Advertisement
Home » Business MantraNaspers CPPIB invest USD 540 mn in BYJU

ट्यूशन पढ़ाकर की थी शुरुआत, आज खड़ी कर दी 26 हजार करोड़ की कंपनी

विदेशियों को भी भाया आइडिया, लगाए 3800 करोड़ रु

1 of

 

नई दिल्ली. लगभग 7 साल पहले कभी 2 लाख रुपए से शुरू हुई कंपनी आज इतनी सफल हुई कि उसकी वैल्यू बढ़कर 26 हजार करोड़ रुपए के आसपास पहुंच गई है। हम देश के सबसे बड़े ऑनलाइन एजुकेशन स्टार्टअप बायजू (BYJU'S) की बात कर रहे हैं, जिसने हाल में ऐलान किया कि उसे मल्टीनेशनल इंटरनेट और मीडिया ग्रुप से 54 करोड़ डॉलर यानी 3865 करोड़ रुपए जुटाने में कामयाबी हासिल हुई है। इसमें कनाडा के पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) द्वारा किया गया निवेश भी शामिल है। इस कंपनी की स्थापना बायजू रवींद्रन ने की। मनीभास्कर बायजू के इस सफर के बारे में बता रहा है….

 

 

कंपनी की वैल्यू हुई 25763 करोड़ रुपए

इस अवसर पर बायजू के सीईओ बायजू रवींद्रन ने कहा, ‘कंपनी के साथ नैस्पर्स और सीपीपीआईबी जैसे लॉन्ग टर्म पार्टनर्स के जुड़ने से हमें खासी खुशी है। इस पार्टनरशिप से हमारी क्षमताओं में इजाफा होगा और हमें दुनिया की सबसे बड़ी एजुकेशन कंपनी बनने की दिशा में बढ़ने में मदद मिलेगी।’ पीटीआई के मुताबिक इस निवेश के बाद भी भले ही बायजू ने कंपनी की वैल्युएशन का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इंडस्ट्री के जानकारों ने कंपनी की वैल्यू 3.6 अरब डॉलर (25763 करोड़ रुपए) होने का अनुमान जाहिर किया है।

Advertisement

आगे पढ़ें-कंपनी ने कैसे हासिल की सफलता

 

यह भी पढ़ें- न लगाई फैक्ट्री और न की जॉब, इस शख्स ने 35 हजार से बना दिए 500 करोड़

 


 

 

ट्यूशन पढ़ाकर की थी शुरुआत

केरल के एक छोटे से गांव से पढ़े बायजू रविंद्रन ने कोचिंग क्लास से शुरू कर यह मुकाम हासिल किया है, जिसके बारे में शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा। रविंद्रन ने सिर्फ 2 लाख रुपए खर्चकर अपनी कोचिंग क्लास शुरू की थी। कोचिंग पढ़ाने के बीच में ही उन्हें एक खास आइडिया आया और उनकी कोचिंग का तरीका बदला और साथ ही उनकी किस्मत भी। Byju’s की हर महीने की इनकम 100 करोड़ पार कर गई है। अब हर साल 1400 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्‍य रखा है। यहां तक कि कंपनी का विज्ञापन खुद मशहूर एक्टर शाहरुख खान करते हैं।

 

 

ऐसे शुरू हुआ सफर  

बायजू रविंद्रन की शुरुआती शिक्षा कन्नूर जिले में स्थित उनके गांव अझीकोड में हुई थी। कालीकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग पूरी कर शिपिंग कंपनी में नौकरी की। उसी दौरान अपने कुछ दोस्तों को एमबीए के एग्जाम की तैयारी में मदद करने की सोची और उनके लिए टीचिंग शुरू की। बेहतर रिजल्ट मिला तो दोस्तों ने कोचिंग क्लास शुरू करने की सलाह दी। यहीं से बायजू के एक सफल बिजनेसमैन बनने का सफर शुरू हुआ।

 

आगे पढ़ें-2 लाख रुपए से शुरू की कोचिंग

 

 

2 लाख रुपए से शुरू की थी कोचिंग

बायजू ने महज 2 लाख रुपए से अपनी कोचिंग क्लास शुरू की थी। बाद में उन्हें ज्यादा लोगों को एजुकेशन प्रोवाइड करने के लिए एक खास आइडिया सूझा और उन्होंने 2011 में बायजू नाम से अपना स्टार्टअप बनाया। आज एजुकेशन प्रोवाइड कराने वाली कंपनी सालाना 1400 करोड़ रुपए कमाई के लक्ष्य पर काम कर रही है।

 

आगे पढ़ें- किस आइडिया ने बदल दी उनकी किस्मत ......

 

 

 

शुरू किया ऑनलाइन टीचिंग प्रोग्राम

रविंद्रन फुल टाइम कोचिंग क्लास चलाने लगे। वे कई और शहरों में जाकर भी कोचिंग क्लास लेते थे। बाद में उन्होंने सोचा कि क्यों न एक ही जगह रहकर अपने सभी छात्रों तक पहुंचा जा सके। यहीं उन्होंने पहली बार 2009 में CAT के लिए ऑनलाइन वीडियो बेस्ड लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया। यह ऐसा आइडिया था, जिसके बाद से उनका एक नया सफर हुआ।

आगे पढ़ें- शुरू हो गई कंपनी

 

 

 

2011 में अपनी कंपनी शुरू की

रविंद्रन ने बायजू नाम से 2011 में अपनी कंपनी शुरू की। कंपनी का फोकस CAT के अलावा चौथी से 12वीं क्लास के छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग प्रोवाइड करने पर था। उनकी कोचिंग में छात्रों की संख्‍या बढ़ने लगी। 2015 में उन्होंने अपना फ्लैगशिप प्रोडक्ट Byju’s - द लर्निंग एप लॉन्च किया। यह उनके लिए गेमचेंजर साबित हुआ। स्मार्टफोन की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उनका यह एप भी पॉपुलर होता गया।  

आगे पढ़ें-कैसे हो रही कमाई ...

 

 

 

 

2 करोड़ छात्र बायजू से जुड़े

कंपनी ऑनलाइल कंटेंट उपलब्ध करवाती है। कुछ कंटेंट तो फ्री हैं, लेकिन एडवांस लेवल के लिए फीस देनी होती है। मौजूदा समय में Byju’s के साक करीब 2 करोड़ छात्र रजिस्टर्उ हैं। इसमें से करीब 13 लाख पेड सब्सक्राइबर्स हैं। मौजूदा समय में बायजू के साथ 1000 से ज्यादा कर्मचारी जुड़े हुए हैं।

 

1400 करोड़ सालाना रेवेन्यू का लक्ष्‍य

रविंद्रन ने जब कोचिंग क्लास शुरू की थी तो सिर्फ 2 लाख रुपए निवेश किया था। कंपनी बनने के बाद 2011-12 में उनकी कंपनी का रेवेन्यू 4 करोड़ रुपए था, जो 2012-13 में बढ़कर 12 करोड़, 2013-14 में बढ़कर 20 करोड़, 2014-15 में बढ़कर 48 करोड़ और 2015-16 में बढ़कर 120 करोड़ रुपए हो गया। यह 2016-17 में बढ़कर 260 करोड़ रुपए हो गया। अब कंपनी का हर महीने रेवेन्यू 100 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इस साल यानी 2018-19 में 1400 करोड़ रुपए रेवेन्यू का लक्ष्‍य है।

 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Advertisement
Don't Miss