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साहब, सेक्रेटरी और 30 करोड़, 814 करोड़ की कंपनी में कैसे शुरू हुआ ब्लैकमेल का खेल

देश की सबसे बड़ी ई-वॉलेट कंपनी में डाटा चोरी और फिरौती की उलझती गुत्थी

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नई दिल्ली। दौलत की चाह इंसान से क्या-क्या करा सकती है, इसका सबसे ताजा उदाहरण है पेटीएम फिरौती केस। पेटीएम के मालिक विजय शेखर शर्मा को उनकी ही सेक्रेटरी और कंपनी की कम्यूनिकेशन हेड सोनिया धवन ने 30 करोड़ रुपए के लिए ब्लैकमेल किया। हालांकि यह भी पूरा सच नहीं है। किसी फिल्म की कहानी की तरह इस मामले में दिलचस्प मोड़ सामने आ रहे हैं। सोनिया धवन के वकील का कहना है कि सोनिया के पास भी फिरौती मांगने के लिए फोन आया और अब विजय शेखर ने कहा है कि यह फिरौती का मामला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। यानी इस बात की उम्मीद है कि सोनिया को सिर्फ एक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया हो। 

 

आपसी रंजिश या बड़ी साजिश

सोनिया धवन के परिवार का कहना है कि कंपनी के अंदर आपसी रंजिश और जलन की वजह से उन्हें फंसाया जा रहा है। उनके वकील के मुताबिक उन्हें कंपनी का वाइस प्रेसीडेंट बनाए जाने के एक महीने बाद ही यह साजिश रची जाने लगी थी। वकील ने यह भी कहा कि सोनिया धवन के पास भी फिरौती मांगने के लिए कॉल आया था जिसके बारे में उसने 22 सितंबर को पुलिस में शिकासत भी दर्ज की थी, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।

 

साफ नहीं है वजह

सोनिया धवन के गिरफ्तार होने के बाद भी इन सवालों का जवाब नहीं मिला है कि अच्छी नौकरी और तेजी से बढ़ते करियर के बाद भी सोनिया ऐसे अपराध को अंजाम क्यों देगी। उसकी एनुअल सैलरी 70 लाख थी और कंपनी में उसके पास 10 करोड़ रुपए की इक्विटी थी।

 

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मामला अब तक...

पुलिस के मुताबिक सोनिया धवन और उनके पति रूपक जैन नोएडा के सेक्टर 120 में एक फ्लैट में रहते थे, लेकिन वे बड़ा घ्रर खरीदना चाहते थे। इसके चलते उन्होंने कंपनी से कुछ डाटा चुराकर कंपनी के एक अन्य कर्मी देवेंद्र कुमार को दिया, ताकि वो उसे अपने फोन में सेव कर ले और बाद में विजय शेखर को ब्लैकमेल किया जा सके। इसके बाद देवेंद्र कुमार ने यह डाटा एक हार्ड डिस्क में सेव करके कोलकाता में अपने दोस्त रोहित चोमल को दे दिया। इसके बाद रोहित ने विजय शेखर को कॉल करना शुरू किया और पैसे मांगने शुरू किए। पहला कॉल 20 सितंबर को आया जिसमें 30 करोड़ मांगे गए। इसके बाद फिरौती की रकम 10 करोड़ कर दी गई। 10 अक्टूबर को शर्मा ने 67 रुपए भेजकर बताए गए अकांउट की डिटेल चेक की। इसके बाद 15 अक्टूबर को दो लाख रुपए ट्रांसफर किए और पुलिस को सूचना दी।

 

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ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे

पेटीएम और नोएडा पुलिस के सायबर सेल ने व्हाट्सएप पर कॉल और चैट करने वाले को ढूंढ निकाला। पकड़े जाने पर चोमल ने स्वीकारा कि उसे फिरौती की रकम में 20 फीसदी हस्सेदारी का वादा किया गया था। उसने धवन, जैन और कुमार का नाम भी बताया। 22 अक्टूबर को सोनिया धव को पेटीएम के नोएडा अाॅफिस से गिरफ्तार किया गया। बाकी दोनों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। चारों पर चोरी, धोखाधड़ी, साजिश रचने और फिरौती मांगने का मामला दर्ज हुआ है।

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