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LTCG टैक्स बिगाड़ेगा इन्वेस्टर्स का सेंटीमेंट, नए निवेश से बना सकते हैं दूरी

बजट में सरकार ने शेयर से होने वाली कमाई पर लॉन्ग्‍ा टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCGT) लगाने का एलान किया है।

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नई दिल्ली। बजट में सरकार ने शेयर से होने वाली कमाई पर लॉन्ग्‍ा टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCGT) लगाने का एलान किया है। इसके तहत एक साल से ज्यादा रखे गए शेरों पर अगर 1 लाख से ज्यादा इनकम होती है तो निवेशकों को 10 फीसदी टैक्स देना होगा। मार्केट एक्सपटर्स की राय है कि यह शेयर मार्केट के लिए निगेटिव खबर है और इससे निवेशकों में मार्केट को लेकर सेंटीमेंट पर असर होगा। बता दें कि बजट में LTCGT के एलान के बाद मार्केट में तेज गिरावट आई थी। 

 

ऐसे लगेगा LTCG टैक्स

 

निवेश राशि तारीख निकासी राशि निकासी तारीख टैक्स
2 लाख रु 31 जनवरी 2017 3.6 लाख रु 31 जनवरी 2018 के बाद लेकिन 31 मार्च 2018 के पहले कोई टैक्स नहीं
2 लाख रु 31 मार्च 2017 4 लाख रु  3 अप्रैल 2018 1 लाख से ज्यादा की कमाई पर 10% टैक्स
1 लाख रु 25 जून 2017 1.9 लाख रु 30 जून 2018 कोई टैक्स नहीं क्योंकि कमाई 1 लाख रु से कम है
2 लाख रु 15 जनवरी 2018 3.5 लाख रु 31 अगस्त 2018 1.5 लाख रु पर 15% टैक्स
3 लाख रुपए 10 दिसंबर 2017 4.2 लाख रु 15 दिसंबर 2018 20,000 रुपए पर 10% टैक्स


STT  को भी नहीं हटाया 
सरकार अभी शेयर से होने वाली इनकम पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स लगाती है। अभी 1 साल से कम समय में शेयर बेचने पर 15 फीसदी का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होता है।  वहीं, बजट में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स को हटाने का भी एलान नहीं किया गा है। इसका मतलब है कि निवेशकों को दोनों तरह के टैक्स देने होंगे। ऐसा मिने-चुने देशों में ही हो रहा है। माना जा रहा था कि सरकार ने अपना रेवेन्यू बढ़ाने के लिए यह कदम उठा सकती है। वहीं, म्यूचुअल फंड भी निवेशकों को जो कमाई डिस्ट्रिब्यूट करेंगे उस पर भी 10 फीसदी टैक्स लगेगा।

 

निगेटिव सेंटीमेंट बनने का डर
अशोक माहेश्‍वरी एंड एसोसिएट्स के पार्टनर अमित माहेश्‍वरी का कहना है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स शेर मार्केट के लिए निगेटिव खबर है। इससे उन निवेशकों को सेंटीमेंट निगेटिव बनेगा जो शेयर मार्केट की ओर शिफ्ट हो रहे थे या इसकी प्लानिंग में थे। इससे उनका रूझान इक्विटी मार्केट की जगह गोल्ड और प्रॉपर्टी में बढ़ सकता है। 

 

बैलेंस करने का भी प्रयास
नांगिया एंड कंपनी मैनेजिंग पार्टनर राकेश नांगिया का कहना है कि सरकार ने 1 साल से ज्‍ृयादा रखे गए शेयरों पर होने वाली 1 लाख से ज्यादा कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स तो लगाया है। लेकिन, 31 जनवरी 2018 तक शेर से होने वाली इनकम को इससे दूर रखा है, यह बैलेंस करने का बेहतर उपाय है। 

 

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पहले लिया जाता था LTCGT
2005 तक शेयर बाजार की कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता था, लेकिन शेयर बाजार में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए इसे हटा लिया गया था। हाल के दिनों में रिटेल निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बाजार में निवेश करने लगे हैं। शेयर बाजार में औसतन निवेश हर महीने करीब 100 करोड़ डॉलर है। म्‍यूचुअल फंड फोलियो की तादाद 2017 में 1.37 करोड़ बढ़ोतरी हुई है, अब ये 6.65 करोड़ पहुंच गई है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगाने के पीछे सरकार की मंशा ये भी थी कि उससे टैक्स और जीडीपी का अनुपात बेहतर किया जा सकेगा।

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