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ऑटो एक्सपो 2018 - टाटा, ह्युंडई, महिंद्रा समेत कई कंपनि‍यां बढ़ा सकती हैं दाम, जल्‍द महंगी होंगी चुनिंदा कारें

मर्सडीज-बेंज, बीएमडब्‍ल्‍यू, ऑडी के अलावा टाटा मोटर्स, ह्युंडई और महिंद्रा जैसी कंपनि‍यों भी चुनिंदा मॉडल्‍स के दाम बढ़ा

ऑटो एक्सपो 2018 - टाटा मोटर्स, ह्युंडई, महिंद्रा समेत कई ऑटोमोबाइल कंपनि‍यां बढ़ा सकती हैं दाम - automakers soon decided to hike price

 

नई दि‍ल्‍ली। ऑटोमोबाइल कंपनि‍यों का कहना है कि‍ आने वाले दि‍नों में अगर कॉम्‍पोनेंट इंपोर्ट महंगा होने से मैन्‍युफैक्‍चरिंग की लागत बढ़ी तो उन्‍हें इसका बोझ कस्‍टमर्स पर डालना होगा। दरअसल, बजट 2018 में सरकार ने मेक इन इंडि‍या को बढ़ावा देने के लि‍ए कई प्रोडक्‍ट्स पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ा दि‍या है। इसमें ऑटोमोबाल कॉम्‍पोनेंट्स और पार्ट्स भी शामि‍ल हैं। सरकार ने कम्‍पलि‍टली नॉक डाउन (CKD) और कम्‍पलि‍टली बि‍ल्‍ड यूनि‍ट (CBU) की इंपोर्ट ड्यूटी को 5 फीसदी बढ़ा दि‍या है। ऐसे में मर्सडीज-बेंज, बीएमडब्‍ल्‍यू, ऑडी के अलावा टाटा मोटर्स, ह्युंडई और महिंद्रा जैसी कंपनि‍यों भी चुनिंदा मॉडल्‍स के दाम बढ़ा सकती हैं।

 

कंपनि‍यों पर कीमत बढ़ाने का दबाव

 

टाटा मोटर्स के प्रेसि‍डेंट (पैसेंजर व्‍हीकल, बि‍जनेस यूनि‍ट) मयंक पारेख ने बताया कि‍ हम ज्‍यादा से ज्‍यादा प्रोडक्‍शन को लोकलाइज करने की कोशि‍श कर रहे हैं ताकि‍ इंपोर्ट ड्यूटी का इम्‍पैक्‍ट कम पड़े। लेकि‍न बि‍जनेस का साइज ज्‍यादा होने पर इंपोर्ट करना पड़ता है। जहां कीमतों की बात है तो कीमतों पर हमेशा ही दबाव बना रहता है। ऐसे में हम आगे भी कीमतों को बढ़ाने पर फैसला ले सकते हैं।

 

ह्युंडई मोटर के सीनि‍यर जनरल मैनेजर मार्केटिंग एंड ग्रुप हेड पुनीत आनंद ने बताया कि‍ ज्‍यादातर मॉडल्‍स की मैन्‍युफैक्‍चरिंग पूरी तरह से लोकल ही होती है लेकि‍न कुछ कारों जैसे टुंसा और इलेन्‍ट्रा के लि‍ए कॉम्‍पोनेंट को इंपोर्ट करना पड़ता है। ऐसे में कीमतों पर दबाव बढ़ने पर कस्‍टमर्स पर इसका बोझ डाला जा सकता है। हमारी कोशि‍श है कि‍ कस्‍टमर्स पर कम से कम बोझ पढ़े। इस मामले पर सभी कंपनि‍यों कीमतों को लेकर अपनी स्‍ट्रैटजी भी बना रही हैं।

 

पूरी इंडस्‍ट्री पर पड़ेगा असर

 

सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) के डि‍प्‍टी डायरेक्‍टर जनरल सुगातो सेन ने बताया कि‍ कॉम्‍पोनेंट पर ड्यूटी बढ़ने से पूरी ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री पर असर पड़ेगा। क्‍योंकि‍ सभी कंपनि‍यां कोई न कोई काम्पोनेंट्स इंपोर्ट करती हैं, ऐसे में इंपोर्ट में इजाफे का असर सभी पर पड़ेगा। वहीं, जो ज्‍यादा इंपोर्ट करती हैं उन पर ज्‍यादा असर पड़ेगा।

 

कस्टम ड्यूटी कितनी बढ़ी?

 

कम्‍पलीटली नॉक डाउन (CKD) पर लगने वाली कस्‍टम ड्यूटी को 10% से 15% तक कर दि‍या है। वहीं, मोटर व्‍हीकल्‍स के कम्‍पलि‍टली बि‍ल्‍ड यूनि‍ट (CBU) इंपोर्ट को 20% से बढ़ाकर 25% कर दि‍या गया है।

 

 

कि‍तने बढ़ेंगे दाम?

 

कस्‍टम ड्यूटी में इजाफा होने की वजह से इम्पोर्टेड मोटरसाइकि‍ल मैन्‍यूफैक्‍चरर्स जैसे हार्ले डेवि‍डसन और ट्रम्‍फ की ओर से नॉक्‍ड डाउन मॉडल्‍स की कीमतें 15 हजार रुपए से 50 हजार रुपए तक बढ़ सकती हैं। वहीं, मर्सडीज-बेंज, बीएमडब्‍ल्‍यू, ऑडी की कीमतों में करीब 1.25 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक का इजाफा हो सकता है। पूरी तरह से इंपोर्ट होने वाली बसों की कीमतों में भी 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक का इजाफा होगा।

 

इंपोर्टेड व्‍हीकल पार्ट्स भी होंगे महंगे

 

भारत में मैन्‍युफैक्‍चरिंग को बढ़ावा देने के लि‍ए वि‍त्‍त मंत्री अरुण जेटली ने नॉक्‍ड डाउन रूप में इंपोर्ट होने वाले मोटर व्‍हीकल पार्ट्स, एक्‍सेसरीज, कार्स, बाइक्‍स और एसयूवी की बेसि‍क कस्‍टम ड्यूटी को 5% से 7.5% बढ़ा दि‍या है। मोटर व्‍हीकल, मोटर कार्स और मोटरसाइकि‍ल के कम्‍पलीटली नॉक्‍ड डाउन इंपोर्ट के लि‍ए बेसि‍क कस्‍टम ड्यूटी को 10% से बढ़ाकर 15% कर दि‍या है।

 

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