वाले अपने स्तर पर निवेशकों को रिटर्न ऑफर कर सकते हैं। इसमें पैसे से लेकर प्रोजेक्ट में उनका नाम तक कुछ भी हो सकता है।
-    क्राउड फंडिंग एक कॉन्सेप्ट है, जहां आप फैमिली और फ्रेंड्स से फंड जुटाना शुरू कर सकते हैं। वहीं, दुनिया भर में कई वेबसाइट भी इस काम में लगी हैं। 
-    वहीं यूट्यूब और फेसबुक के जरिए भी क्राउड फंडिंग आम हो चुकी है। फेमस यूट्यूब स्टार शंकर टकर अपने फैंस के जरिए भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रोजेक्ट के लिए  सिर्फ 6 दिन में 18 लाख रुपए जुटा चुके हैं।
 
ग्रांट/ अनुदान
 - ग्रांट वास्तव में आपको किसी नॉन इकोनॉमिक प्रोजेक्ट जैसे शोध, सोशल प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए दी जाने वाली आर्थिक मदद है। ये लोन नहीं होता है, इसका अमाउंट लोन के मुकाबले काफी कम होता है। हालांकि ग्रांट की मदद से प्रोजेक्ट को पूरा करने में काफी मदद मिल जाती है।
  - सरकार और कई ट्रस्ट किताबों से लेकर रिसर्च प्रोजेक्ट तक ग्रांट ऑफर करते हैं।
- डब्लूडब्लूएफ कंजरवेशन से जुड़े इश्यू, प्रोजेक्ट या रिसर्च पर 4 लाख रुपए तक की ग्रांट ऑफर करता है।
- हिंदी निदेशालय, नेशनल बुक ट्रस्ट आपको किताबें छापने के लिए फाइनेंशियल असिस्टेंट देता है।
- कई ट्रस्ट भी आपको ग्रांट ऑफर करते हैं। बड़ी यूनिवर्सिटी या पेपर में इससे जुड़े एड आते रहते हैं।
- ग्रांट पाने के लिए आपकी योग्यता और विषय पर पकड़ मुख्य पैमाना होता है। वहीं,विषय भी ऐसा होना चाहिए जिससे किसी सेक्टर या फिर समाज के हिस्से को फायदा हो।
 
कॉम्पिटीशन
-    अगर आपको लगता है कि आपका आइडिया जबरदस्त है और अपने सेग्मेंट में टॉप पर पहुंच सकता है। तो आप दुनिया भर में होने वाले कॉम्पिटिशन का सहारा ले सकते हैं।
-    भारत सरकार के साथ साथ दुनिया भर के इन्वेस्टर इन कॉम्पिटिशन का आयोजन करते रहते हैं।
-    भारत सरकार ने रेलवे इनोवेशन चैलेंज में डिजाइन के लेकर मैनेजमेंट तक के आइडिया पर 84 लाख तक के इनाम रखे हैं।
-    वहीं टेक क्रंच, वेब समिट, सेवन वेंचर, वी वेब जैसे कई जाने माने इवेंट्स में कॉम्पिटिशन का आयोजन होता है जहां नए और कामयाब आइडिए को 50 हजार डॉलर तक के ईनाम के साथ बड़े निवेशकों से मिलने का मौका मिलता है।
-    भारत में नैस्कॉम भी इसी तरह के कॉम्पिटिशन का आयोजन करता है।  
 
आगे पढ़ें : इनवेस्टर से कैसे ले सकते हैं पैसा 

 

 

इनवेस्टर 

-    अगर आप अपने काम को शुरू कर चुके हैं, लेकिन आपको फंड की ज्यादा जरूरत है तो आप सीधे बड़े इनवेस्टर से मुलाकात कर सकते हैं। अब ज्यादा से ज्यादा करोड़पति फंडिंग में उतर रहे हैं।
-    हाल ही में आई खबरों के मुताबिक एक्टर ऋतिक रोशन रतन टाटा के साथ मिलकर एक स्टार्टअप को फंड करने पर विचार कर रहे हैं।
-    मीडिया में आई खबरों के मुताबिक फैशन ब्रैंड की शुरूआत करने वाली एक कारोबारी निधि अग्रवाल ने रतन टाटा को अपने प्रोजेक्ट के बारे में ईमेल किया था। 3 महीने में टाटा ने उनके ऑनलाइन फैशन रिटेल को मदद दे दी।
-    इनवेस्टर कई तरह के होते हैं, इनमें एंजेल इनवेस्टर, वेंचर कैपटलिस्ट और पर्सनल इनवेस्टर शामिल होते हैं।
-    कई इनवेस्टर मदद कर्ज के रूप में देते हैं, तो कई आपके प्रॉफिट में हिस्सा लेते हैं। अगर आप कर्ज नहीं लेता चाहते तो आप दूसरे ऑप्शन पर बात कर सकते हैं। लेकिन उन्हे समझाना होगा कि आपके बिजनेस में रिटर्न अच्छा मिलेगा।
 
आगे पढ़ें : स्टेक सेल करके भी उठा सकता है पैसा 

स्टेक सेल
-    अगर आप पहले भी फंड उठा चुके हैं और आपको किसी भी कारण से और फंड की जरूरत है। तो आप अपने कारोबार में हिस्सा बेच सकते हैं।
-    तकनीकी रूप से किसी कंपनी को अपने पास रखने के लिए 51 फीसदी हिस्सेदारी होनी जरूरी है। बाकी के 49 फीसदी हिस्से को फंड के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
-    ये प्रोसेस थोड़ा टेक्निकल होता है, इसमें आपको अपने बिजनेस की वैल्यूएशन करनी होती है, जिसके लिए प्रोफेशनल की सर्विस चाहिए। वैल्यूएशन के हिसाब से ऑफर किए जाने वाले हिस्से की कीमत रखी जाती है। निवेशकों के लिए अगर ये कीमत वाजिब हुई और आपके पोजेक्ट में ग्रोथ की उम्मीद है, तो निवेशक आपसे हिस्सेदारी खरीद लेंगे।
-    ये तरीका स्थापित हो चुके कारोबार में काफी आम है। और फंड जुटाने का काफी कामयाब तरीका है। इसमें हिस्सा बेचने के बाद भी आप कंपनी के मालिक बने रहेंगे, लेकिन आप पर तकनीकी रूप से कोई देनदारी नहीं होगी।  

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