विज्ञापन
Home » Budget 2019Budget 2019: More then 100 employee of finance ministry will be imprisoned in the North Block 

PMO के सामने वाले नॉर्थ ब्लाक में कैद हो जाएंगे 100 लोग, छूटेंगे 1 फरवरी को

बाहर आने-जाने पर रहेगी पाबंदी, परिवार वालों से भी नहीं रहेगा संपर्क

1 of

मनोज कुमार  

 

बजट बनाने की आधिकारिक घोषणा के लिए हलवा बनाने का काम पूरा हो गया। इसके साथ ही नार्थ ब्लाक जहां वित्त मंत्रालय स्थित है, वहां आम आदमी का आना-जाना बंद हो जाएगा। पत्रकारों को भी बिना बुलाए जाने की इजाजत नहीं होती है। सुरक्षा इतनी अधिक हो जाती है कि परिंदा भी पर मारने का नहीं सोच सकता।  बजट बनाने में मंत्रालय के लगभग 100 लोग हलवा बनने के बाद से दिन-रात लग जाते हैं। बजट पेश होने से लगभग एक सप्ताह पहले से तो इन लोगों को 24 घंटे नार्थ ब्लाक में ही गुजारना पड़ता है। एक बार कैद होने के बाद वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा में बजट पेश करने के बाद ही इन्हें नार्थ ब्लाक से बाहर जाने की इजाजत मिलती है। 

 

सुबह और शाम तक का पता नहीं होता इन्हें

बजट से एक सप्ताह पहले से बजट निर्माण में शामिल लोगों को सुबह शाम का पता नहीं होता। ये सभी घर-परिवार दुनिया से दूर देश का बजट छाप रहे होते हैं। अमूमन यह काम वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में होता है। पिछले कई सालों से बजट छापने का काम यहीं होता है। इसलिए बेसमेंट की सुरक्षा सीमा की सुरक्षा जैसी दिखने लगती है। वर्ष 1980 से नार्थ ब्लाक के बेसमेंट में बजट छापने का काम किया जा रहा है।

बजट भाषण खत्म होने के बाद मिलती है बाहर जाने की इजाजत


बजट छपाई का अनुभव ले चुके वित्त मंत्रालय के एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि संसद में बजट भाषण शुरू होते ही यहां कैद कर्मचारी बाहर जाने के लिए तैयार हो जाते हैं। बजट भाषण खत्म होते ही इन्हें मंत्रालय से बाहर जाने की इजाजत मिल जाती है। फिर ये नहीं रूकते। छपाई के अंतिम चार-पांच दिन तो इन्हें घर से भी संपर्क की इजाजत नहीं होती। इनके घर में कोई इमरजेंसी हो जाए तो उन्हें मंत्रालय के लैंडलाइन पर फोन करने की इजाजत होती है। लेकिन बातचीत निगरानी में होती है। उस बात की रिकार्डिंग तक की जाती है। 

अस्पताल तक अकेले जाने की इजाजत नहीं


उन्होंने बताया कि छपाई के दौरान किसी स्टाफ की तबियत खराब होने पर उन्हें अकेले अस्पताल जाने की इजाजत नहीं होती। बीमार कर्मचारी को सुरक्षा में इलाज के लिए बाहर लाया जाता है। कोशिश यही रहती है कि छपाई में जुटे स्टाफ बजट भाषण समाप्त होने के बाद ही बेसमेंट से बाहर आ पाए। ऐसा भी नहीं है कि बेसमेंट में छपाई के दौरान वे आराम नहीं करते। उनके आराम के लिए बेड लगे होते हैं। नहाने-धोने की पूरी व्यवस्था होती है। चाय-नाश्ता व खाने का भी पर्याप्त इंतजाम होता है। बजट छपाई के काम में हर ग्रेड का स्टाफ लगा होता है। बेसमेंट में होने वाली प्रिंटिंग में सुरक्षा इतनी सख्त होती है कि वित्त मंत्री भी इस एरिया में मोबाइल फोन लेकर नहीं जा सकते।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन
Don't Miss