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आम बजट 2018: क्‍यों खास है इस बार का बजट

1 फरवरी नजदीक आ चुकी है, साथ ही बजट का दिन भी।

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नई दिल्‍ली. 1 फरवरी नजदीक आ चुकी है, साथ ही बजट का दिन भी। इस वक्‍त सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार बजट में क्‍या खास पेश करने वाली है। इस बार का बजट कई मायनों में खास है। एक तो इसलिए कि यह जीएसटी के बाद का पहला बजट है। आइए आपको बताते हैं कि इसके अलावा इस बार भारत का यूनियन बजट 2018 और किन मायनों में खास है। 

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मोदी सरकार का अंतिम फुल बजट

भले ही आगामी आम चुनाव अप्रैल-मई 2019 से पहले न हों लेकिन फिर भी यह सरकार का अंतिम फुल बजट है। वह इसलिए क्‍योंकि चुनाव नजदीक होने पर सरकार चुनावों के लिए सरकारी खर्च को संसद की मंजूरी के लिए पेश करती है। इसे वोट ऑन अकाउंट कहा जाता है। इसके बाद इस खर्च को मिलाकर नई बनी सरकार एक फुल बजट पेश करती है। 

 

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GST के बाद का पहला बजट


इस बार का बजट देश में GST लागू होने के बाद का पहला आम बजट है। बजट में डायरेक्‍ट व इनडायरेक्‍ट टैक्‍स दोनों के लिए घोषणाएं होती हैं लेकिन चूंकि GST में सभी तरह के इनडायरेक्‍ट टैक्‍स समाहित हो चुके हैं। इसलिए इस बार केवल डायरेक्‍ट टैक्‍स व GST के बाहर वाली चीजों के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स पर घोषणाएं होंगी।
 
आगे पढ़ें- छोटी होगी बजट स्‍पीच

छोटी होगी बजट स्‍पीच 

वित्‍त मंत्री के बजट भाषण के दो हिस्‍से होते हैं। पहले हिस्‍से में नई स्‍कीम्‍स, मौजूदा स्‍कीम्‍स के लिए नए बदलाव और सेक्‍टर्स पर फोकस किया जाता है। दूसरे हिस्‍से में इनकम टैक्‍स व कॉरपोरेट टैक्‍स जैसे डायरेक्‍ट टैक्‍स और केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क जैसे इनडायरेक्‍ट टैक्‍स को लेकर घोषणाएं होती हैं। लेकिन GST लागू होने के बाद अब बजट में डायरेक्‍ट टैक्‍स के अलावा केवल उन्‍हीं इनडायरेक्‍ट टैक्‍स को लेकर घोषणाएं होंगी, जो GST के बाहर हैं। 

 

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बहुत ज्‍यादा हैं उम्‍मीदें 

इस बार के बजट में इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्‍स की दरों में कटौती के साथ किसी सेक्‍टर विशेष के लिए अलग से घोषणाओं की बहुत ज्‍यादा उम्‍मीद है। इसकी वजह है कि किसी भी सरकार के अंतिम फुल बजट पर आगामी चुनावों को लेकर ज्‍यादा फोकस और ज्‍यादा उम्‍मीदें होती हैं। लोगों का मानना होता है कि सरकार आगामी चुनावों के लिए वोटर को लुभाने के लिहाज से भी कदम उठाती है। हालांकि पीएम मोदी अपने एक इंटरव्‍यू में इस बात का संकेत दे चुके हैं कि बजट में लोगों को लुभाने के लिहाज से कोई कोशिश नहीं की जाएगी। 

 

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