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आम बजट 2018: टैक्‍स छूट में वृद्धि के अलावा समय पर मिले इनपुट टैक्‍स क्रेडिट- पीतल इंडस्‍ट्री

1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट 2018 से पीतल इंडस्ट्री भी काफी उम्मीदें लगाए हुए है।

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नई दिल्ली. 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट 2018 से पीतल इंडस्ट्री भी काफी उम्मीदें लगाए हुए है। पीतल कारोबार का हब कहलाने वाले उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और मेरठ के कारोबारी टैक्स में दी जाने वाली छूट की सीमा में तो बढ़ोत्तरी चाहते ही हैं, साथ ही उन्हें जीएसटी के तहत इनपुट टैक्‍स क्रेडिट जल्‍द दिए जाने की भी दरकार है।  

 

इनपुट टैक्स क्रेडिट के नाम पर फंसे हैं 5000 करोड़

कारोबारियों के लिए जीएसटी 6 महीने बाद भी परेशानी का सबब बना हुआ है। मुरादाबाद और मेरठ दोनों जगह के पीतल कारोबारी जीएसटी के तहत इनपुट टैक्‍स क्रेडिट को जल्‍द से जल्‍द दिए जाने की दिशा में कदम उठाए जाने की मांग कर रहे हैं। इनमें मैन्युफैक्चरर्स और एक्सपोर्टर दोनों शामिल हैं। अकबर ब्रास प्रॉडक्ट्स मुरादाबाद के इंप्लॉई शाहनवाज ने बताया कि जीएसटी की वजह से सरकार ने एक्सपोर्टर्स को मिलने वाला ड्यूटी ड्रॉ बैक घटा दिया। इसकी वजह कारोबारियों को वापस मिल जाने वाला इनपुट टैक्स क्रेडिट रहा। लेकिन एक्सपोर्टर्स को अभी तक इनपुट टैक्स क्रेडिट भी नहीं मिला है, जिसकी वजह से मुरादाबाद के कारोबारियों की 5000 करोड़ रुपए की पूंजी फंसी हुई है। 

 

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समय से मिले इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं तो बढ़ाया जाए ड्यूटी ड्रॉ बैक

शाहनवाज का कहना है कि कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट समय से मिल सके, इसकी तरफ सरकार को ध्यान देना चाहिए। अगर सरकार इनपुट टैक्स क्रेडिट समय पर नहीं दे पा रही तो ड्यूटी ड्रॉ बैक को बढ़ाए नहीं तो एक्सपोर्टर्स को जीएसटी से बाहर रखे।  

 

टैक्‍स में छूट के साथ बढ़े सरकारी सपोर्ट 

वर्चुअल मेटल वर्क्स, मेरठ के आलोक कुमार ने moneybhaskar.com को बताया कि सरकार को आगामी बजट में टैक्स में मिलने वाली छूट की सीमा को बढ़ाने के बारे में विचार करना चाहिए। इससे छोटे पैमाने के बिजनेस को राहत मिलेगी और कारोबार आगे बढ़ सकेगा। साथ ही बजट में छोटे बिजनेस के लिए मिलने वाले सरकारी सपोर्ट को भी बढ़ाया जाना चाहिए। 

 

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वैट में टैक्स मुक्त आइटमों को अभी भी मिले छूट 

मेरठ के एक अन्य कारोबारी का कहना है कि जीएसटी में पीतल के आइटम्स पर टैक्स को कम किया जाए। साथ ही जिन आइटम्स पर वैट के दौरान टैक्स से छूट थी, उन्हें जीएसटी में भी टैक्स फ्री किया जाए या फिर उन पर टैक्स की दर 5 फीसदी की जाए।

 

कई लोग बंद कर चुके हैं कारोबार 

मुरादाबाद में कई लोगों ने जीएसटी के बाद अपने बिजनेस बंद कर दिए हैं क्योंकि लोगों के पास बिजनेस को आगे बढाने के लिए पैसे नहीं हैं। इसकी वजह से कई वर्कर्स को घर बैठना पडा है और कई अन्य तरह के कामों जैसे रिक्शा चलाकर आजीविका कमा रहे हैं।

 

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