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कहीं गड़बड़ा न जाए सरकार की बैलेंस शीट, 1 रु के खर्च में उधार से आएंगे 19 पैसे

Election Budget 2019: सरकार को प्रति 1 रुपए के खर्च के लिए 19 पैसे का कर्ज लेना है।

For every Re in govt kitty, 70 paise comes from direct, indirect taxes

अंतरिम बजट (Interim Budget 2019) में सरकार ने भले ही किसान, मिडिल क्लास सहित तमाम वर्गों के लिए कई ऐलान किए हों, लेकिन इसका आर्थिक बोझ उठाना सरकार के लिए भारी पड़ेगा। सरकार की अपनी रिपोर्ट भी कहती है कि सरकार को प्रति 1 रुपए के खर्च के लिए 19 पैसे का कर्ज लेना है। इस प्रकार सरकार को बजट में प्रस्तावित व्यय की भरपाई के लिए 19 फीसदी कर्ज लेना होगा।


नई दिल्ली. अंतरिम बजट (Interim Budget 2019) में सरकार ने भले ही किसान, मिडिल क्लास सहित तमाम वर्गों के लिए कई ऐलान किए हों, लेकिन इसका आर्थिक बोझ उठाना सरकार के लिए भारी पड़ेगा। सरकार की अपनी रिपोर्ट भी कहती है कि सरकार को प्रति 1 रुपए के खर्च के लिए 19 पैसे का कर्ज लेना है। इस प्रकार सरकार को बजट में प्रस्तावित व्यय की भरपाई के लिए 19 फीसदी कर्ज लेना होगा।

 

जीएसटी होगा रेवेन्यू का सबसे बड़ा सोर्स

वित्त मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) द्वारा संसद में पेश बजट 2019-20 के मुताबिक, सरकार को होने वाली प्रति 1 रुपए अर्निंग में गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (Goods and Services Tax) का योगदान 21 पैसे होगा। इस प्रकार GST सरकार के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू का सोर्स होगा।

 

1 रुपए के खर्च के लिए लेना होगा 19 पैसे का कर्ज

वहीं सरकार को प्रस्तावित खर्च के लिए प्रति रुपए 19 पैसे की भरपाई कर्ज और अन्य लायबिलिटीज से की जाएगी। इसके अलावा एक्साइस ड्यूटी से 7 पैसे की भरपाई की जाएगी। सरकार को डिसइन्वेस्टमेंट जैसे नॉन टैक्स रेवेन्यू से 8 पैसे मिलने की उम्मीद है।
वहीं गैर कर्ज पूंजी प्राप्तियों से 3 पैसे मिलने की उम्मीद है। इसी प्रकार कॉरपोरेशन टैक्स से 21 पैसे मिलने की उम्मीद है।
इनकम टैक्स के मद में सरकार ने अनुमानित रेवेन्यू बढ़ाकर 17 फीसदी कर दिया है। सरकार को अगले वित्त वर्ष में कस्टम ड्यूटी से 4 पैसे मिलेंगे।

 

व्यय में सबसे बड़ी हिस्सेदारी राज्यों की

व्यय की बात करें तो टैक्स और ड्यूटीज के रूप में राज्यों की सबसे ज्यादा 23 फीसदी की हिस्सेदारी होगी और इंटरेस्ट पेमेंट के तौर पर 18 पैसे का भुगतान करना होगा। डिफेंस की हिस्सेदारी घटाकर 8 फीसदी कर दी गई है, जो बीते साल 9 फीसदी थी।

 

सेंट्रल सेक्टर स्कीम पर आएगा 12 फीसदी खर्च

सेंट्रल सेक्टर स्कीम पर 12 फीसदी का खर्च आएगा, जबकि सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम के लिए 9 पैसे का आवंटन होगा। फाइनेंस कमीशन और अन्य ट्रांसफर्स पर 8 पैसे के व्यय का अनुमान है। इसी प्रकार सब्सिडीज और पेंशन पर क्रमशः 9 पैसे और 5 पैसे के व्यय का अनुमान है। सरकार ने अन्य व्यय के लिए 8 पैसे का अलोकेशन किया है।
 
 

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