Home » Budget 2018 » Consumerबजट 2018 - सरकार ने बढ़ाई कस्‍टम ड्यूटी, महंगी हो जाएंगी मर्सडीज, BMW और ऑडी की कारें - luxury cars become expensive as custom duty hike in budget 2018

बजट 2018: महंगी हो जाएंगी मर्सडीज, BMW और ऑडी की कारें; जानिए क्या सस्ता-क्या महंगा

बजट 2018 में सरकार ने मेक इन इंडि‍या को बढ़ावा देने के लि‍ए कई प्रोडक्‍ट्स पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ा दि‍या है।

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नई दि‍ल्‍ली. बजट 2018 में सरकार ने मेक इन इंडि‍या को बढ़ावा देने के लि‍ए कई प्रोडक्‍ट्स पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ा दि‍या है। इसमें लग्‍जरी कार और बाइक्‍स भी शामि‍ल हैं। सरकार ने बजट 2018 में कम्‍पलि‍टली नॉक डाउन (CKD) और कम्‍पलि‍टली बि‍ल्‍ड यूनि‍ट (CBU) की इंपोर्ट ड्यूटी को 5 फीसदी बढ़ा दि‍या है। ऐसे में आने वाले दि‍नों में इन कारों और मोटरसाइकि‍ल्‍स की कीमतों में 5 फीसदी की बढ़ोतरी होनी तय है। 

 

कस्टम ड्यूटी कितनी बढ़ी?

- कम्‍पलीटली नॉक डाउन (CKD) पर लगने वाली कस्‍टम ड्यूटी को 10% से 15% तक कर दि‍या है। वहीं, मोटर व्‍हीकल्‍स के कम्‍पलि‍टली बि‍ल्‍ड यूनि‍ट (CBU) इंपोर्ट को 20% से बढ़ाकर 25% कर दि‍या गया है।

 

कि‍तने बढ़ेंगे दाम?

- कस्‍टम ड्यूटी में इजाफा होने की वजह से इम्पोर्टेड मोटरसाइकि‍ल मैन्‍यूफैक्‍चरर्स जैसे हार्ले डेवि‍डसन और ट्रम्‍फ की ओर से नॉक्‍ड डाउन मॉडल्‍स की कीमतें 15 हजार रुपए से 50 हजार रुपए तक बढ़ सकती हैं। वहीं, मर्सडीज-बेंज, बीएमडब्‍ल्‍यू, ऑडी की कीमतों में करीब 1.25 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक का इजाफा हो सकता है। पूरी तरह से इंपोर्ट होने वाली बसों की कीमतों में भी 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक का इजाफा होगा। 

 

इंपोर्टेड व्‍हीकल पार्ट्स भी होंगे महंगे

- भारत में मैन्‍युफैक्‍चरिंग को बढ़ावा देने के लि‍ए वि‍त्‍त मंत्री अरुण जेटली ने नॉक्‍ड डाउन रूप में इंपोर्ट होने वाले मोटर व्‍हीकल पार्ट्स, एक्‍सेसरीज, कार्स, बाइक्‍स और एसयूवी की बेसि‍क कस्‍टम ड्यूटी को 5% से 7.5% बढ़ा दि‍या है। मोटर व्‍हीकल, मोटर कार्स और मोटरसाइकि‍ल के कम्‍पलीटली नॉक्‍ड डाउन इंपोर्ट के लि‍ए बेसि‍क कस्‍टम ड्यूटी को 10% से बढ़ाकर 15% कर दि‍या है।

 

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट?

सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) के डि‍प्‍टी डायरेक्‍टर जनरल सुगातो सेन ने बताया कि‍ कॉम्‍पोनेंट पर ड्यूटी बढ़ने से पूरी ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री पर असर पड़ेगा। क्‍योंकि‍ सभी कंपनि‍यां कोई न कोई काम्पोनेंट्स इंपोर्ट करती हैं, ऐसे में इंपोर्ट में इजाफे का असर सभी पर पड़ेगा। वहीं, जो ज्‍यादा इंपोर्ट करती हैं उन पर ज्‍यादा असर पड़ेगा।

 

क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?

सस्ता महंगा
कच्चा काजू मोटर व्हीकल के स्पेसिफाइड पार्ट्स/एसेसरीज
एलएनजी इम्पोर्टेट कार और बाइक्स
निकल सेलुलर मोबाइल फोन
मोबाइल चार्जर पॉलिश्ड और कटिंग वाले कलर्ड रत्न
सोलर टेम्पर्ड ग्लास (सोलर पैनल बनाने में होता है इस्तेमाल) डायमंड्स, सोने-चांदी का एक्सपोर्ट
  सजावटी ज्वेलरी
  वेजिटेलबल जूस, ऑरेंज और क्रेन बेरी जैसे फ्रूट जूस
  परफ्यूम्स एंड टॉयलेट वाटर
  सनस्क्रीन, सनटैन, मैनीक्योर और पैडीक्योर के सामान
  प्री-शेव, शेविंग और आफ्टर शेविंग के सामान
  सिल्क फैब्रिक, फुटवियर
  रिस्ट वॉच, स्मार्ट वॉच, पहनने वाली डिवाइस
  LCD, LED, OLED पैनल्स, LCD, LED, OLED के दूसरे पार्ट्स
  कैंडल, पतंग, सन ग्लास, सिगरेट, तंबाकू, गुटखा, खाने वाला तेल

 

 

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