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बजट 2018 : रियल एस्टेट पर GST को और अधिक तर्कसंगत बनाया जाए

रिएल एस्टेट डेवलपर्स के संगठन नेशनल रिएल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) ने सरकार से कहा है कि आम बजट 2018-19 में डेवलपर्स और होम बायर्स को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न कर छूट एवं अन्य प्रावधान किए जाएं ताकि नए घरों की सप्‍लाई और बायर्स की बाइंग कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके। इससे सरकार के साल 2022 तक सभी को घर देने के टारगेट को हासिल करने में मदद मिलेगी। इंडस्‍ट्री के दर्जे की मांग इस संबंध में, नारेडको ने अपने बजट पूर्व ज्ञापन को सरकार को सौंपा है। इस बारे में जानकारी देते हुए नारेडको के चेयरमैन राजीव तलवार ने कहा कि रियल एस्‍टेट सेक्टर को इंडस्‍ट्री का दर्जा देने की मांग काफी समय से लंबित है। सरकार को डेवलपर्स को फंड्स तक बेहतर पहुंच बनाने में मदद करनी चाहिए और साथ ही सेक्‍टर में मांग बढ़ाने के लिए घर खरीदारों के लिए अधिक प्रोत्साहनों की भी घोषणा करनी चाहिए, क्‍योंकि रियल एस्टेट सेक्टर इस समय काफी कठिन चुनौतियों का सामना कर रहा है। जीएसटी की दर घटाई जाए नारेडको की सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि निर्माण के तहत घरों पर जीएसटी की दर को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया जाए और जीएसटी लागू करते हुए घर की कुल कीमत में जमीन की कीमत की छूट को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया जाए। इससे प्रॉपर्टी पर कर की लागत दर को 6 प्रतिशत तक लाया जा सकेगा।

Money Bhaskar

Jan 17,2018 08:18:00 PM IST

नई दिल्ली। रिएल एस्टेट डेवलपर्स के संगठन नेशनल रिएल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) ने सरकार से कहा है कि आम बजट 2018-19 में डेवलपर्स और होम बायर्स को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न कर छूट एवं अन्य प्रावधान किए जाएं ताकि नए घरों की सप्‍लाई और बायर्स की बाइंग कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके। इससे सरकार के साल 2022 तक सभी को घर देने के टारगेट को हासिल करने में मदद मिलेगी।

इंडस्‍ट्री के दर्जे की मांग
इस संबंध में, नारेडको ने अपने बजट पूर्व ज्ञापन को सरकार को सौंपा है। इस बारे में जानकारी देते हुए नारेडको के चेयरमैन राजीव तलवार ने कहा कि रियल एस्‍टेट सेक्टर को इंडस्‍ट्री का दर्जा देने की मांग काफी समय से लंबित है। सरकार को डेवलपर्स को फंड्स तक बेहतर पहुंच बनाने में मदद करनी चाहिए और साथ ही सेक्‍टर में मांग बढ़ाने के लिए घर खरीदारों के लिए अधिक प्रोत्साहनों की भी घोषणा करनी चाहिए, क्‍योंकि रियल एस्टेट सेक्टर इस समय काफी कठिन चुनौतियों का सामना कर रहा है।

आम बजट 2018 - बजट से पहले आज 80 प्रोडक्ट पर घट सकता है GST रेट

जीएसटी की दर घटाई जाए
नारेडको की सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि निर्माण के तहत घरों पर जीएसटी की दर को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया जाए और जीएसटी लागू करते हुए घर की कुल कीमत में जमीन की कीमत की छूट को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया जाए। इससे प्रॉपर्टी पर कर की लागत दर को 6 प्रतिशत तक लाया जा सकेगा।

हाउसिंग सेक्‍टर को 80आईबीए के दायरे में लाएं
नारेडको ने सुझाव दिया है कि पूरे हाउसिंग सेक्‍टर को पीएमएवाई के तहत 30 से 150 वर्ग मीटर तक कारपेट एरिया वाले घरों को, आईटी अधिनियम 2016 की धारा 80 आईबीए के दायरे में लाया जाना चाहिए, जो फिलहाल 60 वर्ग मीटर तक की कारपेट एरिया तक ही सीमित है। इससे किफायती घरों के निर्माण करने वाले निजी डेवलपर्स को बड़े स्तर पर घर निर्माण योजनाएं शुरू करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और सरकार को भी 2022 तक 20 मिलियन घरों की आपूर्ति की जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी। धारा 80आईबीए ऐसे कारोबार से प्राप्त लाभ में 100 प्रतिशत कर छूट की कटौती प्रदान करती है।

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ब्‍याज सब्सिडी बढ़ाने की मांग
घर खरीदारों को प्रोत्साहित करने के लिए, नारेडको ने आवास ऋण पर ब्याज की सीमा में वृद्धि का सुझाव दिया है और इसे 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए करने की मांग की है।

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कैपिटल गेन टैक्‍स में छूट
आवासीय स्टॉक में वृद्धि करने के लिए, नारेडको ने सुझाव दिया है कि यदि कैपिटल गेन को घरों (एक या अधिक) के निर्माण में निवेश किया जाए तो कैपिटल गैन टैक्‍स से छूट दी जानी चाहिए।

रेंटल हाउसिंग को छूट
अन्य विकासशील और विकसित देशों के मुकाबले देश में किराए के लिए आवासीय निर्माण का रूझान काफी कम है और इसे को प्रोत्साहित करने के लिए, नारेडको ने किराए से होने वाली अय पर 10 प्रतिशत एकमुश्त कर या कर कटौती को 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का सुझाव दिया है। इसके अलावा, नारेडको ने डेवलपर्स द्वारा व्यापार में स्टॉक के रूप में रखी संपत्ति से धारणात्मक आय के विकल्प को भी हटाने का सुझाव दिया है।

ईज ऑफ डुइंग बिजनेस
ईज ऑफ डुइंग बिजनेस और इन्‍वेस्‍टमेंट को आकर्षित करने के लिए, नारेडको ने एक ऑनलाइन, सुव्यवस्थित और केंद्रीकृत परियोजना स्वीकृति प्रक्रिया को शुरू करने का भी सुझाव दिया है।

प्रॉफिट पर टैक्‍स
नारेडको ने भी लाभ पर टैक्स की गणना के लिए सर्कल रेट के आधार पर या आईटी अधिनियम 1961 के अनुच्छेद 43 सीए के लाभ के आधार पर काल्पनिक आय को दूर करने का सुझाव दिया है।

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