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Home » Business » Export-ImportIndia's attack on GSP: American Almonds, Apple, Phosphoric Acid

आर्थिक मोर्चे पर भारत का अमेरिका को करारा जवाब, एक अप्रैल से भारत में सामान बेचने पर देना होगा अधिक टैक्स

अमेरिका से आने वाले बादाम, सेब, फास्फोरिक एसिड जैसी चीजें हो जाएंगी महंगी

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नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत ने आर्थिक मोर्चे पर करारा जवाब दिया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा Generalized System of Preferences  (GSP) खत्म करने के नोटिस पर भारत ने साफ कर दिया है कि वह भी एक अप्रैल से अमेरिका के खिलाफ जैसे को तैसे की नीति अपनाएगा। इसके तहत भारत अमेरिकी से आयात होने वाले बादाम, सेब व फास्फोरिक एसिड समेत 29 चीजों पर टैक्स की दर बढ़ा देगा। इससे भारत में यह चीजें महंगी हो जाएंगी।

 

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ट्रंप दे चुके हैं हमें दोहरा झटका 

ट्रंप भारत से निर्यात होने वाले स्टील और एल्यूमीनियम पर ड्यूटी बढ़ा चुके हैं। इसके बाद हाल ही में भारत को जीएसपी से बाहर करने के लिए दो महीने का नोटिस दिया है। ट्रंप का कहना है कि भारत अमेरिकी बाइक हार्ले डेविडसन पर 200 प्रतिशत तक टैक्स वसूलता है। ऐसे में भारत को भी जीएसपी में क्यों रखा जाए, हालांकि ट्रंप ने आतंक को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान को इस सूची से बाहर नहीं किया। 

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फिर भी हमारा व्यापार घाटा ज्यादा 

अमेरिका ने भारत के 5.6 बिलियन डॉलर के निर्यात पर शुल्क छूट खत्म किया है जबकि भारत के जवाब में सिर्फ 235 मिलियन डालर के ही उत्पाद हैं।  भारत अमेरिका के अन्य प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के विपरीत टैरिफ को तुरंत लागू नहीं किया क्योंकि दोनों देश तनाव को कम करने के लिए व्यापार पैकेज को अंतिम रूप देने में व्यस्त थे  4 मार्च को अमेरिका ने घोषणा की कि वह भारतीय निर्यातकों को जीएसपी लाभ वापस ले रहा है। इससे संकेत मिलता है कि व्यापार पैकेज के लिए बातचीत विफल हो गई है। जीएसपी लाभ वापस लेने के बाद भारतीय वस्तुओं पर उच्च टैरिफ घोषणा की तारीख के 60 दिनों के बाद यानी मईकी शुरु आत में लागू होंगे।

 

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पीएमओ से लिया जाएगा आखिरी फैसला 

वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इस समय टैक्स बढ़ाने की दर की घोषणा करने से गलत संदेश जाएगा। इसलिए इसके कार्यान्वयन की समय सीमा को और बढ़ाया जा सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय अंतिम निर्णय लेगा। एक अन्य वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय उत्सुक था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को एक पत्र लिखकर 60 दिन की समय सीमा को इतना ही और बढ़ाने का अनुरोध करें। हालांकि, प्रधानमंत्री चुनाव प्रक्रिया की वजह से इसके लिए राजी नहीं हुए। अधिकारी के मुताबिक वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने अमेरिकी समकक्ष को एक पत्र लिखकर यह संदेश देने के लिए कहा है। 

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