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बजट 2018: यंग टैक्‍सपेयर्स खुद उठाएं टैक्‍स का बोझ, सीनियर सिटीजंस को बड़ी छूट

अगर आप यंग टैक्‍सपेयर्स हैं तो इनकम टैक्‍स का बोझ आपको खुद उठाना होगा। आम बजट 2018 में आपके लिए यही संदेश है।

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नई दिल्‍ली। अगर आप यंग टैक्‍सपेयर्स हैं तो इनकम टैक्‍स का बोझ आपको खुद उठाना होगा। आम बजट 2018 में आपके लिए यही संदेश है। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने हालांकि इनकम टैक्‍स के मोर्चे पर सीनियर सिटीजंस को कई तरह की छूट दी है जिससे उनकी सेविंग बढ़गी। सैलरी क्‍लास को आम बजट में मामूली राहत स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन के रूप में मिली है। वहीं वित्‍त मंत्री ने कुल टैक्‍स पर सेस को 3 फीसदी से बढ़ा कर 4 फीसदी कर दिया है। इससे इनकम टैक्‍सपेयर्स को अब ज्‍यादा टैक्‍स देना होगा। 


टैक्‍स छूट की लिमिट में बदलाव नहीं 

 

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2018 में टैक्‍स छूट की मौजूदा लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लिमिट सालाना 2.5 लाख रुपए ही रखी गई है। इससे सालाना 5 या 6 लाख रुपए तक की इनकम वालो ग्रुप को खास तौर पर निराशा हुई है जिसे उम्‍मीद थी कि वित्‍त मंत्री टैक्‍स छूट की लिमिट को 2.5 लाख रुपए से बढ़ा कर 3 लाख रुपए करेंगे। टैक्‍स छूट की लिमिट में बदलाव न कर वित्‍त मंत्री ने संकेत दिया है कि सरकार को इनकम टैक्‍स कलेक्‍शन बढ़ने के बावजूद और ज्‍यादा टैक्‍स की जरूरत है। अभी सरकार के लिए वह स्‍तर नहीं आया है जब वह ईमानदार टैक्‍सपेयर्स को रिवार्ड दे सके। इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटैंट्स ऑफ इंडिया के पूर्व प्रेसीडेंट अमरजीत चोपड़ा ने moneybhaskar.com को बताया कि बजट में इनकम टैक्‍स छूट की लिमिट को न बढ़ाए जाने का मतलब है कि डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन 12.6 फीसदी ज्‍यादा होने के बावजूद सरकार को और टैक्‍स की जरूरत है। सरकार को लगा कि रिटायर्ड लोगों को राहत देने की जरूरत है और ऐसा उन्‍होंने किया। 

 

टैक्‍स स्‍लैब रेट में भी बदलाव नहीं 

 

आम बजट 2018 में टैक्‍स स्‍लैब रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले साल के बजट में ही वित्‍त मंत्री ने 2.5 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक की इनकम वालों के लिए टैक्‍स रेट 10 फीसदी से घटा कर 5 फीसदी कर दिया था। ऐसे में यह साफ है कि सरकार मौजूदा स्थिति में टैक्‍सपेयर्स को इससे ज्‍यादा कोई राहत नही दे सकती थी। cleartax की चीफ एडिटर और सीए प्रीति खुराना का कहना है कि राजकोषीय घाटे की स्थिति को देखते हुए सरकार के पास इस बात की गुंजाइश नहीं थी कि वे टैक्‍स स्‍लैब रेट में बदलाव कर टैक्‍सपेयर्स को और राहत दे सके। 

 

सीनियर सिटींजंस को बड़ी छूट 

 

वित्‍त मंत्री ने आम बजट में सीनियर सिटीजंस को बड़ी राहत दी है। सीनियर सिटीजंस को अब 50,000 रुपए तक की इंटरेस्‍ट इनकम पर टैक्‍स छूट मिलेगी। पहले यह सीमा 10,000 रुपए थी। इसके अलावा सीनियर सिटीजंस अब इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80 डी के तहत 50,000 रुपए तक मेडिकल इन्‍श्‍योरेंस पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। सीनियर सिटीजंस को राहत देकर सरकार ने साफ संकेत दिया है कि वह ऐसे लोगों के साथ है जिनको मदद की जरूरत है। 

 

 

40,000 रुपए तक कम हो जाएगी सैलरीड क्‍लास की टैक्‍सेबल इनकम 

 

आम बजट 2018 में सैलरीड क्‍लास को मामूली राहत दी गई है। सैलरीड क्‍लास के लोगों के लिए 40,000 रुपए स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन पेश किया गया है। बैंकबाजारडॉटकॉम के सीईओ आदिल शेट्टी का कहना है कि इसका मतलब है कि अगर आप सैलरीड क्‍लास से हैं तो आपकी टैक्‍सेबल इनकम 40,000 रुपए तक अपने आप कम हो जाएगी। आपको इसके लिए किसी तरह का प्रूफ नहीं देना होगा कि मैनें इतना पैसा किसी मद में खर्च किया है। 

 

 

मिडिल क्‍लास के लिए आया नया टैक्‍स 

 

अब मिडिल क्‍लास को लॉग टर्म केपिटल गेन टैक्‍स के तौर पर नया टैक्‍स देना होगा। यह टैक्‍स ऐसे लोगों को देना होगा जो म्‍युचुअल फंड में निवेश करते हैं। आदिल शेट्टी का कहना है कि यह नया टैक्‍स है। लेकिन इस टैक्‍स के बावजूद म्‍युचुअल फंड और एसआईपी निवेश के आकर्षक विकल्‍प है। इसका कारण भारतीय इकोनॉमी में ग्रोथ की रफ्तार और संभावनाएं हैं। सरल शब्‍दों में अगर आप एसआईपी में लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं और आपको सालाना 1 लाख रुपए से अधिक रिटर्न मिल रहा है तो आप 10 फीसदी लॉग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स से बच नहीं सकते हैं। 

 

 

कुल टैक्‍स पर 1 फीसदी ज्‍यादा देना होगा टैक्‍स 

अगर आपकी इनकम पर टैक्‍स बनता है तो अब आपको कुल इनकम टैक्‍स पर 1 फीसदी ज्‍यादा टैक्‍स देना होगा। आम बजट में कुल टैक्‍स पर सेस 3 फीसदी से बढ़ा कर 4 फीसदी कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि इस सेस से कलेक्‍ट हुआ पैसा नेशनल हेल्‍थ प्‍लान पर खर्च किया जाएगा। 

 

 

 

 

 

 

 

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