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बजट 2018 : रेलवे की कैपेसिटी जनरेशन पर रहा फोकस, लेकिन कहां से आएगा पैसा

फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने रेलवे सेक्‍टर के लिए लोकलुभावन बजट की घोषणा नहीं की।

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नई दिल्‍ली। फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने रेलवे सेक्‍टर के लिए लोकलुभावन बजट की घोषणा नहीं की। हालांकि उन्‍होंने बजट में किराया बढ़ाने की घोषणा न करके पैसेंजर्स को राहत जरूर दी है, लेकिन बजट रेलवे के पॉलिसी ओरिएंटेड रहा। जेटली ने रेलवे को 1.48 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की है। एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि जेटली ने रेलवे की जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए महत्‍वपूर्ण घोषणाएं की हैं। जैसा कि, अनुमान लगाया जा रहा था कि यह बजट चुनावी हो सकता है, लेकिन जेटली ने ऐसा नहीं किया। 

 

कैपेसिटी जनरेशन पर रखा फोकस 
आम बजट में रेलवे के कैपेसिटी जनरेशन पर खासा फोकस किया गया। इंडियन रेलवे के रिटायर्ड जनरल मैनेजर एके पूठिया ने moneybhaskar.com से कहा कि रेलवे में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर ध्‍यान देने की बहुत जरूरत है। यही काम फाइनेंस मिनिस्‍टर ने किया है। उन्‍होंने घोषणा की है कि रेलवे की 3600 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई जाएंगी। उन्‍होंने इलेक्ट्रिफिकेशन पर भी जोर दिया है। रेलवे के लिए यह अहम कदम है। ट्रैकों के डबलिंग और मेंटनेंस पर फोकस किया गया है। 

 

इमेज बिल्डिंग की कोशिश 
फाइनेंस मिनिस्‍टर ने रेलवे के इमेज बिल्डिंग का भी ध्‍यान रखा है। यही वजह है कि रेलवे स्‍टेशनों की दशा में सुधार करने और एस्‍कलेटर जैसी सुविधाएं देने की घोषणाएं की गई है। पूठिया के मुताबिक, अभी रेलवे को कैपेसिटी बिल्डिंग पर ज्‍यादा फोकस करने की जरूरत है। जरूरत इस बात की है कि पीक सीजन पर भी लोगों को ट्रेनें उपलब्‍ध हों। पैसेंजर्स समय पर अपना स्‍थान पर पहुंचें और उनका सफर पूरी तरह सुरक्षित हो। हालांकि बजट में इसका प्रयास किया गया है, लेकिन यह काम लोगों को नहीं दिखेगा, शायद इसलिए सरकार ने रेलवे की इमेज में सुधार के  लिए ऐसे कदम उठाए हैं, जिसकी बिजिबिलिटी हो। यानी, लोगों को रेलवे द्वारा किया गया काम दिखाई दे। 

 

कहां से आएगा पैसा 
फाइनेंस मिनिस्‍टर ने बजट की अलोकेशन तो बढ़ा दी है, लेकिन यह पैसा आएगा कहां से? पूठिया के मुताबिक, अभी एक्‍सटर्नल बजटरी रिसोर्स (ईडीआर) के बारे में डिटेल आनी है। ईडीआर का मतलब होता है कि फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन से फाइनेंस का इंतजाम किया जाता है। रेलवे दूसरे सोर्सेज से भी पैसा इकट्ठा करता है। लोन लिया जाता है। बॉन्‍ड जारी किए जाते हैं और कई प्रोजेक्‍ट पीपीपी मोड पर किए जाते हैं, जिससे रेलवे की रेवेन्‍यू की दिक्‍कत नहीं रहती। 

 

राज्‍यों से मिलेगा सपोर्ट 
पूठिया के मुताबिक, पिछले दो तीन साल से रेलवे ने राज्‍यों से कहा है कि यदि वे अपने राज्‍य में रेलवे की सर्विसेज बढ़ाना चाहते हैं तो उन्‍हें 50 फीसदी हिस्‍सेदारी करनी होगी। इससे रेलवे को सपोर्ट मिलता है। दक्षिण राज्‍य इसके लिए तेजी से आगे आए हैं। जो एक बेहतर पहल है, जिससे रेलवे का खर्च भी कम हो रहा है और ऑपरेटिंग कॉस्‍ट भी घटी है। 

 

क्‍या हैं प्रमुख घोषणाएं 
रेलवे को मिला 1.48 लाख करोड़ 
3600 किमी बिछेंगी नई पटरियां 
600 स्‍टेशनों का डेवलपमेंट होगा 
700 नए रेल इंजन तैयार होंगे 
25 हजार फुटफॉल वाले स्‍टेशन पर एस्‍कलेटर 
सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों को वाई-फाई और सीसीटीवी से लैस किया जाएगा 

 

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