नॉलेज /आयकर कानून व देश का पहला बजट बनाया था जेम्स ने, बैंक की भी स्थापना की 

Moneybhaskar.com

Jun 20,2019 12:01:05 PM IST

नई दिल्ली. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल को पहला आम बजट पांच जुलाई को संसद में पेश होगा। हर भारतीय को प्रभावित करने वाला और देश की दिशा तय करने वाला बजट भारत में कैसे वजूद में आया? किस व्यक्ति ने इसका खाका रचा? मनी भास्कर आपको ऐसे ही कई सवालों के जवाबों से रूबरू करा रहा है।

वर्ष 1860 में बना था देश का सबसे पहला बजट


फाइनेंस की गहरी पकड़ रखने वाले अंग्रेज अफसर जेम्स विलसन ने सन् 1860 में भारत का पहला बजट तैयार किया था। अंग्रेजी वेबसाइट ईटी की खबर के मुताबिक जेम्स के उत्तराधिकारी रिचर्ड टेंपल ने अपनी किताब फाइनेंशियल फाउंडेशन ऑफ द ब्रिटिश राज में इस बारे में लिखा था। उन्हें कोट करते हुए सब्यसाची भट्टाचार्य ने लिखा है कि विलसन ने भारत में पहली बार वित्तीय बजट शुरू किया। यह ब्रिटिश पैटर्न पर आधारित था। भारत में सैन्य और राजनीतिक बदलाव (1857) के बाद लोगों पर सही तरीके से शासन करने के लिए यह जरूरी था। जेम्स विलसन ही भारत में पहली बार सन 1860 में ही इंकम टैक्स कानून लेकर आये थे। इस कानून की वजह से बड़ा विवाद पैदा हुआ। जेम्स विलसन ने इसके पक्ष में कहा कि चूंकि ब्रिटिश भारतीयों को व्यापार करने के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराते हैं, इसलिए इंकम टैक्स के रूप में एक शुल्क लेना सही कदम है।

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द इकनॉमिस्ट और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के स्थापक हैं जेम्स


जेम्स ने ही आज ही के दिन स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के रूप में मशहूर बैंक की स्थापना भी की थी। उनका जन्म 3 जून 1806 को हुआ। वे स्कॉटिश बिजनेस मेन थे। इसके साथ ही जेम्स विलसन दुनिया की मशहूर आर्थिक पत्रिका 'द इकनॉमिस्ट' के संस्थापक थे। जेम्स विलसन ने अपने कैरियर की शुरुआत एक हैट-मेकर के तौर पर की थी। वित्त मामलों में गहरी रुचि होने की वजह से जेम्स ने काफी सालों तक फाइनेंस और इकनॉमिक्स का गहराई से अध्ययन किया। विलसन अविभाजित भारत में वायसराय लॉर्ड कैनिंग की काउंसिल में फाइनेंस मेंबर बने। जेम्स ब्रिटेन की ट्रेजरी के फाइनेंस सेक्रेटरी और बोर्ड ऑफ ट्रेड के वाइस-प्रेजिडेंट भी थे। इसके साथ ही जेम्स ब्रिटेन की संसद के सदस्य भी थे। उनकी मृत्यु 11 अगस्त 1960 को हुई।

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1857 की क्रांति का था बदला

विलसन 28 नवंबर 1859 को भारत आए थे। तब अंग्रेज 1857 में आजादी की पहली लड़ाई से निपट चुके थे। 1857 के संग्राम से निपटने में अंग्रेजों को काफी नुकसान हुआ था। भारतीय क्रांतिकारियों को काबू करने में अंग्रेज की तरफ से सेना पर हुए भारी खर्च की वजह से सरकार कर्ज में डूब चुकी थी। उस वक्त जेम्स विलसन ने इंकम टैक्स कानून बनाकर अंग्रेजों को बड़ी राहत दी थी।

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नस्लवादी था अंग्रेजों का बजट

कनाडा के दो रिसर्चर ने जेम्स विलसन द्वारा अपनी पत्रिका में भारत पर 1843 से लेकर 1860 तक लिखे गए लेख का विश्लेषण किया। इस लेख के मुताबिक, 19वीं सदी में राजनीतिक अर्थशास्त्र के उदार विचार लाइसेज-फेयर का समर्थन करते थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अर्थव्यवस्था में सरकारी हस्तक्षेप को अपनाया। इस वजह से लोगों पर कर का बोझ बढ़ाया गया। उस लेख के मुताबिक, करों के इस अंतर को नस्ल के प्रति अंग्रेजों के रुख से भी समझा जा सकता है।

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जमींदारों को पसंद नहीं आया था आयकर कानून

जेम्स विलसन के बजट ने भारत को वित्तीय शासन का एक अहम औजार दे दिया। बजट का अहम हिस्सा इनकम टैक्स कानून भारत के कारोबारियों के साथ-साथ जमींदारों को भी रास नहीं आया। लोगों में सरकार को इनकम टैक्स के भुगतान के प्रति अरुचि आजादी के 70 साल बाद आज भी बरकरार है।

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