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दूसरा CHINA बनता जा रहा है चांदनी चौक, बिकता है ये सब सामान

चीन के लिए भारत एक बड़ा बाजार है

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नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में चीन ने एक बार फिर से अड़ंगा लगाकर मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित होने से बचा लिया। इसके बाद भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार के लिए अपील शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर #BoycottChineseProducts और #BoycottChina ट्रेंड करने लगा है। ऐसे में भारत का सबसे बड़े बाजार चांदनी चौक में चीन से आयात किया हुआ सबसे ज्यादा सामान बिकता है। दिल्ली के चांदनी चौक में दिवाली की लीइटों से लेकर होली के रंग, खिलौने आदि बिकते हैं। 

चीन के लिए भारत एक बड़ा बाजार है


कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि अब समय आ गया है जब चीन को पाकिस्तान का साथ देने के लिए और हर तरह से पाकिस्तान की मदद करने जो भारत के विरुद्ध काम आती है की कीमत चुकानी पड़ेगी । चीन के लिए भारत एक बड़ा बाजार है और यदि इस बाज़ार से चीन को बेदखल कर दिया जाए तो इससे चीन की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका झेलना होगा और इसीलिए कैट ने देश भर के व्यापारियों से आग्रह किया है की वो चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करते हुए कोई चीनी सामन न बेचें और न ही खरीदें । अपने इस राष्ट्रीय अभियान में कैट ट्रांसपोर्ट, लघु उद्योग, हॉकर्स, उपभोक्ता आदि के राष्ट्रीय संगठनों को भी जोड़ेगा।

चीन से आता है 5 लाख करोड़ का सामान 

देश में प्रतिवर्ष चीन से लगभग 75 बिलियन डॉलर (5.33 लाख करोड़ रुपए) का सामान आयात होता है और यदि इस आयात में कमी आ जाए तो चीन को निश्चित रूप से बड़ा आर्थिक नुकसान होगा क्योंकि चीन के लिए दुनिया भर में भारत सबसे बड़ा बाज़ार है और इस अभियान के अंतर्गत चीनी वस्तुओं के इस्तेमाल पर यदि लोग रोक लगाते हैं तो निश्चित तौर पर चीन के आयात में बड़ी कमी आएगी और चीन का आर्थिक ढांचा कहीं न कहीं बिगड़ेगा ।

भारत में इस्तेमाल की जाने वाली 80 फीसदी चीजें चीनी

चीन के इस कदम से उम्मीद की जा रही है भारत कुछ ठोस कदम  उठा सकता है लेकिन हम आपको बता दें कि भारत से चीन का सालाना कारोबार लगभग 55 अरब डॉलर का है। भारत में इस्तेमाल की जानी वाली बहुत सारी चीजें चीन से आयात की जाती हैं। सोशल मीडिया पर आज चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन अगर चीन के उत्पादों पर रोक लगा दी जाए तो भारत में लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। भारत में इस्तेमाल की जाने वाली 80 फीसदी चीजें चीन से आती है। तो यदि आपको लगता है कि चीन के इस कदम से भारत वहां से आने वाले सामान पर 200 प्रतिशत ड्यूटी लगा सकता है तो ऐसा नहीं है।  अगर सरकार चीनी उत्पादों पर ड्यूटी को बढ़ाने का फैसला भी लेती है, तो इसका असर सबसे ज्यादा आम भारतीयों पर ही पड़ेगा। 

 

चीन से ये सब चीजें आयात करता है भारत

चीन से भारत आयात की जाने वाले सामान में यह शामिल हैं। मोबाइल फोन, लैपटॉप, डेस्कटॉप, स्टेशनरी का सामान, बैटरी, बच्चों के खिलौने, फुटपाथ पर बिकने वाला सामान, गुब्बारे, चाकू और ब्लेड, कैल्कुलेटर, चिप्स का पैकेट बनाने वाली मशीन, छाता, रेन कोट, प्लास्टिक से बने सामान, टीवी, फ्रिज, एसी आदि, वॉशिंग मशीन, पंखे, कार में प्रयोग होने वाले कल-पुर्जे, खेल उत्पाद, किचन में प्रयोग होने वाला सामान, मच्छर मारने वाला रैकेट, दूरबीन, मोबाइल एसेसरीज, हैवी ड्यूटी मशीनरी, केमिकल्स, लौह अयस्क व स्टील, खाद , चश्मे का फ्रेम व लेंस, बाल्टी और मग, फर्नीचर (सोफा, बेड, डाइनिंग टेबल)

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