बैंक फ्रॉड /आयकर छापों से चर्चा में आए सीएम कमलनाथ के भांजे ने जानबूझकर नहीं चुकाया बैंक का कर्ज

  • मुख्यमंत्री के भांजे रितुल पुरी व दीपक पुरी की माेजर बेयर कंपनी ने जानबूझकर यूको बैंक का कर्ज नहीं चुकाया
  • जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों में जूम डेवलपर्स, फर्स्ट लिजिंग कंपनी ऑफ इंडिया , मोजर बेयर इंडिया और सूर्या विनायक इंडस्ट्रीज आदि शामिल हैं।

Moneybhaskar.com

Jun 17,2019 06:37:13 PM IST

कुलदीप सिंगोरिया. नई दिल्ली

लोकसभा चुनाव के दौरान अपने करीबियों पर आयकर छापे पड़ने से चर्चा में आए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के परिजनों के बारे में एक और खुलासा हुआ है। मुख्यमंत्री के भांजे रतुल पुरी व रिश्तेदार दीपक पुरी की माेजर बेयर कंपनी ने जानबूझकर यूको बैंक का कर्ज नहीं चुकाया है। यूको बैंक द्वारा जारी की गई बकायादारों की सूची में यह जानकारी सामने आई है।


कंपनी ने नहीं चुकाया 122 करोड़ रुपए

कोलकाता के यूको बैंक ने 665 कर्ज जमा करने में चूक करने वालों की सूची जारी की है। जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों में जूम डेवलपर्स (309.50 करोड़ रुपये), फर्स्ट लिजिंग कंपनी ऑफ इंडिया (142.94 करोड़ रुपये) , मोजर बेयर इंडिया (122.15 करोड़ रुपये) और सूर्या विनायक इंडस्ट्रीज (107.81 करोड़ रुपये) शामिल हैं। मोजर बेयर उस समय चर्चा में आई थी जब चुनाव के दौरान सीएम कमलनाथ के करीबियों पर छापे पड़े थे। इस दौरान मोजर बेयर के नोएडा स्थित दफ्तर पर भी आयकर अधिकारियों ने खोजबीन की थी।

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पांच साल तक कंपनी नया काम शुरू नहीं कर सकती


भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक एक बार जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाला घोषित होने पर लेनदार को बैंकों या वित्तीय संस्थाओं की ओर से कोई कर्ज सुविधा नहीं दी जाती है। कंपनी पर पांच साल के लिए नया उद्यम स्थापित करने पर भी रोक लग जाती है। इसके अलावा कर्जदाता कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू कर सकती है।

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दिवालिया भी घोषित हो चुकी है कंपनी


नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने ग्रेटर नोएडा की मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया है। कंपनी पर 435.6 करोड़ रुपये का कर्ज है। हालांकि इंटरिम प्रोफेशनल रिजोल्यूशन (आईआरपी) ने इसकी औसत कीमत 337.45 करोड़ रुपये तय की है। वर्ष 1999 में नोएडा फेस टू और वर्ष 2002 में ग्रेडर नोएडा में कंपनी की यूनिट शुरू की गई थी। कंपनी डीवीडी, सीडी, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड आदि बनाने का काम करती है। वर्ष 2017 में कंपनी की नोएडा स्थित यूनिट बंद हो चुकी है।

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महाकाल मंदिर दर्शन पर भी हुई थी चर्चा

मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी व अन्य परिचितों को कथित उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए 'वीआईपी सुविधा" दिए जाने को लेकर सियासी बवाल खड़ा हो गया था। मामले में भाजपा ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा है कि वीआईपी संस्कृति कांग्रेस की है। चार जून को रतुल पुरी अपनी पत्नी और परिचित कैप्टन अरुण कुमार के साथ उज्जैन देव दर्शन करने आए थे। सभी विशेष विमान से दताना-मताना हवाई पट्टी पर उतरे थे। इसके बाद महाकाल मंदिर में अभिषेक-पूजन के साथ मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा करवाने गए थे।

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