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Home » Business » TradeGoods Being Delivered To POK Via Poonch And Rajouri, Token Costs 50-75K Rs

पुंछ और राजौरी के रास्ते Pakistan अधिकृत कश्मीर में सामान जाने का सिलसिला जारी, 50,000-75,000 रुपए का कटता है टोकन

लाहौर से लेकर इस्लामाबाद तक बिकता है हिन्दुस्तान का सामान

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मनी भास्कर

भारत के कारोबारियों ने Pakistan से कारोबारी रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म करने का ऐलान जरूर कर दिया है, लेकिन भारतीय कश्मीर से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सामान जाने का सिलसिला जारी है। आजादपुर मंडी के थोक व्यापारी एवं एपीएमसी कमेटी के सदस्य अनिल कुमार मल्होत्रा ने मनी भास्कर को बताया कि बीते मंगलवार को भी खाने-पीने के सामान से भरी 70 गाड़ियां भारत के कश्मीर से पाकिस्तान के कश्मीर में गई हैं। मल्होत्रा ने मनी भास्कर के समक्ष दावा किया कि पुंछ और राजौरी के रास्ते से पाकिस्तान को माल सप्लाई किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सप्ताह में चार दिन माल भेजने का काम होता है। बदले में पाकिस्तान से भी इस रास्ते सामान आ रहे हैं। हालांकि दिल्ली की आजादपुर मंडी के कारोबारियों ने बताया कि वे अब किसी भी कीमत पर पाकिस्तान के साथ कारोबार नहीं करेंगे और पाकिस्तानी सामान के साथ अगर कोई गाड़ी मंडी में घुसती है तो उसे यही तहस-नहस कर देंगे।

 

 

दोनों मुल्कों से भेजा जाता है सामान के बदले सामान

मल्होत्रा ने मनी भास्कर को बताया कि दोनों मुल्कों के बीच यह कारोबार बार्टर सिस्टम पर आधारित था। मतलब यह हुआ कि सामान के बदले सामान। भारतीय कश्मीर से सामान भेजा जाता था और Pakistan की तरफ से भी भेजे गए सामान के बदले सामान आता था। इनमें मुख्य रूप से फल-सब्जी, मेवे आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब एक गाड़ी को भेजने के लिए 50,000-75,000 रुपए का टोकन कटता है। मल्होत्रा ने मनी भास्कर को बताया कि अब करेंसी भी चलने लगी है। उन्होंने सरकार से इस प्रकार के कारोबार की जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लिए भेजे जाने वाले सामान सिर्फ वहीं तक सीमित रहते हैं। लाहौर से लेकर इस्लामाबाद तक उन भारतीय चीजों का इस्तेमाल होता है। वैसे ही, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रास्ते आने वाले सामान दिल्ली से लेकर कन्याकुमारी तक जाते हैं। मल्होत्रा ने बताया कि पिछले साल आजादपुर मंडी में पाकिस्तानी आम से लदी कई गाड़ियां आई थीं।

भारतीय व्यापारियों ने लौटाया पाकिस्तानी सीमेंट

पुलवामा हमले के बाद कई भारतीय व्यापरियों ने पाकिस्तान (Pakistan) से व्यापार करने से इनकार कर दिया है। अब इसमें सीमेंट व्यापारियों का नाम भी जुड़ गया है। भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तान से सीमेंट के आयात पर रोक लगा दी है। उन्होंने पाकिस्तान से आए सीमेंट के 600-800 कंटेनरों को वापस कर दिया है। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक फिलहाल यह कंटेनर कराची पोर्ट, कोलंबो और दुबई पोर्ट पर पड़े हैं।

 

 

पाक को होगा 8 करोड़ डॉलर का नुकसान


पाकिस्तान सालाना तौर पर भारत को 7 से 8 करोड़ डॉलर (500-572 करोड़ रुपए) की सीमेंट बेचता है। व्यापारियों के इस कदम से पाकिस्तान को यह नुकसान उठाना पड़ेगा। हाल ही में भारत ने पाकिस्तान से आने वाले सभी उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी 200 फीसदी बढ़ा दी है। बिना ड्यूटी के पाकिस्तान से आने वाले एक टन सीमेंट की कीमत 44 डॉलर (3415 रुपए) होती है।

 

पाक से छीना मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा


पुलवामा हमले के बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट बैठक में पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म करने का फैसला लिया गया। मोस्ट फेवर्ड नेशन का मतलब सबसे अधिक तरजीही देश होता है। विश्व व्यापार संगठन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों के आधार पर व्यापार के लिए मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाता है। एमएफएन दर्जा प्राप्त देश को इस बात का आश्वासन दिया जाता है कि उसे व्यापार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। भारत ने पाकिस्ताव को 1996 में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाएगा। 2016 में भारत और पाकिस्तान ने बीच करीब 2.89 बिलियन डॉलर का कारोबार था। इसमें बड़ा हिस्सा भारत से पाकिस्तान होने वाले निर्यात का है। हालांकि, अभी तक पाकिस्तान ने भारत को यह दर्जा दिया है।

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