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बजट 2019 /प्रॉपर्टी गिरवी रखे बिना मिलेगा 50 लाख रुपए तक का कर्ज, मुद्रा स्कीम में हो सकता है प्रावधान

Moneybhaskar.com

Jun 19,2019 06:30:38 PM IST

नई दिल्ली. देश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्वरोजगार के लिए सरकार 5 जुलाई को पेश होने वाले बजट में बड़ा ऐलान कर सकती है। इसके तहत नए उद्यमियों को बिना गारंटी के 50 लाख रुपए तक का कर्ज सरकार मुहैया करा सकती है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार के सरकार ने उद्यमियों को 50 लाख रुपये तक का ऋण देने के लिए एक योजना शुरू करने की व्यहारिकता का अध्ययन कराया है। इस तरह का प्रावधान भाजपा ने इस साल के अपने चुनावी घोषणा पत्र में किया था।

तैयार हो रही है रूपरेखा


अंग्रेजी अखबार ईटी को वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस योजना की रूपरेखा पर चर्चा की जा रही है। यदि संभव हुआ तो 5 जुलाई को बजट में घोषणा की जा सकती है। महिला उद्यमियों के लिए ऋण राशि का 50% और पुरुष उद्यमियों के लिए 25% गारंटी सरकार देगी। इसका मतलब यह हुआ कि यदि कोई उधारकर्ता कर्ज चुकाने में असमर्थ है, तो महिला उद्यमी के मामले में ऋण राशि का आधा हिस्सा और पुरुष उद्यमी के मामले में एक-चौथाई हिस्सा सरकार खुद वहन करेगी।

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मुद्रा योजना में नई श्रेणी जोड़ी जा सकती है


एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तत्वावधान में शुरू की जा सकती है। यानी कि इसी योजना में संशोधन कर 50 लाख रुपए तक का प्रावधान कर दिया जाए। अभी इस स्कीम में 10 लाख रुपए तक के गारंटी फ्री ऋण का प्रावधान है। अधिकारी ने कहा, "हमारे पास पहले से ही एक मौजूदा मंच है, इसलिए हम इस मंच के भीतर एक नई श्रेणी बना सकते हैं।" गौरतलब है कि अभी पीएमएमवाई के तहत तीन योजनाएं हैं - शिशु, किशोर और तरुण संचालित है। इसमें बैंक और वित्तीय संस्थान इन योजनाओं के तहत 50,000 रुपये से 10 लाख रुपये तक के ऋण प्रदान करते हैं। शिशु में 50000, किशाेर में 500000 और तरुण में 10 लख रुपए की सीमा है।

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51 प्रतिशत लोन शिशु के तहत बांटे

चालू वित्त वर्ष में सरकार ने इन योजनाओं के तहत लगभग 600,000 ऋण आवेदन स्वीकृत किए हैं, जिसमें 32,457 करोड़ रुपए की कर्ज राशि बांटी गई है। गारंटी के लिए माइक्रो यूनिट्स (CGFMU) के तहत एक क्रेडिट गारंटी फंड स्थापित किया गया है। मार्च 2018 तक लगभग 40,000 करोड़ रुपए के ऋण क्रेडिट गारंटी योजना के तहत कवर किए गए थे। कवर किए गए ऋणों में से लगभग 51% शिशु योजना के तहत थे। गारंटी योजना के तहत पचास सदस्यीय ऋण देने वाले संस्थानों को पंजीकृत किया गया है।

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पर राजन ने स्कीम की समीक्षा पर दिया था जोर

पिछले साल भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने पाया था कि क्रेडिट जोखिम के लिए MUDRA ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड की अधिक बारीकी से जांच की जानी चाहिए। सिडबी (लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया) द्वारा चलाई जा रही एमएसएमई (CGTMSE) के लिए क्रेडिट गारंटी योजना एक बढ़ती देयता है। इसे तत्कालता के साथ जांचने की आवश्यकता है।

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