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बजट से पहले Moodys ने सरकार को किया आगाह, कहा-किसान पैकेज से बढ़ सकता है फिस्कल डेफिसिट

Interim Budget 2019: ग्लोबल रेटिंग एजेंसी Moody's ने एमएसएमई रियायत पर भी किया अलर्ट

Steps to help MSMEs, ease farmers' distress increase risk of fiscal slippage: Moody's

डीज (Moody's) इन्वेस्टर्स सर्विस ने कहा कि सरकार के एमएसएमई (MSME) को रियायतें देने के किए गए ऐलान और किसानों की मदद करने के लिए प्रस्तावित उपायों को लेकर आगाह किया है।


नई दिल्ली. मूडीज (Moody's) इन्वेस्टर्स सर्विस ने कहा कि सरकार के एमएसएमई (MSME) को रियायतें देने के किए गए ऐलान और किसानों की मदद करने के लिए प्रस्तावित उपायों को लेकर आगाह किया है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इससे चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय तंगी और फिस्कल डेफिसिट जीडीपी (GDP) की तुलना में 3.4 फीसदी से ज्यादा होने का रिस्क बढ़ जाएगा। गौरतलब है कि सरकार को 1 फरवरी को अंतरिम बजट (Interim Budget 2019) पेश करना है।

 

सरकार ने पिछले बजट में चालू वित्त वर्ष के लिए ग्रॉस डॉमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) की तुलना में 3.3 फीसदी फीसदी फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य तय किया था। हालांकि, अप्रैल-नवंबर के दौरान डेफिसिट बजट अनुमान का 114.8 फीसदी हो गया था।

 

मूडीज ने शॉर्ट टर्म राहत दिए जाने पर किया आगाह

मूडीज ( Moody's) ने कहा कि रिजर्व बैंक (RBI) से मिले स्पेशल डिविडेंड और कैपिटल एक्सपेंडिचर में कटौती जैसे रेवेन्यू सोर्स के माध्यम से शॉर्ट टर्म राहत दिए जाने से फिस्कल पॉलिसी का असर कम होगा। मूडीज ने कहा, ‘बीते एक महीने के दौरान भारत सरकार ने छोटे कारोबारियों और कम इनकम वाले परिवारों की आमदनी बढ़ाने के लिए कई नीतिगत ऐलान किए थे। वहीं आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों को सपोर्ट करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने पर भी विचार किया जा रहा है। रेवेन्यू बढ़ाने के नए उपाय नहीं किए जाने से सरकार के लिए राजकोषीय मजबूती के लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।’

 

फिस्कल डेफिसिट के लक्ष्य से चूक सकता है भारत

आम चुनाव से पहले कई कदम उठाए जा रहे हैं। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सरकार उन्हें स्थायी उपायों के तौर पर पेश कर रही हैं, जिनका देश के खजाने पर दूरगामी असर पड़ेगा। मूडीज ने कहा, ‘अगर प्रस्तावित उपायों को लागू किया जाता है तो भारत राजकोषीय मजबूती के लक्ष्य से चूक जाएगा। सरकार वित्त वर्ष 2019 और 2020 में फिस्कल डेफिसिट को क्रमशः 3.1 फीसदी और 3 फीसदी तक घटाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।’

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