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बिज़नेस न्यूज़ » Budget 2018 » State/Election States1 घंटा 45 मिनट का रहा जेटली का भाषण , विवेकानंद से लेकर पकौड़े तक की हुई बात

1 घंटा 45 मिनट का रहा जेटली का भाषण , विवेकानंद से लेकर पकौड़े तक की हुई बात

नई दिल्‍ली। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को देश का आम बजट संसद में पेश किया। जेटली का  बजट स्‍पीच करीब पौने दो घंटे तक चला। इस लंबे भाषण का अधिककर हिस्सा वित्त मंत्री ने बैठकर पढ़ा।  लेकिन इस बजट में जेटली का शायरान अंदाज गायब था। 

दरअसल, वित्‍त मंत्री जेटली ने अब तक 3 बार जो आम बजट पेश किए थे उनमें हर बार शेरों - शायरी जरुर बोलते थे। लेकिन इस बार उम्‍मीद से उलट उन्‍होंने कुछ भी ऐसा नहीं किया।  

 

पीएम की तारीफ से आगाज 


इस बार उन्होंने बजट भाषण  की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तारीफ से की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अगुआई में सरकार ने सुधारों को सफलतापूर्वक लागू किया। जबकि अपने भाषण में स्वामी विवेकानंद के संस्मरण से की। स्वामी विवेकानंद ने यह संस्मरण अपनी यूरोप यात्रा के दौरान की थी।

 

स्वामी विवेकानंद से लेकर पकौड़े तक की बात 


वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट के अंत न्‍यू इंडिया का जिक्र छेड़ते हुए स्‍वामी विवेकानंद की जीवनी के शब्दों को कोट किया। अरुण जेटली ने कहा-स्वामी विवेकानंद ने भी यूरोप यात्रा के दौरान अपने संस्मरण में दशकों पहले कल्पना की थी। स्वामी विवेकानंद ने कहा था- आप स्वंय को उस रिक्ति में विलय कर दें और विलुप्त हो जाए तथा अपने स्थान पर नए भारत का सृजन होने दें। उसे किसान की झोपड़ी से , हल के जुए से,... झोपड़ी से उत्पन्न होने दें। उसे किराने की दुकान से तथा पकौड़ा, फल या सब्जी बेचने वाले के चूल्हें के बगल से सृजित होनें दे। उसे कारखानों से, हाटों से, बाजारों से उभरकर आने दें। उसे बागों-बगीचो से पहाड़ियों से तथा पर्वत श्रंखलाओं  से विकसित होने दें।  आगे भी पढ़ें... 

 

 

 

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