भारत के अंगूर और अनार खाएगा चीन, भारत को खिलाएगा सेब और पनीर

भारत और चीन के बीच व्यापार में चीन का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। चीन से भारत में जितना माल आता रहा हैउतना भारत से चीन नहीं जाता है। ऐसे में व्यापार में आया असंतुलन ठीक करने के लिए चीन देश से ज्यादा सामान आयात करने के बारे में योजना बना रहा है। चीन भारत के अंगूरअनारसोयामील और मछली का आयात करेगा। इससे पहले भारतीय शक्कर और बासमती से हटकर चावल का निर्यात चीन को किया जाना तय किया जा चुका है। हालांकि चीन यह भी चाहता है कि भारत उससे दूधडेयरी प्रोडक्टसेब और नाशपाती खरीदना फिर से शुरू कर दे।

Money Bhaskar

Dec 06,2018 12:30:00 AM IST

नई दिल्ली.

भारत और चीन के बीच व्यापार में चीन का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। चीन से भारत में जितना माल आता रहा है, उतना भारत से चीन नहीं जाता है। ऐसे में व्यापार में आया असंतुलन ठीक करने के लिए चीन देश से ज्यादा सामान आयात करने के बारे में योजना बना रहा है। चीन भारत के अंगूर, अनार, सोयामील और मछली का आयात करेगा। इससे पहले भारतीय शक्कर और बासमती से हटकर चावल का निर्यात चीन को किया जाना तय किया जा चुका है। हालांकि चीन यह भी चाहता है कि भारत उससे दूध, डेयरी प्रोडक्ट, सेब और नाशपाती खरीदना फिर से शुरू कर दे।

बढ़ाना होगा आयात-निर्यात

हाल ही में चीनी उप मंत्री Hu Wei ने भारतीय मंत्रियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में भारत ने भिंडी, चीकू, दूध और बोवाइन मीट का निर्यात बढ़ाने की बात पर जोर दिया। वहीं दूसरी तरफ चीन ने दूध, डेयरी प्रोडक्ट, सेब और नाशपाती की खरीद को फिर से शुरू करने की बात कही। एक अधिकारी के मुताबिक चीन भारत के आम और सफेद सरसों को खरीदने का भी इच्छुक है। हालांकि भारत चाहता है कि शक्कर और अंगूर के निर्यात के लिए नॉन-टैरिफ बैरियर को खत्म किया जाए।

दोनों देशों के बीच व्यापार

2017-18 में भारत से चीन को किया गया निर्यात 2.33 लाख करोड़ रुपए का रहा जबकि भारत को होने वाले चीनी आयात की कीमत 5.38 लाख करोड़ रुपए रही। चीन इस ट्रेड डेफिसिट को खत्म करना चाहता है।

आगे पढ़ें- भारतीय बागानों की निरीक्षण करेगा चीन

X
COMMENT

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.