मोदी सरकार कर दे ये 5 ऐलान, तो चुनाव में पलट सकता है पूरा खेल

5 Budget decisions can be crucial for Narendra Modi Govt: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अगुआई वाली सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट (Interim Budget) पेश करने जा रही है। भले ही कहा जा रहा है कि इस बजट (Budget 2019) में कोई बड़े ऐलान होने की संभावना कम है, लेकिन फिर भी इस बजट की मई में होने वाले आम चुनाव पर भी खासा असर पड़ने की चर्चाएं हैं। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि चुनाव में माइलेज लेने के लिए सरकार कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं। हम आपको ऐसी 5 संभावित घोषणाओं के बारे में बता रहे हैं, जो चुनाव में पूरा खेल पलट सकती हैं। इन दिनों इनकी काफी चर्चा भी हो रही है।

moneybhaskar

Jan 31,2019 04:51:00 PM IST


नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अगुआई वाली सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट (Interim Budget) पेश करने जा रही है। भले ही कहा जा रहा है कि इस बजट (Budget 2019) में कोई बड़े ऐलान होने की संभावना कम है, लेकिन फिर भी इस बजट की मई में होने वाले आम चुनाव पर भी खासा असर पड़ने की चर्चाएं हैं। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि चुनाव में माइलेज लेने के लिए सरकार कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं। हम आपको ऐसी 5 संभावित घोषणाओं के बारे में बता रहे हैं, जो चुनाव में पूरा खेल पलट सकती हैं। इन दिनों इनकी काफी चर्चा भी हो रही है। ये हैं 5 संभावित घोषणाएं…

1. इनकम सपोर्ट स्कीम

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने हाल में गरीबों को ‘न्यूनतम आय की गारंटी’ का वादा किया है। हालांकि सरकार द्वारा पहले से ही ऐसी ही एक स्कीम शुरू किए जाने की चर्चाएं हो रही हैं, जिसे इनकम सपोर्ट स्कीम बताया जा रहा है। अगर बजट में इसका ऐलान होता है तो इसका असर व्यापक होगा।
हालांकि घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स (India Ratings) ने अनुमान जाहिर किया कि अगर बजट में गरीबों के लिए ऐसी किसी इनकम सपोर्ट स्कीम (income support scheme) का ऐलान होता है तो केंद्र सरकार पर सालाना 1.5 लाख करोड़ रुपए या केंद्र और राज्यों पर मिलाकर कुल जीडीपी का 0.70 फीसदी बोझ पड़ेगा। हालांकि एजेंसी ने इस संभावित स्कीम को किसानों को कर्ज माफी से कहीं बेहतर बताया। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि आगामी बजट में ऐसे किसी उपाय का ऐलान हो सकता है।

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2.हर किसान के खाते में डाले जा सकते हैं 7-8 हजार रु मोदी सरकार किसानों के लिए बजट में राहत पैकेज का ऐलान कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो लोकसभा चुनाव से पहले किसानों को पैकेज की पहली किस्त जारी हो जाएगी। नीति आयोग ने भी किसानों के खाते में सालाना 15 हजार रुपए सीधे खाते में भेजने की सिफारिश की थी। मतलब किसान को हर फसल से पहले 7500 रुपए दिए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक किसानों को जमीन के आधार पर सहायता राशि दी जा सकती है। इसका फायदा किसान क्रेडिट कार्ड से मिलेगा। देश में करीब 3 करोड़ किसानों के पास क्रेडिट कार्ड है। इनमें से आयकर के दायरे में आने वाले कियानों से इस सुविधा का फायदा नहीं मिलेगा। साथ ही इस सुविधा का फायदा देने के लिए कुछ अन्य मानक बनाए जा सकते हैं। 3. 5 लाख रु हो सकती है इनकम टैक्स छूट की सीमा मौजूदा सरकार को किसानों के बाद सबसे ज्यादा चिंता मिडिल क्लास की है। ऐसे में बजट (Interim Budget) में उनके लिए कोई ऐलान नहीं होता है तो चुनाव में यह तबका बीजेपी के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार अगर इनकम टैक्स छूट की सीमा 5 लाख रुपए कर दे तो मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिल सकती है।4. लॉन्च हो सकता है गोल्ड सेविंग बैंक अकाउंट अंतरिम बजट (Interim Budget) में केंद्र सरकार सोने की खरीदारी को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं की घोषणा कर सकती है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार अंतरिम बजट में गोल्ड सेविंग अकाउंट लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है। इस योजना के तहत लोग इस खाते में नकद जमा कराएंगे और बैंक उतनी ही कीमत का सोना उस खाते में क्रेडिट कर देंगे। इस बैंक खाते के साथ पासबुक भी मिलेगी, जिसमें सारा ब्योरा दर्ज होगा। साथ ही लोग सोने की सावधि जमा (आरडी) भी कर सकेंगे।5. हेल्थ इंश्योरेंस हो सकता है अनिवार्य बजट में स्वास्थ्य बीमा उद्योग उन सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक होगा जहां तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक आम लोगों के बीच स्वास्थ्य बीमा के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने की सख्त ज़रूरत है, खासकर निम्न एवं मध्यम वर्ग के बीच। एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक आवश्यक कानून बनाकर स्वास्थ्य बीमा को भी अनिवार्य बनाया जा सकता है। अंतरिम बजट से स्वास्थ्य बीमा उद्योग को एक अन्य बड़ी उम्मीद यह भी है कि उपभोक्ताओं को 5 वर्षों तक लेवल प्रीमियम (एक समान प्रीमियम) चुकाने की सुविधा दी जाए और इसके लिए जीवन बीमा की तरह मासिक, त्रैमासिक, अर्ध वार्षिक और सीमित अवधि तक भुगतान करने जैसे विभिन्न भुगतान विकल्प भी दिये जाएं।
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