Home » Business » IT/StartupsGoogle employees not happy with company's response to harassment complaints

दुनिया पर निगरानी रखने वाली कंपनी के 20,000 कर्मचारी विद्रोही तेवर में, यौन उत्पीड़न पर कार्रवाई पसंद नहीं

ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ सख्ती दिखाने की मांग कर रहे हैं कर्मचारी

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वॉशिंगटन। दिग्गज आईटी कंपनी गूगल में इन दिनों कर्मचारी बगावती तेवर में हैं। बीते दिनों गूगल के 20,000 कर्मचारियों ने दुनियाभर के 50 शहरों में बने गूगल के दफ्तरों से वॉकआउट किया। कर्मचारियों को यौन उत्पीड़न के मामलों पर गूगल का रवैया पसंद नहीं आ रहा है। वॉकआउट करने वाले कर्मी गूगल के कुल कर्मचारियों में से 20 फीसदी हैं। हालांकि अभी इस संख्या के और बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि कई दफ्तरों ने विद्रोह करने वाले कर्मचारियों की संख्या नहीं बताई है और यूरोप के कई दफ्तरों में कर्मचारी आगे आने वाले दिनों में वॉकआउट करने वाले हैं।

 

क्यों खफा हैं कर्मचारी?

गूगल के कर्मचारियों को यौन उत्पीड़न के मामलों में गूगल की कार्रवाई सही नहीं लग रही है। #GoogleWalkout मूवमेंट तब शुरू हुआ जब सामने आया कि गूगल ने एंड्रॉयड के सह-संस्थापक Andy Rubin के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर उसे 9 करोड़ डॉलर (6.45 अरब रुपए) देकर कंपनी से निकाला था। उसे निकालते वक्त गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट ने रुबिन की काफी तारीफ भी की और गूगल ने कभी भी उसके खिलाफ लगे आरोपों को सार्वजनिक नहीं किया।

 

आगे पढ़ें- कर्मचारियों की मांगे

 

 

ये हैं कर्मचारियों की मांगें

-यौन उत्पीड़न के मामलों में आरोपी के साथ सुलह करके उसे कंपनी से निकालने की प्रथा को खत्म किया जाना

-सैलरी और अवसरों की असमानता को भी खत्म करने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता

-कंपनी में यौन उत्पीड़न को लेकर सार्वजनिक तौर पर एक ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट को जारी किया जाना

-ऐसे मामलों को रिपोर्ट कराने के लिए एक साफ-सुथरी प्रक्रिया

-कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाए

 

आगे पढ़ें- सुंदर पिचई करेंगे कर्मचारियों से मुलाकात 

 

 

सुंदर पिचई करेंगे कर्मचारियों से मुलाकात

गूगल के सीईओक सुंदर पिचई सोमवार को गूगल के कर्मचारियों से मुलाकात करेंगे। रिपाेर्ट के मुताबिक वे इस वॉकआउट का समथर्न कर रहे हैं। उन्होंने एक ईमेल भेजकर कर्मचारियों के गुस्से और निराशा के प्रति अपना नजरिया जाहिर किया। उन्हाेंने लिखा, “मैं यह बात समझता हूं अौर इस मुद्दे पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं जो इतने लंबे अरसे से हमारे समाज में मौजूद है... और यहां गूगल में भी।”

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