budget 2019: क्या होता है अंतरिम बजट

What is an Interim Budget: Know all about Interim Budget meaning in hindi, difference between Interim and Union Budget. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार का कार्यकाल अगले कुछ माह में पूरा होने वाला है। 26 मई से पहले देश में आम चुनाव होंगे। 1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश करेंगे। माना जा रहा है कि यह अंतरिम बजट होगा

moneybhaskar

Jan 21,2019 04:16:00 PM IST

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार का कार्यकाल अगले कुछ माह में पूरा होने वाला है। 26 मई से पहले देश में आम चुनाव होंगे। 1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश करेंगे। माना जा रहा है कि यह अंतरिम बजट होगा। अब तक यह परंपरा रही है कि ऐसी सरकार जिसका कार्यकाल अगले कुछ माह में पूरा होने वाला है वह अंतरिम बजट पेश करती है। पूर्ण बजट पेश करने का काम नई सरकार पर छोड़ दिया जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि जेटली 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगे।

कब पेश किया जाता है अंतरिम बजट

कोई भी सरकार अंतरिम बजट तब पेश करती है जब उसके पास पूर्ण बजट पेश करने का समय लहीं होता है या आम चुनाव नजदीक होते हैं। अगर चुनाव अगले कुछ महीने में होने की स्थिति होती है तो यह उचित माना जाता है कि पूर्ण बजट तैयार करने और पेश करने का काम आम चुनाव के बाद बनने वाली नई सरकार के लिए छोड़ दिया जाता है। और मौजूदा सरकार अपने कार्यकाल की अवधि तक के लिए बजट का प्रावधान करती है। इसे ही अंतरिम बजट कहा जाता है।

अंतरिम बजट की जरूरत क्यों है? क्यों न नई सरकार बाद में पूर्ण बजट पेश करे?

जब संसद बजट को मंजूरी देती है तो यह 31 मार्च यानी वित्त वर्ष के अंत तक के लिए ही होता है। अगर किसी कारण से सरकार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के पहले पूर्ण बजट पेश नहीं कर पाती है है तो उसे नए वित्त वर्ष में जरूरी खर्च के लिए संसद की मंजूरी लेनी होती है। यह मंजूरी पूर्ण बजट पेश होने तक के लिए ली जाती है। अंतरिम बजट के जरिए संसद वोट ऑन अकाउंट पारित करती है। इस तरह से मौजूदा सरकार को नई सरकार बनने और पूरे साल के लिए पूर्ण बजट पास होने तक की अवधि के लिए जरूरी प्रशासनिक खर्च की मंजूरी मिल जाती है। आम चुनाव होने की स्थिति में अंतरिम बजट आम तौर पर चार माह के लिए होता है।

नियमित बजट से कैसे अलग है अंतरिम बजट ?

अंतरिम बजट में वोट ऑन अकाउंट के जरिए वित्त वर्ष के कुछ माह के लिए जरूरी खर्च के लिए संसद की मंजूरी मांगी जाती है। हालांकि अंतरिम बजट में भी बजट एस्टीमेट पूरे वित्त वर्ष के लिए पेश किया जाता है जैसा कि नियमित या पूर्ण बजट में होता है। हालांकि आम चुनाव के बाद आने वाली नई सरकार को यह पूरा अधिकार होता है कि वह पूर्ण बजट पेश करते हुए बजट एस्टीमेट को पूरी तरह से बदल दे।

क्या सरकार अंतरिम बजट में नए टैक्स लगा सकती है या नई नीति की घोषणा कर सकती है?

संविधान के अनुसार सरकार अंतरिम बजट में टैक्स में बदलाव कर सकती है। हालांकि स्वतंत्रता के बाद देश में अब तक 12 अंतरिम बजट पेश किए गए हैं। इन सभी अंतरिम बजट में सरकारों ने इस बात का सम्मान किया है कि उसका कार्यकाल कुछ महीनों का बचा है। ऐसे में सरकरों ने अंतरिम बजट में नई स्कीमों और बड़े बदलाव से खुद को दूर रखा है।

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