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200 साल पहले इस इंडियन ने ब्रिटेन में जमाई थी धाक, अब गूगल ने भेजा सलाम

कौन हैं शेख दीन मोहम्मद, जिसे याद कर रही है दुनिया

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नई दिल्ली. जिस दौर में भारत अंग्रेजों का गुलाम था, उसी दौर में एक भारतीय ऐसा भी था जो उनके देश यानी ब्रिटेन में जाकर छा गया था। हम बात कर रहे हैं पटना में पैदा हुए शेख दीन मोहम्मद (Sake Dean Mahomed) की, जिसने 200 साल से ज्यादा वक्त पहले अंग्रेजों के देश में जाकर धाक जमा ली थी। गूगल ने मंगलवार (15 जनवरी 2019) को उन्हें डूडल सलाम भेजा है और पूरी दुनिया उनको याद कर ही है। दरअसल लगभग 225 साल पहले आज ही के दिन मोहम्मद अंग्रेजी में बुक पब्लिश करने वाले पहले इंडियन ऑथर बन गए थे। हम यहां उन्हीं के बारे में बता रहे हैं।


ब्रिटेन में कमाया बड़ा नाम

 

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1782 तक सेना में दी सेवा

वह 1782 तक सेना में रहे और कई बड़ी लड़ाइयों में हिस्सा लिया। सेना से इस्तीफा देने के बाद वह ब्रिटेन में ही बस गए।
आयरलैंड में रहते हुए उन्होंने एक किताब 'द ट्रैवल्स ऑफ दीन मोहम्मद' लिखी थी, जो किसी भी भारतीय की अंग्रेजी में प्रकाशित पहली कृति है। वे कुछ समय इंग्लैंड के टूरिस्ट प्लेस ब्राइटन में भी रहे। उन्होंने कुछ समय तक स्पा और मसाज पार्लर में भी काम किया।


 

शैम्पू को ब्रिटेन में किया पॉपुलर

स्पा में नौकरी के दौरान ही दीन मोहम्मद ने भारतीय उपचार के रूप में चंपी यानी सिर की मालिश की शुरुआत की। यह 'चंपी' ब्रिटेन में इतनी फेमस हुई कि दीन मोहम्मद का नाम रॉयल फैमिली में भी लिया जाने लगा। इसी 'चंपी' का अंग्रेजी नाम शैम्पू बन गया। वे जिस मसाज पार्लर में काम करते थे उसकी तो लंदन में धूम मच गई.

 

1810 में शुरू किया रेस्तरां

उन्होंने 1810 में हिंदुस्तानी कॉफी हाउस की शुरुआत की जिसमें भारतीय खाने के अलावा, भारतीय हुक्का भी पेश किया जाता था। उनका रेस्तरां कुछ समय चलने के बाद बंद हो गया लेकिन उसके बाद ब्रिटेन में भारतीय रेस्तरां की भरमार हो गई। जिस जगह उनका रेस्तरां था वहां अब कार्लटन हाउस नाम की इमारत है।


 
एक समय हो गए दीवालिया
दीन मोहम्मद रेस्तरां खोलने के दो साल के भीतर ही दीवालिया हो गए लेकिन कुछ वर्ष बाद ही उन्होंने दोबारा ब्राइटन में मसाज पार्लर शुरू किया। उनकी मौत 1851 में हुई और वे ब्राइटन में ही दफन हैं, उनके परिवार के सदस्य ब्रिटेन में ही रहते हैं।
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