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गूगल का डूडलः कंप्यूटर वैज्ञानिक माइकल डर्टुजस की याद में

डर्टुजस ने की थी पर्सनल कंप्यूटर के लोकप्रिय होने की भविष्यवाणी

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नई दिल्ली। आज जब आपने गूगल खोला होगा तो आपको एक डूडल नजर आया होगा। एक टीचर जो हाथ में चॉक पकड़े ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े हैं। उनकी इस तस्वीर के साथ कंप्यूटर और इंटरनेट की छोटी छोटी तस्वीरें लगी थीं। यह हैं प्रोफेसर माइकल लिओनिडस डर्टुजस, जिनके 82वें जन्मदिन पर गूगल ने उनको श्रद्धांजिल देते हुए यह डूडल बनाया। डर्टुजस एक कंप्यूटर साइंटिस्ट थे जिन्होंने कंप्यूटर टेक्नोलॉजी खासकर इंटरनेट के क्षेत्र में बड़ा काम किया था। जब कंप्यूटर ज्यादा चलन में भी नहीं आए थे और इंटरनेट अपने शुरूआती चरण में था तभी उन्होंने इस बात को समझ लिया था कि इंटरनेट लोगों की जिंदगी में अहम भूमिका निभाएगा।

 

MIT में रहे प्रोफेसर

 

ग्रीस के एथेंस में 5 नवंबर के दिन पैदा हुए डर्टुजस के पिता ग्रीक नौसेना में एडमिरल और मां कॉन्सर्ट पियानिस्ट थीं। एथेंस के कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी और अरकंसास में दाखिला लिया। MIT यानी मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पीएचडी की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया और 1968 में फैकल्टी के तौर पर ज्वाइन किया। यहां पर वे इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटर साइंस के डिपार्टमेंट में प्रोफेसर रहे। इसके बाद 1974 से 2001 तक MIT लैबोरेटरी फॉर कंप्यूटर साइंस में डायरेक्टर के पद पर बैठे। 27 अगस्त 2001 को उनका निधन हो गया।

 

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समय से पहले समझी इंटरनेट की कीमत

 

1968 में उन्होंने Computek, Inc नामक कंपनी शुरू कीजो ग्राफिक्स और इंटेलीजेंट टर्मिनल की मैन्युफैक्चरिंग करती थी। उन्होंने उस वक्त समझ लिया था कि इंटरनेट लोगों की जिंदगी में अहम भूमिका निभाएगा। 1980 में उन्हाेंने 'The Information Marketplace’ नामक कॉन्सेप्ट के बारे में लिखना शुरू किया जिसे उन्होंने 1997 में लिखी किताब What Will Be: How the New World of Information Will Change में पूरी तरह एक्सप्लेन किया।

 

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की थी कंप्यूटर की लोकप्रियता की भविष्यवाणी

 

उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कंप्यूटर की लोकप्रियता की भविष्यवाणी की थी। उन्होंने 1997 में तकनीक के बारे में कहा था, "हमने करीब 300 साल पहले उस वक्त गलती की थी जब टेक्नोलॉजी और मानवतावाद को अलग किया गया था। अब समय आ गया है कि दोनों को साथ लाया जाए।"

 
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