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बजट 2018 : कॉरपोरेट से मुकाबले के लिए छोटे कारोबारियों को सपोर्ट करे सरकार - गोयनका

आम बजट 2018 से माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) सेक्‍टर को काफी उम्‍मीदे हैं।

बजट 2018 : कॉरपोरेट से मुकाबले के लिए छोटे कारोबारियों को सपोर्ट करे सरकार - MSMEs expected more in budget 2018 : एमएसएमई को बजट से बड़ी उम्‍मीदें

नई दिल्‍ली। आम बजट 2018 से माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) सेक्‍टर को काफी उम्‍मीदे हैं। एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम के चेयरमैन रजनीश गोयनका को उम्‍मीद है कि इस बजट में कई ऐसी घोषणाएं की जाएंगी, जिससे छोटे कारोबारी मजबूत होंगे और कॉरपोरेट व मल्‍टीनेशनल कंपनियों से मुकाबला कर सकेंगे। गोयनका ने कहा कि मोदी सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे एमएसएमई सेक्‍टर को सहूलियत बढ़ी हैं, लेकिन अभी भी कई मसले हैं, जिनका समाधान नहीं हुआ तो छोटे कारोबारियों की दिक्‍कत कम नहीं होगी। 

 

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बजट अलोकेशन बढ़ाया जाए 
moneybhaskar.com से बातचीत करते हुए गोयनका ने कहा कि सरकार को एमएसएमई सेक्‍टर के लिए बजट अलोकेशन बढ़ाना चाहिए,ताकि छोटे कारोबारियों को दी रही जा सुविधाओं का दायरा बढ़ सके और अधिक से अधिक कारोबारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। 

 

मुद्रा का दायरा बढ़े 
मोदी सरकार ने मुद्रा स्‍कीम के तहत छोटे कारोबारियों को लोन देने के लिए बड़ा बेहतर प्रयास किया है, लेकिन अब इसे और प्रमोट किया जाना चाहिए। इसका अलोकेशन बढ़ता है तो और अधिक कारोबारियों को लोन दिया जा सके, बल्कि बेरोजगार युवा भी बिजनेस के लिए प्रेरित होंगे। 

 

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एमएसएमई की परिभाषा बदली जाए 
गोयनका ने कहा कि हमारी लम्‍बे समय से मांग रही है कि एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव किया जाए। एमएसएमई की परिभाषा सालों पुरानी है, जिसे बदला जाना चाहिए। सरकार भी मानती है कि इसमें बदलाव किया जान चाहिए, लेकिन न जाने क्‍यों, यह काम रुका हुआ है। हम चाहते हें कि 2 करोड़ रुपए सालाना कारोबार करने वालों को माइक्रो कैटेगिरी में रखा जाए, जबकि 10 करोड़ रुपए तक के कारोबारी को स्‍मॉल और 25 करोड़ रुपए तक के कारोबारी को मीडियम कैटैगिरी की इंडस्‍ट्री माना जाए। 

 

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सस्‍ते लोन की व्‍यवस्‍था हो 
गोयनका के मुताबिक, कारपोरेट सेक्‍टर के लिए लोन की कोई समस्‍या नहीं होती। बैंक 7 फीसदी ब्‍याज दर से लोन दे उेते हैं। विदेशों से भी उन्‍हें लोन मिल जाता है, लेकिन छोटे कारोबारी अपने देश के बैंक भी आसानी से लोन नहीं देते। उन्‍हें 14 फीसदी ब्‍याज दर पर लोन दिया जाता है और गारंटी मुक्‍त लोन हो तो 1 से 2 फीसदी ब्‍याज दर बढ़ जाती है। सरकार को इस बजट में एमएसएमई सेक्‍टर के लिए आसान लोन सुविधा की घोषणा करनी चाहिए। 

 

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कॉरपोरेट से मुकाबला कर सकें 
उन्‍होंने कहा कि सरकार से उम्‍मीद है कि इस बजट में एमएसएमई सेक्‍टर के लिए ऐसी घोषणाएं की जाएं, जिससे एमएसएमई की स्थिति मजबूत हो और वे एमएनसी और कॉरपोरेट सेक्‍टर से मुकाबला कर सकें। 

 

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