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बजट 2019 /होमलोन के ब्याज पर टैक्स छूट से बढ़ेगी घरों की खरीदारी

  • डवलपर्स के संगठन क्रेडाई और नारेडको ने दी प्रतिक्रिया

Moneybhaskar.com

Jul 05,2019 05:41:31 PM IST

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश करते हुए महिलाओं, किसान, ग्रामीण भारत के लिए बड़े ऐलान किए हैं। मध्यम वर्ग को भी बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने होम लोन के ब्याज पर मिलने वाले इनकम टैक्स छूट को साल में 2 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया है. यह छूट 45 लाख रुपये तक के मकान पर मिलेगा। यह छूट 31 मार्च 2020 तक खरीदे जाने वाले घर के लिए है। इसपर रियल एस्टेट जगत के लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी है। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रेडाई नेशनल के प्रेसिडेंट सतीश मागर ने कहा कि वित्‍त मंत्री ने अपने पहले बजट में “नये भारत” के लिए सभी संसाधनों को प्रस्‍तुत किया है। उन्‍होंने लोकवाद से बचने के लिए कड़ा अनुशासन अपनाया है। मैं व्‍यक्तिगत रूप से खुश हूं कि सरकार ने राष्‍ट्र निर्माण में निजी क्षेत्र एवं टैक्‍स चुकाने वालों के योगदान की सराहना की है। आर्थिक सर्वेक्षण की प्रमुख खूबी है कि इसमें निवेश को वृद्धि की रणनीति के केंद्र में रखा गया है। हालांकि, बजट रणनीति पर प्रत्‍यक्ष संकेत नहीं देता है।

सरकार द्वारा 1 लाख करोड़ रुपये की गारंटी मौजूदा तरलता संकट में राहत ला सकती है।

हमें खुशी है कि सरकार ने 2014-19 की तीन सबसे बड़ी नीतिगत पहलों में पिछले पांच सालों में रियल एस्‍टेट सुधारों का दावा किया है। यह देखकर अच्‍छा लग रहा है कि पुराने रेंटल कानून में सुधार करने और सरकार के भूमि आंकड़ों पर सार्वजनिक हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए क्रेडाई के दीर्घकालिक प्रस्‍ताव वित्‍त मंत्री द्वारा बताये गये तात्‍कालिक पॉलिसी एजेंडा में नजर आये हैं। वित्‍तीय क्षेत्र को बल देने के लिए कई उपाय हैं। पीएसबी की पूंजी को बढ़ाने, कॉर्पोरेट बॉन्‍डों पर सुधारों की घोषणा की गई है। ठोस एनबीएफसी की उच्‍च रेटिंग वाली पूल्‍ड परिसंपत्ति खरीदने के लिए बैंकों को सरकार द्वारा 1 लाख करोड़ रुपये की गारंटी मौजूदा तरलता संकट में राहत ला सकती है।

आरबीआई रियल एस्‍टेट सेक्‍टर की फाइनेंसिंग के लिए बेहद जरूरी सुधारों को लेकर आयेगा- सतीश मागर


हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के नियमन को एनएचबी से आरबीआइ को वापस लौटाया जा रहा है। हमें भरोसा है कि आरबीआई रियल एस्‍टेट सेक्‍टर की फाइनेंसिंग के लिए बेहद जरूरी सुधारों को लेकर आयेगा जैसे कि भूमि की फाइनेंसिंग, हाउसिंग फाइनेंस को प्रॉयॉरिटी सेक्‍टर का दर्जा देना और फंडिंग की कम लागत। घर खरीदने पर चुकाये गये ब्‍याज पर 2 लाख रुपये के अलावा 1.50 लाख की अतिरिक्‍त कटौती की घोषणा की गई है। इस कदम से कुल लाभ बढ़कर 3.5 लाख रुपये पहुंच गया है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि उपभोक्‍ता को कुल लाभ 7 लाख रुपये का होगा। भरोसा है कि इसका असर हाउसिंग की मांग और आगे उठाये जाने वाले कदमों में देखने को मिलेगा। यह सरकार का काम है कि वह विभिन्‍न लेबर कानूनों में सुधार करे और उन्‍हें चार कोड्स में तर्कसंगत बनाए। क्रेडाई के पास मजबूत सोशल एजेंडा है। इसलिए, स्‍वच्‍छ भारत पर घोषणा को ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन और कौशल विकास को कवर करने के लिए विस्‍तारित किया गया है और यह क्रेडाई में हम सबको प्रोत्‍साहित करता है।

नारेडको के प्रेसीडेंट निरंजन हीरानंदानी ने दी प्रतिक्रिया

वहीं बजट 2019 पर प्रतिक्रिया देते हुए निरंजन हीरानंदानी, प्रेसिडेंट, नारेडको एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, हीरानंदानी ग्रुप ने कहा कि यह संभवतः पिछले 30 वर्षों में पहली बार है कि केंद्रीय वित्त बजट में इतने विस्तृत तरीके से संभवतः सभी क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है।

2022 तक सभी के लिए आवास को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

हीरानंदानी ने कहा, “कृषि, बुनियादी ढांचे, शिक्षा से लेकर अन्य क्षेत्रों, यहां तक कि मत्स्य पालन और बांस की खेती जैसे छोटे क्षेत्रों का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमन ने अपने भाषण में यह सुनिश्चित किया है कि हर क्षेत्र को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाएं।“ रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर पेश किए जाने वाले प्रोत्साहनों के बारे में बोलते हुए, निरंजन हीरानंदानी, प्रेसिडेंट, नारेडको ने बताया कि रेंटल हाउसिंग और वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। “किफायती आवास प्रदान करने के लिए सरकार का विचार कई सारी नई संभावनाओं को जन्म दे रहा है और ये काफी सफलताएं भी हासिल कर रहा है। मुंबई को छोड़कर अन्य शहरों में जहां भूमि की कमी है, में इस प्रयास को सफलता मिल रही है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि किफायती आवास के तहत उधार लिए गए ऋण पर ब्याज पर 1.5 लाख रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन रियल एस्टेट क्षेत्र को और बढ़ावा देगा।

आवास और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र को बहुत आवश्यक बढ़ावा देगा बजट

केंद्रीय बजट आवास और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र को बहुत आवश्यक बढ़ावा देगा। सरकार ने अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढांचे के लिए 100 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का प्रस्ताव भी रखा है जो कि एक स्वागत योग्य कदम है। पूंजी तरलता उद्योग के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है, जिसे सरकार ने इस बजट में एक निश्चित सीमा तक संबोधित करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि “सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अब क्रेडिट को बढ़ावा देने के लिए 17000 करोड़ रुपए की पूंजी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसके अलावा अर्थव्यवस्था में ऐसी किसी संस्था की कमी थी, जो दीर्घकालिक ऋण देने में सक्षम हो, सरकार ने उस मुद्दे को भी हल करने की कोशिश की है।”

पहली बार किसी सरकार ने देश के प्रत्येक नागरिक को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया है- हीरानंदानी


हीरानंदानी के अनुसार, पहली बार किसी सरकार ने देश के प्रत्येक नागरिक को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि “यहां जल मंत्रालय के तहत, वे देश के प्रत्येक नागरिक को पाइप से पानी देने की बात कर रहे हैं। यह हमेशा हर सरकार के लिए चिंता का विषय रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि निजी क्षेत्र को अपनी भूमिका निभाने के लिए इंतजार किए बिना आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देना होगा।

राकेश यादव अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप के सीएमडी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि

“मैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकास उन्मुख बजट पेश करने के लिए बधाई देता हूं। बजट में रियल एस्टेट सेक्टर औैर घर खरीदारों की जरूरतों को हल निकालने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें 45 लाख रुपये तक का घर खरीदने पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये की छूट हाउसिंग लोन पर मिलेगी। इस तक कुल छूट अब 2 लाख से बढ़कर 3.5 लाख रुपये हो जाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री योजना के तहत 2.67 लाख रुपये की ब्याज सब्सिडी और 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये की छूट अलग से होगी। ये सारे फैसले पहली दफा घर खरीदारों को बड़ी बचत कराएंगे।

एक बार फिर से रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बढ़ेगा ​​​​​​- राकेश यादव

इसके साथ ही बुनियादी ढ़ाचों में अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश, हाउसिंग लोन इंडस्ट्री को रिजर्व बैंक द्वारा मॉनिटर करना भी ऐसे कमद हैं जो रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट करने का काम करेंगे। ये सारे कदम रियल एस्टेट में तेजी लाने में मदद करेंगे। इससे सिर्फ रियल एस्टेट सेक्टर को ही नहीं बल्कि घर खरीदारों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। मैं उम्मीद करता हूं कि एक बार फिर से रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बढ़ेगा और निवेशक भी इस सेक्टर की ओेर रुख करेंगे।”

दीपक कपूर, डायरेक्टर, गुलशन होम्ज़
फरवरी में चुनाव से पहले के बजट के बाद, मोदी सरकार ने आज बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बजट पेश किया और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास व अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं | होम लोन पर अतिरिक्त 1.5 लाख टैक्स छूट देकर होमबॉयर्स को अपने घर के सपने को पूरा करने में मदद मिलेगी। हालांकि, डेवलपर्स रियल एस्टेट सेक्टर के लिए इंडस्ट्री स्टेटस और सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम की भी उम्मीद कर रहे थे, जिसे बजट 2019 में संबोधित नहीं किया गया है। लेकिन कुल मिलाकर, हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह सेक्टर इन घोषणाओं से रफ़्तार पकड़ेगा और आने वाले समय में निवेशकों के साथ-साथ डेवलपर्स को भी फायदा पहुंचाएगा |


धीरज जैन, डायरेक्टर, महागुन ग्रुप

बजट में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कुछ घोषणाएं काफी कारगर साबित हो सकती हैं | इसमें सबसे पहली और महत्वपूर्ण घोषणा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए अगले 5 साल में 100 लाख करोड़ रुपयों का निवेश करने की है | इसके अलावा अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए भी फाइनेंस मिनिस्टर ने कई सौगातें दी हैं | इससे उम्मीद की जा सकती है इस सेगमेंट में लोग ज्यादा भागीदारी दिखाएँगे | खासकर लो इनकम और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह बजट रियल एस्टेट सेक्टर के लिहाज से बेहतर माना जा सकता है |

अमित मोदी, प्रेसिडेंट (इलेक्ट), क्रेडाई वेस्टर्न यूपी और डायरेक्टर ए.बी.ए. कोर्प
इस केंद्रीय बजट में अफोर्डेबल हाउसिंग और प्रधानमंत्री आवास योजना पर 2021 तक पीएमएवाई (ग्रामीण) के तहत 1.95 करोड़ घरों के प्रस्ताव के साथ 80 लाख (शहरी) से अधिक घरों को मंजूरी दी गई है | इसके अलावा इंटरेस्ट पर 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट भी काफी सराहनीय है | लेकिन हमें लगता है कि सरकार कुछ चीज़ों पर ध्यान देने से चूक गई है खासकर तब जब सेक्टर में पहली बार घर खरीदने वाले लोग इस बजट का इंतजार कर रहे थे | तथ्य यह है कि दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर जैसे टियर -1 मेट्रो शहरों में भी एक छोटे से 1 या 2 बीएचके अपार्टमेंट की कीमत 50 लाख रुपये या उससे अधिक होगी और इन शहरों में रहने की सोच रहे खरीदारों को इस प्रक्रिया में पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। रियल एस्टेट सेक्टर के लिए इंडस्ट्री स्टेटस और ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लीयरेंस की ओर भी इस बजट में ध्यान नहीं दिया गया |

पंकज जैन, एमडी, रीयलिस्टिक रियाल्टर्स

इस बजट में एनबीएफसी से सम्बंधित काफी घोषणाएं हुई हैं, इससे इसमें फण्ड की कमी की समस्या दूर होगी | यह एक सकारात्मक कदम की तरह दिखता है जो कि रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तीय संकट को हल कर सकता है। इस बजट से एक और बड़ी घोषणा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, सड़कों और मेट्रो रेल की तरह हुआ है जिसमें पीपीपी मॉडल और तेजी से कामों को पूरा करने के लिए ध्यान दिया गया है | कोई भी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास रियल एस्टेट को बढ़ावा देता है और निवेश को प्रोत्साहित करता है। हालाँकि, सेक्टर कुछ अन्य चीजों की उम्मीद कर रहा था जो कि सरकार द्वारा इस क्षेत्र को नियमित करने के लिए पहले उठाए गए कदमों को बढ़ावा दे सकती हैं। हमें अभी भी उम्मीद है कि कुछ अच्छी घोषणाएं जल्द ही होंगी।

अशोक गुप्ता, सीएमडी, अजनारा इंडिया लिमिटेड

पिछले कुछ वर्षों में रेरा और जीएसटी ने रियल एस्टेट सेक्टर को बहुत सहारा दिया है। इस बार के बजट में रियल एस्टेट को काफी उम्मीदें थी | लेकिन यह बजट रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कुछ ख़ास नहीं रहा | रियल एस्टेट कई सालों से इंडस्ट्री स्टेटस की डिमांड कर रही थी जिसकी मंजूरी नहीं मिली | हालांकि इन्फ्रास्ट्रक्चर के ऊपर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है जिससे की ओवरऑल हाउसिंग सेक्टर को भी फायदा होगा |

तीक मित्तल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सुषमा ग्रुप

अंतरिम बजट की तरह ही, इस बजट में सरकार ने किफायती आवास के तहत उधार लिए गए ऋणों पर ब्याज पर 1.50 लाख रुपये की अतिरिक्त कटौती करके रियल एस्टेट उद्योग के आवास खंड को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। यह लाखों भारतीयों को अपना घर बनाने के सपने को साकार करने में मदद करेगा। साथ ही, आरबीआई को हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का नियमन देने से नियमों में सुधार होगा।

लेकिन, एक डेवलपर के रूप में हमें इस बजट के लिए सरकार से कुछ उम्मीदें थीं जो पूरी नहीं हुई हैं जिसमें उद्योग की स्थिति, एकल खिड़की निकासी और जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट की बहाली की हमारी मांग शामिल है।

अनुपम गुप्ता, डायरेक्टर - सेल्स व मार्केटिंग, जीबीपी ग्रुप

केंद्रीय बजट में, सरकार द्वारा 5 वर्षों में बुनियादी ढांचे के लिए 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव निश्चित रूप से रियल एस्टेट क्षेत्र में उछाल होगा। ऋण पर ब्याज पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त कटौती के साथ किफायती खंड के तहत घर खरीदने वाले खरीदारों को अब भुगतान किए गए ब्याज पर 3.5 लाख रुपये तक की कर राहत मिलेगी। इससे खरीदारों को घर बनाने के अपने सपने को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, आरबीआई को हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के नियमों को वापस करने से नियमों में सुधार होगा।

एल. सी. मित्तल, डायरेक्टर, मोतिया ग्रुप

इस बजट में सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक सभी के लिए आवास प्राप्त करने के लिए अपने लक्ष्य को साकार करने के लिए समाज के किफायती वर्ग को प्रोत्साहन प्रदान करने के उपाय किए हैं, लेकिन वास्तविक क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और सहायता के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया है। डेवलपर्स और अर्थव्यवस्था के ऊपरी और उच्च मध्यम वर्ग खंड।

हालांकि, इस बजट में हमें उम्मीद थी कि सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए उद्योग की स्थिति की हमारी लंबी रुकी हुई मांग पर विचार करेगी लेकिन वह इस बार भी पूरी नहीं हुई है।

ध्रुव अगरवाला, ग्रुप सीईओ, हाउसिंग.कॉम/मकान.कॉम/प्रोपटाइगर.कॉम

हालांकि ऐसा लग सकता है कि सेक्टर को लाभ पहुंचाने के लिए कोई सीधी घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सड़क, रेलवे और मेट्रो कनेक्टिविटी में सुधार, मजबूत वाटर मैनेजमेंट सिस्टम, अगले 5 वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश आदि आने वाले समय में शहरों में रहने वाले लोगों के लिए एक अनुकूल माहौल बनाएँगे और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे | हम हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को आरबीआई के रेगुलेशन में सौंपे जाने को भी सकारात्मक कदम की तरह देखते हैं। पिछले वर्ष की तुलना में कमर्शियल बैंकों के एनपीए में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी, इस क्षेत्र के लिए एक उत्साहजनक संकेत है जो कि फण्ड संकट की मार झेल रहा है। एक अन्य प्रमुख क्षेत्र जो संबोधित किया गया है वह है रेंटल हाउसिंग – जिसमें पुराने क़ानून को बदलकर मॉडल टेनेंसी कानून को लाने की बात कही गयी है |

कौशल जैन, डायरेक्टर, अरिहंत ग्रुप

भारत को इस वर्ष 3 ट्रिलियन डौलर अर्थव्यवस्था बनने के लिए, मोदी 2.0 द्वारा पहला केंद्रीय बजट अफोर्डेबल हाउसिंग पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 80 लाख से अधिक घरों को मंजूरी दी गई है और 2021 तक पीएमएवाई (ग्रामीण) के तहत प्रदान किए जाने वाले 1.95 करोड़ घर एक बहुत ही सकारात्मक कदम है और यह किफायती आवास क्षेत्र को बढ़ावा देगा।

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