पीयूष गोयल क्यों पेश करना चाहते हैं चिंदबरम जैसा Interim Budget, क्या होगा फायदा 

Budget 2019 : Piyush Goyal will present interim budget. Why government wants to present intrim budget like as P. chidambaram 

सरकार ने बेशक साफ कर दिया है कि आम चुनाव से पहले अंतरिम बजट ही पेश किया जाएगा, लेकिन कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री पीयूष गोयल 2014 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम जैसा अंतरिम बजट पेश करेंगे। दरअसल, ऐसा करके मोदी सरकार ने कांग्रेस का दांव चला है। 2014 में चिंदबरम ने अंतरिम बजट में कई लोक लुभावनी घोषणाएं की थी, गोयल यदि ऐसी ही घोषणाएं करते हैं तो कांग्रेस के पास विरोध के लिए कुछ नहीं बचेगा। आइए, जानते हैं कि पी. चिदंबरम ने अपने अंतरिम बजट में क्या कुछ कहा था? 

Money Bhaskar

Jan 31,2019 08:35:00 PM IST


नई दिल्ली.
सरकार ने बेशक साफ कर दिया है कि आम चुनाव से पहले अंतरिम बजट ही पेश किया जाएगा, लेकिन कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री पीयूष गोयल 2014 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम जैसा अंतरिम बजट पेश करेंगे। दरअसल, ऐसा करके मोदी सरकार ने कांग्रेस का दांव चला है। 2014 में चिंदबरम ने अंतरिम बजट में कई लोक लुभावनी घोषणाएं की थी, गोयल यदि ऐसी ही घोषणाएं करते हैं तो कांग्रेस के पास विरोध के लिए कुछ नहीं बचेगा। आइए, जानते हैं कि पी. चिदंबरम ने अपने अंतरिम बजट में क्या कुछ कहा था?

आर्थिक स्थिति का दिया था हवाला
17 फरवरी 2014 को अंतरिम बजट पेश करते हुए चिंदबरम ने कहा था कि वह परिपाटियों को ध्‍यान में रखते हुए टैक्स कानूनों में परिवर्तन की घोषणा नहीं कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान आर्थिक स्थिति, कुछ आवश्‍यक हस्‍तक्षेप की मांग करती है, जिनके लिए नियमित बजट तक नहीं रूका जा सकता है। विशेषकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को तत्‍काल प्रोत्‍साहन देने की जरूरत है। इसलिए उन्होंने कुछ अप्रत्‍यक्ष करों में परिवर्तन का प्रस्‍ताव किया।

30 जून तक के लिए प्रस्ताव किया
चिदंबरम ने एक्साइज और कस्टम में छूट का प्रस्ताव रखा और कहा कि यह प्रस्ताव 30 जून 2014 तक लागू रहेगा। पूंजीगत वस्‍तुओं और उपभोक्‍ता वस्‍तुओं में वृद्धि को प्रोत्‍साहित करने के लिए 30-06-2014 तक की अवधि के लिए केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क टैरिफ अधिनियम की अनुसूचि के अध्‍याय 84 और अध्‍याय 85 के तहत आने वाली सभी वस्‍तुओं पर उत्‍पाद शुल्‍क 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्‍ताव है। इन दरों की समीक्षा नियमित बजट पेश करते समय की जायेगी।

ऑटो सेक्टर को दी थी राहत
अप्रत्‍याशित नकारात्‍मक वृद्धि दिखा रहे ऑटो मोबाइल उद्योग को राहत देने के लिए चिंदबरम ने 30-06-2014 तक की अवधि के लिए एक्साइट ड्यूटी घटाने का प्रस्‍ताव किया था।
- छोटी कार, मोटर साईकल, स्‍कूटर व कॉमर्शियल व्हीकल ..... 12 प्रतिशत से 8 प्रतिशत
- एसयूवी ......... 30 प्रतिशत से 24 प्रतिशत
- बड़ी तथा मझौली कारें...................... 27/24 प्रतिशत से 24/20 प्रतिशत

चिंदबरम ने ये छूट भी दी थी
- मोबाईल हैंडसेटों के घरेलू उत्‍पाद को प्रोत्‍साहित करने तथा आयात पर निर्भरता कम करने के लिए उन्होंने सभी श्रेणियों की मोबाईल हैंडसेटों के लिए एक्साइज ड्यूटी की नई दरों का प्रस्‍ताव किया था। ये दरें सेनवेट क्रेडिट के साथ 6 प्रतिशत और बिना सेनवेट क्रेडिट के एक प्रतिशत होगी।
- साबुनों और रंगीन रसायनों के घरेलू उत्‍पादन को प्रोत्‍साहन देने के लिए उन्होंने गैर-खाद्य ग्रेड के औद्योगिक तेलों तथा अल्‍कोहल पर कस्टम ढांचे को युक्ति संगत बनाकर 7.5 प्रतिशत करने का प्रस्‍ताव किया था।
- सड़क निर्माण मशीनरी के घरेलू उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने ऐसी आयातीत मशीनों पर लगने वाली सीवीडी से छूट समाप्‍त करने का प्रस्‍ताव किया था।
- करेंसी नोटों के मुद्रण के लिए प्रतिभूति कागज के स्‍वदेशी उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए चिदंबरम ने बैंक नोट पेपर मिल इंडिया प्राईवेट लिमिटेड द्वारा आयातीत पूंजीगत माल पर 5 प्रतिशत रियायती सीमा शुल्‍क का प्रस्‍ताव किया था।

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