Advertisement
Home » Budget 2019Federation of Indian Export Organisations demand more exemption to increase export and jobs

Budget 2019: निर्यात और नौकरियां बढ़ाने के लिए उठाए जाएं पर्याप्त कदम

Election Budget 2019: एमएसएमई क्षेत्र के लिए लाभप्रद घोषणाएं होने की उम्मीद

Federation of Indian Export Organisations demand more exemption to increase export and jobs

नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता ने कहा है  कि पिछले दो-तीन महीनों से निर्यात के आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है जो हम सभी के लिए चिंता का विषय है। गुप्ता ने उम्मीद जताते हुए कहा कि एक फरवरी को पेश होने वाला बजट भले ही अंतरिम बजट है, लेकिन इस बजट में कई लाभप्रद घोषणाएं हो सकती हैं, खासकर एमएसएमई क्षेत्र के लिए और उन खास उत्पाद समूहों और अनुसंधान एवं विकास के लिए भी घोषणाएं हो सकती है जो निर्यात बढ़ाने और विनिर्माण और नौकरी सृजन को बढ़ावा देने में मदद करेंगी।

 

समर्थन से निर्यात जगत को मिलेगी मनोबल मजबूती

फियो अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि निर्यातकों को अभी भी पेट्रोलियम और बिजली के मद में टैक्स देना पड़ता है, राज्य में मंडी टैक्स जैसे शुल्क देने पड़ते हैं। बजट में इस प्रकार के टैक्स के रिफंड के लिए सरकार कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती छाई है तो बजट में निर्यात जगत के लिए आवश्यक समर्थन की घोषणा से निर्यात क्षेत्र के मनोबल में मजबूती आएगी।  रोजगार सृजन करना देश की सबसे बड़ी चुनौती है और इसलिए बजट में देश में रोजगार पैदा करने वाली इकाइयों को कर रियायत प्रदान करने की आवश्यकता है ताकि अधिक से अधिक रोजगार निकल सके। नौकरियों के प्रत्येक सृजन पर टैक्स में छूट मिलनी चाहिए, यह छूट यूनिट के लिए कर्मचारियों की लागत के बराबर हो।

 

निर्यात बढ़ाने के लिए बने एक्सपोर्ट डेवलपमेंट फंड

फियो अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से बजट में कोल्ड चेन और वेयरहाउस जैसी चीजों के निर्माण के साथ कृषि में फॉरवर्ड और बैकवार्ड लिंकेज के लिए पर्याप्त धन आवंटित किया जाना चाहिए ताकि जैसा कि पूर्व में घोषित नीति के मुताबिक भारत में एक स्थिर कृषि नीति बन सके। गुप्ता ने कहा कि हम 2025 तक निर्यात और आयात के कारोबार को 2 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना चाहते हैं। इस काम के लिए एक्सपोर्ट डेवलपमेंट फंड की आवश्यकता है जो निर्यात के टर्नओवर के 0.5 फीसदी के बराबर का हो। ताकि निर्यातक अपनी वस्तुओं की मार्केटिंग बढ़-चढ़कर और बेहतर तरीके से कर सकें। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Advertisement
Don't Miss