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दिल के मरीजों का इलाज होगा महंगा, NPPA ने स्टेंट की इतनी कीमत बढ़ाने की दी अनुमति

महंगाई दर के हिसाब से सरकार ने कंपनियों को दाम बढ़ाने की दी छूट

According to the inflation rate, the government exempted the companies to increase prices

दिल के मरीजों के लिए इलाज और महंगा हो जाएगा।  दवा मूल्य नियामक एनपीपीए ने थोक भाव आधारित महंगाई के हिसाब से कार्डिएक स्टेंट (दिल में लगाया जाने वाला एक उपकरण) की कीमत 4.2 फीसदी तक बढ़ाए जाने की अनुमति दे दी है।

नई दिल्ली. दिल के मरीजों के लिए इलाज और महंगा हो जाएगा। दवा मूल्य नियामक एनपीपीए ने थोक भाव आधारित महंगाई के हिसाब से कार्डिएक स्टेंट (दिल में लगाया जाने वाला एक उपकरण) की कीमत 4.2 फीसदी तक बढ़ाए जाने की अनुमति दे दी है। राष्ट्रीय औषधि कीमत प्राधिकरण (NPPA ) की तरफ से अधिसूचित नई कीमत के मुताबिक बिना कोटिंग वाले स्टेंट (बीएमएस) की अधिकतम कीमत 8,261 रुपये और दवा लेपित स्टेंट (ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट) की अधिकतम कीमत 30,080 रुपये होगी।

 

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यह होता है स्टेंट 

बीएमएस बिना कोटिंग वाला स्टेंट होता है। स्टेंट ट्यूब के आकार का एक उपकरण होता है, जिसे धमनी में लगाया जाता है। इससे रक्त का प्रवाह हृदय तक होता है। यह दिल की बीमारी वाले मरीजों के इलाज के दौरान धमनी को खुला रखता है। एनपीपीए ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वर्ष 2018 की 4.26 फीसद महंगाई दर को देखते हुए इसी सप्ताह सोमवार से स्टेंट की अधिकतम कीमत बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

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फरवरी में ही दाम संशोधित हुए थे 

इससे पहले, पिछले साल फरवरी में प्राधिकरण ने स्टेंट के दाम संशोधित किए थे। इसके तहत बिना कोटिंग वाले स्टेंट के दाम 7,400 रुपये से बढ़ाकर 7,660 रुपये कर दिए गए थे। दूसरी तरफ दवा लगे स्टेंट के दाम 30,180 रुपये से घटाकर 27,890 रुपये कर दिया गया था। 85 फीसद तक घटाए दाम दिल के मरीजों को राहत देते हुए सरकार ने फरवरी, 2017 में स्टेंट के दाम 85 फीसद तक कम कर दिए थे। कीमत नियंत्रण से पहले बीएमएस स्टेंट के दाम 45,000 रुपये तक, जबकि दवा लगे स्टेंट के दाम 1.21 लाख रुपये तक थे। एनपीपीए ने एक अलग बयान जारी करके यह भी कहा है कि उसने औषधि (कीमत नियंत्रण) आदेश, 2013 के तहत 871 रसायनों (फॉर्मुलेशंस) की खुदरा कीमत संशोधित कर दी है।

 

 

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