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बजट 2018 : पेंशन प्‍लान लाने की भी MF को मिले छूट

म्‍युचुअल फंड को भी NPS (नेशनल पेंशन प्‍लान) जैसे प्‍लान लाने की इजाजत मिलनी चाहिए।

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नई दिल्‍ली. म्‍युचुअल फंड को भी NPS (नेशनल पेंशन प्‍लान) जैसे प्‍लान लाने की इजाजत इस बजट में मिलनी चाहिए। इससे लोगों को के पास लम्‍बे समय में वैल्‍थ क्रियेट करने का जहां एक और माध्‍मय मिलेगा वहीं म्‍युचुअल फड इंडस्‍ट्री के विस्‍तार भी होगा। ऐसा होने से म्‍युचुअल फंड उन लोगों के लिए भी आकर्षक हो सकते हैं जो अभी इससे दूर हैं। सरकार को इस आम बजट 2018 में कुछ ऐसे प्रावधन लाने चाहिए।

 

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बजट 2018 - MF में मिले रिटायरमेंट फंड लाने की सुविधा

नेशनल पेंशन स्‍कीम्‍स (NPS) की तरह म्‍युचुअल फंड में भी पेंशन प्‍लान की शुरुआत की जानी चाहिए। इसमें निवेशकों को इक्विटी या डेट और दोनों का मिक्‍स का आप्‍शन मिलना चाहिए। यहां पर सरकार चाहे तो लॉकइन पीरियड 20 से 30 साल का रख सकती है। इस निवेश पर सरकार को अतिरिक्‍त टैक्‍स की छूट भी देनी जानी चाहिए।

 

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बजट 2018 - KYC के लिए सेंट्रलाइज्‍ड व्‍यवस्‍था बने

आधार को लिंक कराने के लिए सेंट्रलाइज्‍ड व्‍यवस्‍था बनानी चाहिए। आधार को अभी हर जगह जोड़ने के लिए कहा जा रहा है। लोगों का निवेश कई फंड्स में होता है, इसके अलावा स्‍टॉक एक्‍सचेंज और बीमा सहित कई वित्‍तीय प्रॉडक्‍ट लोगों के पास होते हैं। इसलिए सभी में आधार जोड़ने के लिए कोई सेट्रलाइज्‍ड व्‍यवस्‍था बनानी चाहिए, यहां पर आधार के अलावा पैन को जोड़ने से लेकर सभी तरह की KYC कराई जा सके। उनके अनुसार जब म्‍युचुअल फंड में निवेश केवल बैंक के माध्‍यम से ही किया जा सकता है और कैश कराने पर पैसा भी बैंक खाते में ही आता है, ऐसे में बार-बार निवेशकों से पैन और अन्‍य कागजात मांगना कठिन नियम हैं, इनमें ढील मिलनी चाहिए।

 

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आंकड़ों में म्‍युचुअल फंड की ग्रोथ

-नवबंर 2017 तक आसेट 22.79 लाख करोड़ रुपए

-31 मार्च 2007 में आसेट 3.26 लाख करोड़ रुपए

-10 साल में यह 7 गुना से ज्‍यादा बढ़ी

-फोलियो की संख्‍या 6.49 करोड़

 

(लेखक धीरेन्‍द्र कुमार वैल्‍यू रिसर्च के सीईओ हैं।)

 

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