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बजट पेश कर चुके हैं ये 3 प्रधानमंत्री, लगाया गिफ्ट टैक्‍स तो किसी ने महंगी की सिगरेट

Budget 2019: जवाहर लाल नेहरू ने देश में पहली बार लगाया था गिफ्ट टैक्स

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नई दिल्‍ली. वैसे तो आम तौर पर बजट वित्‍त मंत्री ही पेश करते हैं। हालांकि, आजादी के बाद से अब तक तीन ऐसे मौके भी आए हैं, जब प्रधानमंत्री ने बजट पेश किया है। देश का बजट पेश करने वाले प्रधानमंत्रि‍यों में पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के अलावा इंदिरा और राजीव गांधी का नाम शामि‍ल है। नेहरू ने अपने बजट में पहली बार गिफ्ट टैक्‍स लगाया था। 
 

 

जवाहरलाल नेहरू ने 1958-59 का बजट पेश किया था। उस वक्‍त नेहरू के पास वित्‍त मंत्रालय का पोर्टफोलियो था। 1970-71 में मोरारजी देसाई के इस्‍तीफे के बाद तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वित्‍त मंत्रालय का पोर्टफोलियो संभाला और 1970-71 का बजट पेश किया। इसी तरह, तत्‍कालीन वित्‍त मंत्री वीपी सिंह के सरकार से बाहर आने के बाद राजीव गांधी ने वित्‍त मंत्री का पोर्टफोलियो संभाला और 1987-88 का बजट पेश किया। इस तरह, अपने नाना और मां के बाद राजीव गांधी देश का बजट पेश करने वाले तीसरे प्रधानमंत्री बने। सबसे पहले कि‍स PM ने बजट पेश कि‍या था ...

 

 

 

नेहरू ने लगाया था गिफ्ट टैक्‍स

-प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1958-59 का बजट पेश किया था।
-इस बजट में नेहरू ने डायरेक्‍ट टैक्‍स के तहत पहली बार गिफ्ट पर टैक्‍स का प्रावधान पेश किया। इसे ‘गिफ्ट टैक्‍स’ कहा गया।
-10 हजार रुपए से अधिक की संपत्ति के ट्रांसफर पर गिफ्ट टैक्‍स का प्रावधान किया गया। इसमें एक छूट यह भी थी कि पत्‍नी को 1 लाख रुपए तक के गिफ्ट देने पर टैक्‍स का प्रावधान नहीं था।
- गिफ्ट टैक्‍स का प्रस्‍ताव पेश करते हुए बजट स्‍पीच में नेहरू ने कहा था, ‘गिफ्ट के जरिए अपने संबंधियों का परिजनों को संपत्तियों का ट्रांसफर न केवल एस्‍टेट ड्यूटी की चोरी करने बल्कि वेल्‍थ टैक्‍स, इनकम टैक्‍स और एक्‍पेंडिचर टैक्‍स बचाने का भी जरिया है।’
- उस समय अमेरिका, कनाडा, जापान और ऑस्‍ट्रेलिया जैसे देशों में इस तरह के टैक्‍स का प्रावधान था।
- इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के तहत नेहरू ने एक्‍साइज ड्यूटी में एक बड़ा बदलाव किया था। इसके तहत सीमेंट पर एक्‍साइज ड्यूटी 20 रुपए से बढ़ाकर 24 रुपए प्रति टन कर दी गई थी।
- नेहरू ने 1958-59 के लिए 763.16 करोड़ रुपए के रेवेन्‍यू और 796.01 करोड़ रुपए के खर्च का इस्टीमेट पेश किया गया। रेवेन्‍यू अकाउंट में 32.85 करोड़ रुपए का डेफिसिट था।
- बजट 1958-59 में डिफेंस खर्च के लिए 278.14 करोड़ रुपए का इस्टीमेट रखा गया। जबकि 517.87 करोड़ रुपए का प्रावधान सिविल खर्चों के लिए रखा गया।

नेहरू के बाद कि‍स पीएम ने बजट पेश कि‍या  ....... 

 

 

इंदिरा ने सिगरेट पर ड्यूटी 3% से सीधे बढ़ाकर 22% किया

- 1970-71 में मोरारजी देसाई के इस्‍तीफे के बाद तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वित्‍त मंत्री का पोर्टफोलियो संभाला और 1970-71 का बजट पेश किया। वह बजट पेश करने वाली देश की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री और वित्‍त मंत्री भी हैं।
- इंदिरा गांधी ने इनडायरेक्‍ट टैक्‍स में एक बड़ा फैसला किया, जिसके तहत सिगरेट पर ड्यूटी 3 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 22 फीसदी कर दी गई। इंदिरा गांधी ने बजट स्‍पीच में कहा कि इससे सरकार को 13.50 करोड़ रुपए की अतिरिक्‍त इनकम होगी।
- इंदिरा गांधी ने 28 फरवरी 1970 को बजट पेश किया था।
- बतौर वित्‍त मंत्री इंदिरा गांधी ने प्‍लान आउटले (केंद्र, राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों) के लिए 2,637 करोड़ रुपए का प्रस्‍ताव पेश किया। यह 1960-70 से करीब 400 करोड़ रुपए अधिक था।
- इंदिरा गांधी ने टैक्‍स से 3,867 करोड़ रुपए की आमदनी का अनुमान पेश किया।
- डायरेक्‍ट टैक्‍स में इंदिरा गांधी गिफ्ट टैक्‍स के लिए संपत्ति की वैल्‍यू की अधिकतम 10,000 रुपए की लिमिट घटाकर 5,000 रुपए कर दी। यानी, 5,000 रुपए से अधिक संपत्ति को गिफ्ट करने पर उसे टैक्‍स के दायरे में लाया गया। 
- इंदिरा गांधी ने डायरेक्‍ट टैक्‍स में इनकम टैक्‍स छूट की लिमिट 40 हजार रुपए की।
 

 

 

राजीव गांधी ने पहली बार लगाया मिनिमम कॉरपोरेट टैक्‍स

 - बतौर वित्‍त मंत्री राजीव गांधी ने वित्‍त वर्ष 1987-88 के लिए आम बजट पेश किया।
- राजीव गांधी ने इस बजट के जरिए देश में पहली बार मिनिमम कॉरपोरेट टैक्‍स का प्रस्‍ताव पेश किया। जिसे अभी मैट के रूप में जाना जाता है।
- इस मिनिमम कॉरपोरेट टैक्‍स के तहत कंपनी की तरफ से घोषित प्रॉफिट का 30 फीसदी टैक्‍स देने का प्रावधान किया गया। राजीव गांधी ने इससे 75 करोड़ रुपए अतिरिक्‍त रेवेन्‍यू हासिल होने का अनुमान लगाया।
- राजीव गांधी ने विदेशी यात्रा के लिए भारत में जारी वाले फॉरेन एक्‍सचेंज पर 15 फीसदी की दर से टैक्‍स लगाने का प्रावधान किया। इससे सरकार ने 60 करोड़ रुपए की अतिरिक्‍त रेवेन्‍यू का अनुमान जताया था।
- राजीव गांधी ने 24,622 करोड़ रुपए केंद्रीय आउटले (खर्च) प्‍लान पेश किया। इसमें से 14,923 करोड़ रुपए का प्‍लान बजटीय सपोर्ट के जरिए रखा गया।
- राजीव गांधी ने बतौर वित्‍त मंत्री ने डिफेंस के लिए 1987-88 में 12,512 करोड़ रुपए का प्रावधान किया।
- नॉन प्‍लान खर्च के लिए 39,233 करोड़ रुपए के आकलन पेश किया था।

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