Budget 2019: अगर ट्रैवल सेक्टर की ये मांगें मान ले सरकार तो आपकी यात्रा हो जाएगी और भी सुहानी 

Budget 2019 Date and Union Budget 2019 expectations by tourism industry: ट्रैवेल अनरैवल हाॅलीडेज़ प्राइवेट लिमिटेड, ई-काॅमर्स रिटेल कंपनी ने आगामी अंतरिम बजट 2019-20 के लिए यात्रा एवं पर्यटन उद्योग की ओर से कुछ विशेष मांगें सरकार के सामने रखी हैं।

Money Bhaskar

Jan 31,2019 08:32:00 PM IST

नई दिल्ली

ट्रैवेल अनरैवल हाॅलीडेज़ प्राइवेट लिमिटेड, ई-काॅमर्स रिटेल कंपनी ने आगामी अंतरिम बजट 2019-20 के लिए यात्रा एवं पर्यटन उद्योग की ओर से कुछ विशेष मांगें सरकार के सामने रखी हैं। कंपनी के सह-संस्थापक और निदेशक सौरभ शर्मा ने कहा, ‘‘भारत के जीडीपी में यात्रा एवं पर्यटन उद्योग की 9.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है और यह देश के विकास के लिए जरूरी तीन मुख्य प्रमुख लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान देता है। ये तीन लक्ष्य हैं- आमदनी का जरिया बनाना, रोजगार पैदा करना और विदेशी मुद्रा की आमदनी। इसलिए बजट 2019-20 में इस सेक्टर पर ध्यान देना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।’’

यात्रा एवं पर्यटन उद्योग की ओर से सौरभ शर्मा की ये मांगें हैं:

-यात्रा एवं पर्यटन उद्योग की एक मांग टैक्स के न्यूनतम स्लैब को बढ़ा कर 5 लाख रु. करने की है। स्लैब के इस विस्तार से इस उद्योग से जुड़े लोग अतिरिक्त पैसे का निवेश यात्रा एवं पर्यटन उद्योग के विकास पर कर पाएंगे।

-भारत की हेरिटेज डेस्टिनेशंस की मार्केटिंग और प्रमोशन पर निवेश को बढ़ावा दिया जाए। भारत की शानदार सांस्कृतिक और भौगोलिक विरासतों की मार्केटिंग की विशेष योजना शुरू की जाए।

-आज अधिक से अधिक भारतीय यात्रा कर रहे हैं इसलिए देश में इसका बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर चाहिए चाहे वह एयरपोर्ट हो, होटल या फिर लाॅजिस्टिक्स की सुविधाएं। इसलिए यात्रा एवं पर्यटन उद्योग को वित्तीय सहायता में प्राथमिकता का दर्जा चाहिए ताकि ऋण आसानी से उपलब्ध हो।

-इस उद्योग को अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षित मानव संसाधन चाहिए लिहाजा युवाओं के प्रशिक्षण एवं कौशल के विकास के लिए विशेष योजना शुरू की जाए।

-जीएसटी रिफंड में 30 दिनों से अधिक विलंब नहीं हो। हमारे पास ज्यादा वर्किंग कैपिटल नहीं होता है और रिफंड में विलंब से वर्किंग कैपिटल और कम हो जाता है जिससे इस सेक्टर की स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है। इतना ही नहीं, एयरलाइन और अन्य संबद्ध सेवाओं के लिए 10-15 दिनों के अंदर यह भुगतान होना आवश्यक है।

-साथ ही स्टार्ट-अप्स और छोटे उद्यमियों के लिए अगले 5 वर्षों तक टैक्स में छूट जारी रखने पर विचार करना होगा।

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