10 हजार रु से शुरू किया बिजनेस, आज खड़ी हो गई 44 हजार करोड़ की कंपनी

कभी यह शख्स टीचर की नौकरी किया करता था। लगभग 6 दशक पहले नौकरी छोड़कर वह सिर्फ 10 हजार रुपए लेकर दिल्ली के लिए निकल पड़े थे। आज उनका बिजनेस एम्पायर 44 हजार करोड़ रुपए का हो चुका है। हम बात हैवेल्स (Havells India) जैसे ग्रुप को सफलता के मुकाम पर ले जाने वाले कीमत राय गुप्ता (Qimat Rai Gupta) की बात कर रहे हैं, जिनका 24 जनवरी को जन्मदिन होता है। इस अवसर पर हम उनके संघर्ष के बारे में बता रहे हैं।

moneybhaskar

Jan 24,2019 05:54:00 PM IST

नई दिल्ली. कभी यह शख्स टीचर की नौकरी किया करता था, लेकिन उनका सपना तो कारोबार जगत में सफलता के झंडे गाड़ना था। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और लगभग 6 दशक पहले सिर्फ 10 हजार रुपए लेकर घर से दिल्ली के लिए निकल पड़े थे। आज उनका बिजनेस एम्पायर 44 हजार करोड़ रुपए का हो चुका है। यही नहीं ग्लोबल मार्केट में भी उन्होंने कई ऐसी डील कीं, जिससे वह दुनिया में जाना-पहचाना नाम बन गए थे। हम बात हैवेल्स (Havells India) जैसे ग्रुप को सफलता के मुकाम पर ले जाने वाले कीमत राय गुप्ता (Qimat Rai Gupta) की बात कर रहे हैं, जिनका 24 जनवरी को जन्मदिन होता है। इस अवसर पर हम उनके संघर्ष के बारे में बता रहे हैं।

महज 10 हजार रु लेकर आए थे दिल्ली

पंजाब में जन्मे कीमत राय गुप्ता (Qimat Rai Gupta) टीचर की नौकरी से संतुष्ट नहीं थे। आंखों में उद्यमी बनने का सपना लिए वह महज 10,000 रुपए लेकर 1958 में दिल्ली आ गए। पुरानी दिल्ली में उन्होंने एक इलेक्ट्रिकल गुड्स ट्रेडिंग कंपनी बनाई। कुछ साल बाद उन्हें अपनी कंपनी शुरू करने का ख्याल आया।
उस दौर में हवेली राम गुप्ता की कंपनी हैवेल्स मुश्किल दौर से गुजर रही थी। कीमत राय गुप्ता को लगा कि वह इस कंपनी की तकदीर बदल सकते हैं। इस सोच के साथ उन्होंने 1971 में करीब 7 लाख रुपए में हैवेल्स को खरीद लिया।

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खड़ा हो गया 44 हजार करोड़ का एम्पायर

यहां बता दें कि कीमत राय गुप्ता (Qimat Rai Gupta) का 7 नवंबर, 2014 को निधन हो गया था। गुप्ता के बाद उनके बेटे अनिल गुप्ता ग्रुप की कमान संभाल रहे हैं, जो कंपनी के सीएमडी भी हैं। हालांकि इस एम्पायर को खड़ा करने के लिए कीमत राय गुप्ता को खासा संघर्ष करना पड़ा।

कीमत राय गुप्ता के नेतृत्व में कंपन ने विदेश में कई बड़े अधिग्रहण किए। इसका कारोबार आज दुनिया भर में फैला हुआ है। हैवेल्स की मौजूदा शेयर वैल्यू के आधार पर कंपनी की मार्केय वैल्यू लगभग 44 हजार करोड़ रुपए है। आज हैवेल्स देश की तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिकल कंपनी है। 

 

 

खरीद ली थी दुनिया की चौथी बड़ी लाइटिंग कंपनी

हैवेल्स ने सर्किट प्रोटेक्शन डिवाइस, केबल्स एंड वायर्स, मोटर्स, फैंस, मॉड्युलर स्विच, होम अप्लायंसेज, इलेक्ट्रिक वाटर हीटर्स, पावर कैपेसिटर्स, सीएफएल लैंप्स के घरेलू बाजार में मजबूत पैठ बनाने के बाद विदेशी बाजार की ओर रुख करने का फैसला किया। इस सोच के साथ उन्होंने 2007 में अपनी कंपनी के आकार से डेढ़ गुनी कंपनी सिल्वेनिया को खरीदने का फैसला किया। तब सिल्वेनिया दुनिया की चौथी सबसे बड़ी लाइटिंग कंपनी थी।

इस अधिग्रहण से हैवेल्स उस समय दुनिया की 5 सबसे बड़ी लाइटिंग कंपनियों की सूची में जगह बनाने में कामयाब हो गई। लेकिन, एक साल बाद आई आर्थिक मंदी ने सिल्वेनिया के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी। सिल्वेनिया को मुश्किल से उबारने के लिए हैवेल्स ने पूरी ताकत लगा दी। हैवल्स की कोशिशों ने रंग दिखाया और सिल्वेनिया मुश्किलों से उबर गई।

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