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आसानी /4 तकनीकी ट्रेंड्स जो आपके बिजनेस की मुश्किलों को कम करते हैं

  • Tally सॉफ्टवेयर के साथ आप बेहतर ढंग से अपने बिजनेस के विस्तार के लिए काम कर सकेंगे। 

Moneybhaskar.com

Jun 26,2019 02:03:47 PM IST

नई दिल्ली.

बिजनेस प्रणालियों में ऑटोमेशन का इस्तेमाल बढ़ने व डिजिटल व्यवहार में बदलाव आने से पहले, ट्रांजेक्शन्स का लेखा-जोखा या अकाउंटिंग एक बेहद मुश्किल काम था। बिजनेस से जुड़े लेन-देन व अन्य ट्रांजेक्शन्स के लिए कई बुक्स (बही) मेंटेन करनी पड़ती थीं, जिनके मिलान के समय अक्सर उनके हिसाब में कई अनियमितताएं या गलतियां मिलती थीं। इससे न सिर्फ अकाउंटेंट का काम मुश्किल हो जाता था, बल्कि इन गलतियों की वजह से बिजनेस में होने वाले मुनाफे व ग्रोथ को भी नुकसान होने लगा। इसी के चलते अकाउंटेंट्स व उद्यमियों ने एक ऐसी तकनीक को अपनाने की जरूरत समझी जिससे उनके काम में होने वाली मुश्किलों का समाधान मिल सके और वे बेहतर ढंग से बिजनेस को बढ़ाने के लिए ज्यादा समय दे सकें।

छोटे-बड़े हर तरह के बिजनेस में नई टेक्नोलॉजी को अपनाने से सभी काम आसानी, सरलता व सटीक रूप से पूरे हो जाते हैं। एक बिजनेस सेट अप में अनावश्यक मैन्युअल कार्यों को कम करने में भी टेक्नोलॉजी ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बही खाता बनाना, बैलेंस शीट बनाना या इनवेंट्री मैनेज करना, अकाउंटिंग से जुड़े इन सभी कामों के लिए बिजनेसेज को ऐसी टेक्नॉलॉजी व सॉफ्टवेयर एप्लिकेशंस की जरूरत है ताकि मैनुअल लेबर व समय की बचत हो सके जिससे बिजनेस में सटीकता, विश्वसनीयता और उत्पादकता में वृद्धि भी मिले। टेक्नॉलॉजी के इस्तेमाल से उद्यमी अपने बिजनेस का मुनाफ़ा व स्केलेबिलिटी बढ़ाने की ओर बेहतर प्रयास कर सकते हैं जिससे वो मार्केट में भी अपनी खास पहचान बना सकते हैं। इसी दिशा में हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसे उपयोगी और महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स जिन्होंने व्यापार की दुनिया में अकाउंटेंसी का तरीका बदल दिया है।

1. इंटीग्रेटेड अकाउंटिंग यानि एकीकृत लेखा

व्यवसायिक दृष्टि से लगातार हो रहे बदलावों के बीच, हर बिजनेस में बिना रुकावट सामयिक रिपोर्टिंग होना महत्वपूर्ण है इस बदलते परिवेश में, अकाउंटेंट्स के लिए बेहद जरूरी है कि वो पूरी दक्षता, सटीकता और सही समय से अपने बिजनेस ओनर को फाइनेंशियल रिपोर्ट्स देते रहें । सोच-विचार कर, समय रहते सही फैसले लेना किसी भी बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है कैश फ्लो की जानकारी को लगातार अपडेट कर इंटीग्रेटेड अकाउंटिंग इसी तेज़ी को बनाए रखने में मदद करता है। तेज़ी से फैसले लेने की इसी ज़रूरत को समझते हुए Tally बैलेंस शीट, प्रॉफिट- लॉस स्टेटमेंट, इनवेंट्री, कैश फ्लो व बिजनेस की अन्य अहम जानकारियों की एक क्लिक में रियल-टाइम रिपोर्ट्स देता है।

2. जीएसटी अनुपालन में आसानी

जीएसटी लागू होने के साथ देश के टैक्सेशन यानि कर निर्धारण व उसके नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं। यही वजह है कि सभी अकाउंटेंट व उद्यमी अपने बिजनेस के लिए एक जीएसटी रेडी अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर चाहते हैं जो सिर्फ इनवॉयसेज से जुड़े कई आइटम्स या अनेक टैक्स दरों पर ही काम न करे बल्कि बिना किसी परेशानी के जीएसटी अनुपालन का भी अनुभव दे। एक अच्छा बिजनेस सॉफ्टवेयर अपनाने से आप लेन-देन के स्तर पर भी सटीक डाटा पा सकते हैं साथ ही समय रहते टैक्स रिटर्न्स की सही जांच भी आसानी से कर सकते हैं। एक अकाउंटेंट के लिए सिर्फ जीएसटी रिटर्न भरना ही जरूरी नहीं होता बल्कि आपके अकाउंट्स की बही का उन रिटर्न्स से मेल भी कराना पड़ता है। इसके लिए जरूरी है कि अकाउंटेंट ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करे जिसके माध्यम से वो अग्रिम रसीद, रिवर्स चार्ज परिदृश्य, शाखा हस्तांतरण, आपूर्ति का बिल, निर्यात चालान, इनपुट टैक्स क्रेडिट और अन्य समायोजनों को आसानी से मैनेज कर सके। Tally जैसे बिजनेस सॉफ्टवेयर ये सुनिश्चित करते हैं कि आपके अकाउंट्स की बुक्स यानि बही खाते एक दूसरे से मेल खाते हों साथ ही जीएसटी पोर्टल पर रिटर्न्स फाइल करने के समय इस्तेमाल किया गया डाटा भी मिलता हो।

3. स्मार्ट इन्वेंट्री मैनेजमेंट

एक स्मार्ट इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम की मदद से बिजनेस से जुड़े सभी लॉजिस्टिक, ऑपरेशन व इन्वेंट्री संबंधी काम एक ही जगह से किए जा सकते हैं। इसके साथ ही ये बिजनेस से जुड़े सटीक डाटा को रिपोर्ट व एकत्रित करने में सहायक होता है जिससे कम खर्च में कुशलता बढ़ाने में भी मदद मिलती है। स्टॉक ट्रैकिंग और मैनेजमेंट, सेल व पर्चेज़ ऑर्डर मैनेजमेंट से लेकर अपडेटेड रिपोर्ट और एनालिटिक्स तक, एक स्मार्ट इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम किसी भी बिजनेस के विस्तार में योगदान करता है। Tally में उपयोगकर्ता के अनुकूल कई विशेषताएं हैं जो स्टॉक्स की समरी, स्टॉक क्वेरी, मूवमेंट का विश्लेषण और एजिंग का विश्लेषण जैसे सभी कार्यों को मैनेज में मदद करती हैं। इसी वजह से सभी बिजनेस अपने स्टॉक्स के शीर्ष पर बने रहने में सक्षम हो पाते हैं।

4. डाटा की बेहतर गोपनीयता व सुरक्षा

हर बिजनेस में बड़ी मात्रा में डाटा का एक्सचेंज किया जाता है जो स्वयं उद्यमियों के लिए भी बेहद जरूरी होता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि इसे एक्सेस करते समय पूरी सुरक्षा मिले। डाटा में किसी भी तरह की चोरी से बिजनेस व उसके मुनाफे पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। अकाउंटेंट्स व उद्यमियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा बिजनेस के विस्तार के लिए अपनाई गई तकनीक उन्हें प्रमाणीकरण, प्राधिकरण, अखंडता और डाटा की गोपनीयता के लिए एक व्यापक सुरक्षा ढांचा प्रदान करे। एक ईआरपी को स्वाभाविक रूप से बिजनेस के जरूरी डाटा को संग्रहित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो आपके नेटवर्क की सुरक्षा को बढ़ाने में मदद करता है। यही वजह है कि ईआरपी सॉफ्टवेयर को अपने बिजनेस में शामिल करना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। अपने ईआरपी सोल्यूशन में डाटा की सुरक्षा बनाए रखना आपकी साइबर सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है। Tally का मल्टी-लेवल सिक्योरिटी सिस्टम यह सुनिश्चित करता है की एक्सचेंज के दौरान डाटा किसी भी तरह लीक न हो। दो Tally.ERP 9 सिस्टम्स के बीच कस्टमर डाटा सिंक्रोनाइज़ेशन को सिंक्रोनाइज़ेशन कॉन्फ़िगरेशन द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह कॉन्फ़िगरेशन ही तय करता है कि किन दो सिस्टम्स के बीच, कौन-सा डाटा एक्सचेंज किया जाना है और हिस्सा ले रहे दोनों सिस्टम्स कि क्या भूमिका होगी। Tally.NET सिंक्रोनाइज़ेशन के लिए केवल एन्क्रिप्ट किए गए डाटा को ही स्टोर करने की सुविधा देता है, जिससे यह किसी भी सिस्टम से साथ सुरक्षित रहकर काम कर सकता है।

अपने बिजनेस को बढ़ाने व उससे जुड़े डाटा को सुरक्षित रखने के लिए Tally जैसा सक्षम और प्रभावी सॉफ्टवेयर चुनें जो न सिर्फ जरूरी डाटा को सुरक्षित रखता है बल्कि अकाउंटिंग, जीएसटी रिटर्न्स व रिकॉर्ड मेंटेन करने में मदद भी करता है। इससे आप बेहतर ढंग से अपने बिजनेस के विस्तार के लिए काम कर सकेंगे।

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