महंगाई /जायके के लिए छौंक लगाना होगा महंगा, चीन की वजह से जीरे की कीमत 200 रुपए के पार

money bhaskar

May 21,2019 10:54:29 AM IST

नई दिल्ली. सब्जी में छौंक लगाना हो या दाल में तड़का। इसमें डाला जाने वाला जीरे ने रसाई का जायका बिगाड़ दिया है। महज एक महीने में ही जीरे के दाम 20 प्रतिशत बढ़ गए हैं। वजह है चीन से ज्यादा मांग आना। इसके चलते फुटकर बाजार में जीरे का भाव 200 रुपए के पार चला गया है। जीरा दूसरा ऐसा मसाला है, जिसका सबसे ज्यादा निर्यात होता है। मार्च में जीरे की फसल की कटाई पूरी हुई थी। तब अच्छी पैदावार के चलते चीन में भारतीय जीरे की मांग कमजोर थी। अब इसमें उछाल आया है।

वायदा कारोबार में 177 रुपए प्रति किला भाव, बाजार में 200 से ऊपर

नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) पर जून डिलीवरी वाले जीरा वायदा का भाव सोमवार को 177.50 रुपये प्रति किलो के करीब था, जो मार्च महीने की तुलना में करीब 12 फीसदी अधिक है। फरवरी के मुकाबले यह 20 प्रतिशत अधिक है। वहीं बाजार में फुटकर में जीरे का भाव 200 से 230 रुपए प्रति किला पहुंच गया है। गौरतलब है कि निर्यातकों को इस साल जीरे की पैदावार में गिरावट की आशंका थी। इसलिए निर्यातकों ने पहले से बुकिंग कर रखी थी। इसी वजह से पिछले साल की तुलना में अभी जीरे का भाव अधिक है।

सीरिया में फसल खराब होने का फायदा मिला

भारत के जीरा निर्यातकों के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि सीरिया में इस साल इसकी पैदावार कम रहेगी। विदेशी बाजार में सीरिया जीरे के निर्यात में भारत से प्रतिस्पर्धा करता है। सीरिया की फसल आमतौर पर जून के मध्य में आती है। अभी इस तरह की खबरें आ रही हैं कि वहां जीरे की फसल को कुछ नुकसान पहुंचा है। इसका मतलब यह है कि आने वाले कुछ महीनों तक विदेशी बाजार में भारत से जीरे की सप्लाई मजबूत बनी रह सकती है। वहीं, एंजेल कमोडिटी ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट रितेश कुमार साहू ने बताया कि अगले हफ्ते जीरे के दाम में गिरावट आ सकती है। मौजूदा स्तर से इसका बहुत ऊपर जाना संभव नहीं दिख रहा है। यह 175-176 रुपये प्रति किलो के भाव पर स्थिर हो सकता है। साहू ने बताया कि गुजरात में पैदावार घटने की भरपाई राजस्थान ने कर दी है। देश में जीरे का सबसे अधिक उत्पादन गुजरात में होता है। इस मामले में दूसरे नंबर पर राजस्थान है। इस साल जीरे की पैदावार पिछले साल के 6 लाख टन से अधिक रह सकती है।

2400 करोड़ रुपए का है निर्यात कारोबार

भारत से जीरे का निर्यात पिछले कुछ वर्षों से बढ़ रहा है। 2017-18 में जीरे के निर्यात से 2,400 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। स्पाइस बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 2018-19 में जीरे का निर्यात मात्रा के लिहाज से 31 फीसदी बढ़कर 1,37,000 टन रहा है। इस वित्त वर्ष में दिसंबर 2018 तक जीरे के निर्यात से 2,192 करोड रुपये की आमदनी हुई थी। यह साल भर पहले की इसी अवधि की तुलना में 24 फीसदी अधिक है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.