Home » Business » Trade50% of milk samples did not pass quality norms

दूध के हर दूसरे गिलास में मिलावट

कुल जांचे गए नमूनों में से 10 फीसदी बिलकुल सेफ नहीं

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नई दिल्ली।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने हाल ही में कच्चे दूध और प्रोसेस्ड दूध की जांच की जिसमें आधे से ज्यादा सैंपल गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे। एजेंसी ने कुल 6,432 सैंपल्स की जांच की। इसमें 59 फीसदी कच्चा दूध और 41 फीसदी प्रोसेस्ड मिल्क के नमूने शामिल थे। जांच में सामने आया कि कच्चे दूध के 50.3 सैंपल और कच्चे दूध के 46.8 सैंपल गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे। इससे दूध में मिलावट की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। देश में पिए जाने वाले दूध के हर दूसरे गिलास में मिलावट है।

 

मिलावट वाला दूध पी रहे हैं आप

जांच के मुताबिक सभी तरह के सैंपल्स में से 51.1 फीसदी खराब गुणवत्ता के पाए गए। इसमें से भी 9.9 फीसदी ऐसे थे जो बिलकुल भी पीने लायक नहीं थे। बाकी 39 फीसदी सैंपल मानकों पर खरे न उतरने के बावजूद सेफ पाए गए। इनमें एंटीबायोटिक, अमोनियम सल्फेट जैसी खाद, और अफ्लाटॉक्सिन एम-1 जैसे टॉक्सिक पदार्थ पाए गए।

 

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डेयरी कंपनियों के प्रोडक्ट्स भी सुरक्षित नहीं

 

FSSAI के चीफ एक्जीक्यूटिव पवन अग्रवाल के मुताबिक ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर से आने वाले दूध के सैंपल कच्चे दूध के सैंपल्स से ज्यादा असुरक्षित हैं। यानी घरों में जो पैकेट बंद दूध पिया जा रहा हैउसमें से कई ब्रांड्स गुणवत्ता के मामले में पीछे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ब्रांड्स और उनके प्रोसेस्ड मिल्क सैंपल्स् की सूची तैयार कर ली गई है और उनकी गहन जांच की जाएगी।

 

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अभी बड़ा नहीं है खतरा

 

अग्रवाल ने बताया कि अभी खतरा इतना बढ़ा नहीं है। देश में अभी दूध सुरक्षित ही है। हालांकि गुएावत्ता को लेकर कुछ कमियां हैं, जो कि खराब फार्म प्रैक्टिस के कारण होती हैं।

 
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