Budget 2019: डेयरी किसानों की इनपुट कॉस्ट पर सब्सिडी देने की वकालत

Budget 2019 central government should focus on dairy inputs बजट 2019 के चलते एक कारोबारी परम सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि फिलहाल केंद्र सरकार दूध उत्पादन और उसके मूल्यों पर काफी सब्सिडी देती है। ऐसे में जरूरी है कि इस बजट 2019 में केंद्र सरकार डेयरी इनपुट्स पर ध्यान दे। परम ने बताया कि बाजार में पशुओं के लिए चारा काफी महंगा है इसके  अलावा पशुओं के रखरखाव का खर्चा भी काफी अधिक है जिसे किसान पूरा नहीं कर पाते हैं। इसके लिए जरूरी है कि  सरकार इनपुट कॉस्ट को कम करे।

Money Bhaskar

Jan 31,2019 08:33:00 PM IST

नई दिल्ली। 1 फरवरी को केंद्र सरकार अपना अंतरिम बजट पेश करने जा रही है। मोदी सरकार में पहली बार अरुण जेटली की जगह पीयूष गोयल (Piyush Goyal)बजट (Budget 2019) पेश करेंगे। इस बजट से आम लोगों के साथ कारोबारियों को भी काफी उम्मीद है। ऐसे में मनी भास्कर ने डेयरी किसानों के लिए क्या कुछ बजट में हो सकता है, इस संबंध में डेयरी किसानों को प्रशिक्षित करने के काम में जुड़ी मू-फॉर्म कंपनी के संस्थापक परम सिंह से मनी भास्कर ने बातचीत की। सिंह का कहना है कि सरकार को बजट में डेयरी उद्योग की लागत को कम करने के लिए सब्सिडी का प्रावधान करना चाहिए।

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बजट 2019 में केंद्र सरकार डेयरी इनपुट्स पर दे ध्यान

सिंह ने बताया कि फिलहाल केंद्र सरकार दूध के प्रोडक्शन और उसके मूल्यों पर काफी सब्सिडी देती है। ऐसे में जरूरी है कि इस बजट 2019 में केंद्र सरकार डेयरी इनपुट्स पर ध्यान दे। सिंह ने बताया कि बाजार में पशुओं के लिए चारा काफी महंगा है इसके अलावा पशुओं की देखभाल पर भी काफी अधिक खर्चा आता है जिसे किसान पूरा नहीं कर पाते हैं। इसके लिए जरूरी है कि सरकार इनपुट कॉस्ट को कम करे। उन्होंने कहा कि इस बजट में सरकार को किसानों को इनपुट कॉस्ट में सब्सिडी देनी चाहिए। सिंह ने बताया कि भारत में एक्सपोर्ट एक बड़ा चैलेंज है। भारत के स्किम्ड मिल्क पाउडर की प्रति किलोग्राम कॉस्ट 1.6 और 1.7 डॉलर आती है। वहीं अगर न्यूजीलैंड जैसे देशों की बात की जाए तो वहां स्किम्ड मिल्क पाउडर की कॉस्ट भारत से कम है जिस कारण भारत को आगे बढ़ने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस बजट में वह सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि स्किम्ड मिल्क पाउडर की कॉस्ट में उन्हें 10 से 20 फीसदी सब्सिडी दी जाए ताकि स्किम्ड मिल्क को ज्यादा से ज्यादा एक्सपोर्ट किया जा सके।

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साल 2018 में की गई थी दो घोषणएं


परम ने कहा कि बीते साल 2018 में आए बजट में सरकार ने डेयरी उद्योग को लेकर दो मुख्य घोषणाएं की थी। जिसमें डेयरी प्रोसेसिंग इंफ्रा डेवलपमेंट फंड (DPIDF) और पुशपालन और मछली पालन मुख्य थे। सरकार ने डेयरी प्रोसेसिंग और इंफ्रा डेवलपमेंट फंड के लिए तय किया कि नाबार्ड इसमें 2000 करोड़ से शुरुआत करेगा और तीन साल में इस पर 8000 करोड़ खर्च करेगा। जबकि पुशपालन और मछली पालन के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ के 2 फंड बनाने और पशुपालन, मछली पालन के लिए किसानों को क्रेडिट कार्ड दिए जाने की बात कही थी।

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