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प्रोजेक्ट ड्रैगनफ्लाईः चीन में चलेगी गूगल की गुगली

दुनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन कंपनी गूगल अब चीन में भी अपना सिक्का जमाने की तैयारी में है

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नई दिल्ली। चीन अपने खुफिया तौर तरीकों के लिए जाना जाता है। वहां इंटरनेट की पहुंच बहुत ज्यादा नहीं है। लोग कुछ चीनी वेबसाइट्स को छोड़कर अन्य साइट्स का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। ऐसे में दुनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन कंपनी गूगल अब चीन में भी अपना सिक्का जमाने की तैयारी में है। जल्द ही चीन का अपना खुद का गूगल लांच होगा। गूगल के सीईआे सुंदर पिचई ने हाल ही में इस बात की आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी चीन के लिए एक सेंसर्ड सर्च इंजन तैयार करने के इंटरनल प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इस नए सर्च इंजन काे लांच करने के प्रोजेक्ट को फिलहाल प्राेजेक्ट ड्रैगनफ्लाई नाम दिया गया है।

 

अगस्त में उड़ी थी अफवाह

चीन को ध्यान में रखते हुए गूगल सर्च इंजन बनाए जाने की अफवाह अगस्त में उड़ी थी जब एक वेबसाइट ने गूगल के डॉक्यूमेंट्स को सार्वजनिक कर दिया था जिसमें इस बात के संकेत थे कि गूगल चीन के लिए सर्च इंजन बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अब सुंदर पिचई ने इस बात की पुष्टि कर दी है। उनका कहना है कि चीन एक बड़ा और नया बाजार है और हम सीखना चाहते हैं कि अगर गूगल चीन में होगा तो वह कैसे काम करेगा


जब चीन ने किया था गूगल को ब्लॉक

2006 से 2010 के बीच में चीन में गूगल सर्च इंजन काम करता था। 2010 में चीन के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के जीमेल अकांउट हैक होने के बाद गूगल ने चीन में काम करना बंद कर दिया। चीन के कहे मुताबिक गूगल ने सर्च रिजल्ट को सेंसर करने से मना दिया जिसके बाद चीन ने गूगल को ही ब्लॉक कर दिया था। अब भी चीन में एंड्राॅयड डिवाइस गूगल की सेवाएं नहीं देती हैं। गूगल प्लेस्टोर आज भी वहां ब्लॉक है। इसके चलते गूगल चीन जैसे बढ़ते बाजार को भुनाने की कोशिशों में लगा है।

 

 

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चीन में भी तैयार हो रही है सिलिकॉन वैली

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के मामले में चीन दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। चीनी प्रशासन ने 2030 तक देश को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ( AI) का ग्लोबल लीडर बनाने का लक्ष्य रखा है। अमेरिका स्थित थिंक टैंक यूरेशिया ग्रुप की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2012 से 2017 के बीच चीन के 200 AI startups में 4.5 अरब डॉलर का निवेश किया गया। 2030 तक चीन अपनी AI इंडस्ट्री को 147 अरब डॉलर की कीमत तक बढ़ाना चाहती है।


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दो भागों में बंट सकता है इंटरनेट

सितंबर, 2018 में गूगल के पूर्व सीईओ Eric Schmidt ने कयास लगाया था कि 15 वर्षों में इंटरनेट के दो भाग हो जाएंगे। एक भाग पर अमेरिका का कब्जा होगा और दूसरे पर चीन का। चीन आधारित गूगल के बारे में कई विशेषज्ञों की राय है कि इससे लोगों का कोई फायदा नहीं होगा। क्याेंकि गूगल को चीन की शर्तों के मुताबिक काम करना होगालिहाजा लोगों तक उतनी ही जानकारी पहुंचेगी जितनी चीनी सरकार पहुंचाना चाहती है।

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