नौकरी छोड़कर शुरू किया बिजनेस, 8 साल में खड़ी हो गई 20 करोड़ की कंपनी

कड़ी मेहनत के बिना कामयाबी पाना संभव नहीं है, लेकिन इसके लिए थोड़ा रिस्क भी उठाना जरूरी होता है। नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू करना किसी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन ऐसा रिस्क उठाने वालों को ही बड़ी सफलता मिलतने की संभावनाएं होती हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं डॉ. देवाशीष दत्ता (Devashish Dutta) जिन्होंने 40 हजार रुपए मंथली सैलरी वाली नौकरी छोड़ अपना बिजनेस शुरू किया और 8 साल में 20 करोड़ रुपए की कंपनी खड़ी कर दी। आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी।

moneybhaskar

Dec 13,2018 03:26:00 PM IST

नई दिल्ली. कड़ी मेहनत के बिना कामयाबी पाना संभव नहीं है, लेकिन इसके लिए थोड़ा रिस्क भी उठाना जरूरी होता है। नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू करना किसी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन ऐसा रिस्क उठाने वालों को ही बड़ी सफलता मिलतने की संभावनाएं होती हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं डॉ. देवाशीष दत्ता (Devashish Dutta) जिन्होंने 40 हजार रुपए मंथली सैलरी वाली नौकरी छोड़ अपना बिजनेस शुरू किया और 8 साल में 20 करोड़ रुपए की कंपनी खड़ी कर दी। आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी।

2005 में बने एक एंटरप्रेन्योर

हैदराबाद के देवाशीष दत्ता ने moneybhaskar.com से बातचीत में कहा कि 1999 में पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक फार्मा कंपनी के वेटरनेरी डिविजन में करियर की शुरुआत की। कुछ साल के बाद इस कंपनी को छोड़कर दूसरी कंपनी ज्वाइन की। खुद का कुछ करने की चाहत में नौकरी छोड़ी और 2005 में एक एंटरप्रेन्योर बन गए।

नौकरी करते वक्त मिला आइडिया

दत्ता ने कहा कि नौकरी करते वक्त ही उन्हें बिजनेस का आइडिया मिल गया था। मार्केट की जानकारी हो गई थी। आइडिया और बाजार के बारे में मालूम हो जाने के बाद बिजनेस की शुरुआत कर दी।

आगे पढ़ें- कितने इन्वेस्टमेंट से की शुरुआत


25 लाख के इन्वेस्टमेंट से की शुरुआत

दत्ता ने बताया कि उन्होंने एक पार्टनर के साथ 25 लाख रुपए के शुरुआती इन्वेस्टमेंट के साथ आरआर एनिमल हेल्थकेयर लिमिटेड की नींव रखी। कंपनी जानवारों के लिए मेडिसन बनाती है। इसके पहले वो पॉल्ट्री मेडिसिन का इम्पोर्ट कर देश में बेचते थे। दत्ता का मुख्य बिजनेस एनिमल मेडिसिन है। इसके अलावा उनका एक फार्म हाउस भी है, जिसमें वो जापानी क्वेल की ब्रीडिंग करते हैं।

 

एनिमल मेडिसन मैन्युफैक्चरिंग है मुख्य बिजनेस

उनका मुख्य बिजनेस एनिमल मेडिसन मैन्य़ुफैक्चरिंग है। उनकी कंपनी जानवरों के लिए दवाइयां बनाती है। उनके यहां 100 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी का बिजनेस देश भर में फैला है। दत्ता के मुताबिक, यह सेक्टर सालाना 8 से 10 फीसदी की दर से ग्रोथ करता है। लेकिन उनकी कंपनी की ग्रोथ रेट 25 से 30 फीसदी है। इस वजह से 2009 में शुरू हुई कंपनी का टर्नओवर 8 साल में 20 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।

 

आगे पढ़ें- क्या है बिजनेस मॉडल

 

क्वेल का है ब्रीडिंग फार्म

दत्ता का मुख्य बिजनेस एनिमल मेडिसन है। इसके अलावा उनके पास एक फार्म भी है, जिसमें वो जापानी क्वेल (Japan Quails) की ब्रीडिंग करते हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों को डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल की प्रॉब्लम है, उनको इसका फायदा मिलता है। यह अपने देश में 400 से 450 रुपए प्रति किलो भाव में बिकता है। वो इसकी मीट की सप्लाई हैदराबाद के 5 स्टार होटलों में सप्लाई करते हैं।

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