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बजट 2018: जेटली कर दें ये 5 काम, तो आ जाएंगे लोगों के अच्‍छे दिन

बजट में मोदी सरकार युवाओं, किसानों और नौकरीपेशा का खयाल रखकर अच्‍छ दिल ला सकती है...

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नई दिल्‍ली. करीब 3.5 साल पहले पीएम मोदी जब सत्‍ता में आए थे, तो उन्‍होंने देश के लोगों को सपना दिखाया था कि अच्‍छे दिन जरूर आएंगे। हालांकि विपक्ष समेत बहुत से लोगों को आरोप है कि सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया, जिससे लगे कि लोगों के अच्‍छे दिन आ गए हैं।  इसीलिए 1 फरवरी को अरुण जेटली जब वित्‍त वर्ष 2018-19 के लिए बजट पेश करेंगे तो उनकी कोशिश होगी कि वह लोगों को कुछ ऐसी सौगातें जरूर दें , जिससे उन्‍हें राहत मिले  और लगे कि अच्‍छे दिन आ गए हैं। 

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बजट से ठीक पहले हम आपको कुछ ऐसे ही कदमों के बारे में बता रहे हैं, जिसे अगर जेटली उठाते हैं तो आम लोगों को जरूर लगेगा कि उनके अच्‍दे दिन आ रहे हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही कदमों के बारे में.... 

 

1- टैक्‍स छूट
टैक्‍स भरने वालों में नौकरीपेशा लोगों की तादाद सबसे ज्‍यादा है। किसी तरह की टैक्‍स छूट उन्‍हें सीधा राहत देगी। 

 

हार्ड फैक्‍ट 
लंबे समय से टैक्‍स छूट की सीमा 2.5 लाख बनी हुई है। ऐसे में आम लोग सबसे ज्‍यादा इसी बात का इंतजार कर रहे हैं कि उन्‍हें टैक्‍स छूट मिले। लोग मीडिया समेत कई फोरम पर अपनी बात दर्ज भी करा चुके हैं। अगर मोदी सरकार यह कदम उठाती है तो करोड़ों लोगों को फायदा होगा।      

 

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2- यूनिवर्सल हेल्‍थ स्‍कीम
 

क्‍यों है जरूरी 
सरकार की दो स्‍कीम जन धन से करीब 38 करोड़ और सुरक्षा बीमा योजना से करीब 18 करोड़ लोग जुड़े। इसी तरह की योजना से देश की 25 फीसदी आबादी  लाभन्वित हो सकती है। 

 

हार्ड फैक्‍ट 
कई बार देखा जाता है कि कॉमन मैन की सालों की बचत एक बार की बीमारी में चट हो जाती है। लंबे समय से यह मांग हो रही है कि विदेशों के तर्ज पर ऐसी कोई स्‍कीम आए। अगर सरकार इस तरह की हेल्‍थ स्‍कीम का ऐलान करती है तो उससे देश की बड़ी आबादी को अपनी हेल्‍थ से जुड़ी जरूरतों के लिए दर दर भटकना नहीं पड़ेगा। गरीबों और मिडिल क्‍लास को सीधी बड़ी राहत मिल सकती है।  

 

 

3- उपज की सही कीमत

 

क्‍यों है जरूरी 
देश की 50 फीसदी से ज्‍यादा आबादी खेती पर निर्भर है। कोई भी बड़ा और सटीक कदम आधी आबादी को टच करेगा।  

 

हार्ड फैक्‍ट 
मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ा चैलेंज किसानों के मोर्चे पर है। 2014 में मोदी ने दावा किया था कि उनकी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर देगी। हालांकि पिछले साल हुए किसाना आंदोलन और हाल का इकोनॉमिक सर्वे दोनों बताते हैं कि मोदी इस मोर्चे पर अब भी फेल है। अगर सरकार बिचौलियों को खत्‍म करने और किसानों को उपज की वाजिब कीमत दिलाने के लिए कदमों का ऐलान करती है तो खेती किसानी को लाभ मिलेगा।   

 

 

4-रोजगार

क्‍यों है जरूरी  
देश की 65 करोड़ आबादी 35 साल से नीचे के लोगों की है। रोजगार का बड़ा ऐलान देश की आधी आबादी को टच कर सकता है।   

 

हार्ड फैक्‍ट  
रोजगार मोदी सरकार की सबसे दुखती रग रही है। हाल में आई कई रिपोर्ट बताती हैं कि रोजगार पैदा करने वाली स्किल डेवलपमेंट जैसी कई योजनाएं अब भी सिरे नहीं चढ़ पाई हैं। मोदी युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय भी हैं। भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। 


 

5- कैपिटल गेन टैक्‍स की छूट बरकरार रखना  

 

क्‍यों है जरूरी 
रिटेल इन्‍वेस्‍टर्स का भरोसा कमजोर होगा और पीक पर चल रहा स्‍टॉक मार्केट तेजी के साथ गिरेगा। 

 

हार्ड फैक्‍ट 
दरसअल 1  साल से अधिक की अवधि में शेयर या स्‍टॉक मार्केट से हुए मुनाफे सरकार टैक्‍स नहीं लेती है। हालांकि कहा रहा रहा है कि सरकार यह सीमा 2 साल करने जा रही है। स्‍टॉक मार्केट अभी पीक पर है। ऐसे में सरकार अगर यह कदम उठाती है तो रिटेल इन्‍वेस्‍टर्स का भरोसा कमजोर होगा और मार्केट में गिरावट आएगी।  

 

  

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