विवाद /Pepsico से लड़ाई में ढाल बनाए गए किसान, विवाद लोकल स्नैक्स प्लेयर्स से तनातनी का नतीजा

  • मुकदमे में शामिल दो किसान भाई आलू चिप्स बनाने वाली एक लोकल कंपनी तिरुपति बालाजी चिप्स पोटैटो के प्रमोटर हैं।
  • तीसरे भाई के पास तिरुपति बालाजी चिप्स कंपनी की लगभग पूरी इक्विटी है।

Money Bhaskar

May 06,2019 02:44:45 PM IST

नई दिल्ली. पेप्सिको (Pepsico) ने गुजरात के 9 आलू उत्पादक किसानों पर मुकदमा दायर किया। पेप्सिको ने किसानों पर पेटेंट नियमों का उल्लंघन बताते हुए FC5 आलू उत्पादन का आरोप लगाया। हालांकि आलू उत्पादन का सीधा विवाद किसानों ने नहीं बल्कि स्नैक्स के लोकल प्लेयर्स से तनातनी का नतीजा हो सकता है।

विवाद में कछावा ब्रदर्स नाम आया सामने

एक अंग्रेजी अखबार ईटी के मुताबिक पेप्सिको ने गुजरात के जिन किसानों पर मुकदमा किया, उसमें दो किसानों भाई फूलचंदभाई देवचंदजी कछावा और सुरेशभाई देवचंदजी कछावा है, जो आलू चिप्स बनाने वाली एक लोकल कंपनी तिरुपति बालाजी चिप्स पोटैटो के प्रमोटर हैं। तीसरे भाई जगदीश देवचंदजी कछावा अपने दोनों भाईयों के साथ मिलकर स्नैक्स का करोबार करते हैं। तीसरे भाई के पास कंपनी की लगभग पूरी इक्विटी है। इस कंपनी का दूसरे रीजनल स्नैक्स ब्रैंड्स से भी नाता है। तिरुपति बालाजी का ही ऐड्रेस एक अन्य कंपनी टेक्नोफाइन फूड्स का भी है। इसके शेयरहोल्डर्स में कछावा ब्रदर्स हैं। टेक्नोफाइन की स्थापना 2016 में 15 करोड़ रुपये की ऑथराइज्ड कैपिटल से की गई थी।

एक साल में बढ़े शेयर

तिरुपति बालाजी के 31 मार्च 2017 को 10-10 रुपए के 10.7 लाख शेयर थे, जो 31 मार्च 2018 को बढ़कर 49.2 लाख हो गए। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा कमलेश किशनचंद करमचंदानी का है, जो 2.24% से बढ़कर 32% हो गया है। वह हायफन फ्रोजन फूड्स में डायरेक्टर हैं। यह फ्रोजन पोटैटो स्नैक्स बनाती है। हायफन फूड्स वहीं आसनदास ऐंड संस की यूनिट है, जो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास दिसंबर 2018 में रजिस्टर की गई थी।

किसानों से सीधी लड़ाई नहीं

पेप्सिको और किसानों की लड़ाई आलू की एक खास किस्म पर बौद्धिक संपदा अधिकार भर का मामला नहीं लग रही है। यह लड़ाई ऐसे समय उभरी है, जब पेप्सिको को कई भारतीय कंपनियों की चुनौती का सामना पोटैटो चिप्स मार्केट में करना पड़ रहा है। अगर एक्सपर्ट की मानें, तो अगर उस पेटेंट वाले आलू का उपयोग ब्रांडेड स्नैक्स में न किया जा रहा हो तो किसानों को उसकी खेती करने और उसे बेचने का अधिकार है। गुजरात सरकार के साथ चर्चा के बाद पेप्सिको ने मामला वापस ले लिया था।


8 देशों को माल भेजती है आसनदास ऐंड संस

आसनदास आलू व्यापारी थे और हायफन के साथ मिलकर आलू के उत्पाद बनाने लगे। ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुसार, आसनदास ऐंड संस फ्रेंच फ्राई, पोटैटो वेज, पोटैटो बर्गर पैटी के लिए 'बर्गर किंग, पिज्जा हट और कई अन्य ग्लोबल क्विक सर्विस रेस्टोरेंट्स की प्रमुख सप्लायर है।' इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च ने फरवरी 2018 में एक रिलीज में बताया था कि कंपनी के पास 160 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे, जिन्हें 2018 के अंत तक पूरा किया जाना था। कंपनी की कुल आमदनी वित्त वर्ष 2014 में 2.1 करोड़ रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2017 के अंत तक 53.5 करोड़ रुपये हो गई थी। यह कम से कम आठ देशों को माल भेजती है।

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