Advertisement
Home » Budget 2019Budget 2019 : Expectations of Gems and Jewellery sector

Budget 2019 :  जेम्स एवं ज्वैलरी हो सकती है सस्ती, अगर सरकार कर दे यह काम 

Election Budget 2019: जेम्स एवं ज्वैलरी सेक्टर ने Budget में Import Duty कम करने की मांग की 

Budget 2019 : Expectations of Gems and Jewellery sector

मुंबई.  नोटबंदी (Demonetization)और जीएसटी (GST) से प्रभावित जेम्स एवं ज्वैलरी (Gems and Jwellery) सेक्टर ने अपील की है कि गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी को चार फीसदी कम किया जाए। साथ ही, कट एवं पॉलिश्ड हीरों व जेम्स स्टोन पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर 2.5 फीसदी की जाए। 

 

बढ़ रही है स्मगलिंग 
ऑल इंडिया जेम्स एवं ज्वैलरी डोमेस्टिक कौंसिल चेयरमैन अनंता पदमनाभन ने फाइनेंस मिनिस्टर को लिखे पत्र में कहा है कि एक फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में जेम्स एवं ज्वैलरी सेक्टर के लिए कुछ अहम घोषणाएं की जाएं। उन्होंने अपील की कि गोल्ड पर 10 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगाई गई है, जो काफी अधिक है और इससे सेक्टर का कारोबार प्रभावित हो रहा है। जबकि गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से ग्रे मार्केट बढ़ रहा है और पीली धातु में स्मगलिंग बढ़ रहा है, जिससे सरकार के लक्ष्य भी हासिल नहीं हो रहे हैं। 

 

पैन कार्ड की सीमा घटाने की मांग 
उन्होंने कहा कि सरकार ने 2 लाख से अधिक गोल्ड ज्वैलरी खरीदने पर पैन कार्ड अनिवार्य किया हुआ है, इसे बढ़ा कर 5 लाख रुपए करना चाहिए। क्योंकि अभी भी 50 फीसदी आबादी के बाद पैन बार्ड नहीं है और 2 लाख से अधिक खरीदारी पर पैन कार्ड अनिवार्य करने से खासकर रूरल एरिया में गोल्ड ज्वैलरी की बिक्री प्रभावित हो रही है। 

 

कौंसिल ने भी मांग 
उधर, जेम्स एवं ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल के चेयरमैन प्रमोद कुमार अग्रवाल ने भी सरकार से आग्रह किया कि कट एवं पॉलिश्ड हीरे और जेम्स स्टोन पर भी इंपोर्ट ड्यूटी  7.5 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी की जाए। उन्होंने सरकार से कहा कि कट एवं पॉलिश्ड हीरों  की कीमत पर पांच फीसदी FOB (फ्री ऑन बोर्ड प्राइस) की इजाजत दी जाए। 
 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Advertisement