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आम बजट 2018: मिडिल क्‍लास पर इनकम टैक्‍स का बोझ कम कर सकते हैं जेटली, ये हैं उम्‍मीदें

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली आज आम बजट 2018 पेश करेंगे। इस बजट में वित्‍त मंत्री मिडिल क्‍लास को इनकम टैक्‍स के मोर्चे पर रा

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नई दिल्‍ली। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली आज आम बजट 2018 पेश करेंगे। इस बजट में वित्‍त मंत्री मिडिल क्‍लास को इनकम टैक्‍स के मोर्चे पर राहत दे सकते हैं। ऐसा वे टैक्‍स छूट की मौजूदा लिमिट 2.5 लाख को बढ़ा कर 3 लाख करके कर सकते हैं या इसके लिए कोई नया तरीका निकाला जा सकता है। खास कर सैलरी क्‍लास को इनकम टैक्‍स के मोर्चे पर खास तौर पर राहत दी जा सकती है।

 

नोटबंदी के बाद देश में इनकम टैक्‍स कलेक्‍शन लगभग 20 फीसदी तक बढ़ा है। इसके अलावा इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्‍या भी 20 फीसदी तक बढ़ी है। ऐसे में सरकार के पास इस बात की गुंजाइश है कि वह राजस्‍व के मोर्चे पर संतुलन बनाते हुए ऐसे तबके को इनकम टैक्‍स से राहत दे जो इमानदारी से टैक्‍स चुकाता है। 

 

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मिडिल क्‍लास को मिलेगी राहत 

 

क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्‍ट डीके जोशी ने बताया कि बजट में मिडिल क्‍लास को इनकम टैक्‍स के मोर्चे पर राहत मिल सकती है। नोटबंदी के बाद सरकार को टैक्‍स बेस बढ़ाने में सफलता मिली है। ऐसे में सरकार शायद ही ऐसा कोई कदम उठाए जिससे टैक्‍स बेस कम हो। लेकिन अगले साल चुनाव है और ऐसा तबका जो इमानदारी से इनकम टैक्‍स देता है उसे सरकार कुछ रियायत दे सकती है। 

 

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सैलरी क्‍लास को मिल सकती है खास सौगात 

 

मौजूदा समय में देश में लगभग 5 करोड़ लोग इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करते हैं। इनकम टैक्‍स विभाग के डाटा के अनुसार 125 करोड़ की आबादी में से सिर्फ 1.5 यानी 1.9 करोड़ इनकम टैक्‍स देते हैं। टैक्‍स देने वालों में सैलरी क्‍लास भी एक बड़ा वर्ग है। सैलरी क्‍लास के पास इनकम टैक्‍स से बचने की गुंजाइश लगभग न के बराबर होती है। कंपनी या संस्‍धान पहले से उसकी सैलरी पर टीडीएस काट कर सरकार के पास जमा करा देता है। ऐसे में मोदी सरकार सैलरी क्‍लास के लोगों को इनकम टैक्‍स के मोर्चे पर खास रियायत दे सकती है। 

 

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93 फीसदी भारतीय परिवार की इनकम 2.5 लाख से कम 

 

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट और एनएसएसओ के डाटा के अनुसार देश में 93 फीसदी परिवारों की इनकम 2.5 लाख रुपए से कम है। मौजूदा नियमों के अनुसार सालाना 2.5 लाख रुपए तक की इनकम पर इनकम टैक्‍स नहीं लगता है। ऐसे में देश की बड़ी आबादी टैक्‍स ब्रैकेट से बाहर है। 

 

मौजूदा टैक्‍स स्‍लैब 

 

इनकम स्‍लैब टैक्स रेट 
2.5 लाख रुपए तक 
2.5 से ज्यादा- 5 लाख तक   5 %
 5 लाख से ज्यादा-10 लाख  20 %
10 लाख से अधिक  30 %
 

 

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Live Update

  • 01-02-2018 | 10:46 AM

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